डाईबेटीक डाइट के बारे में जानें – डॉ शिखा शर्मा

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अनहेल्थी खाने की आदतों के कारण दुनिया भर में मधुमेह या डाईबेटीज़ एक आम बीमारी बन गयी है।  डाईबेटीज़ के दो प्रकार होते हैं, जिसमें टाइप 1 अवस्था प्रारंभिक बचपन में स्वाभाविक रूप से उत्पन्न हो जाती  है और टाइप 2 जो आम तौर पर देखी जाती है और अधिक चिंताजनक होती है क्यूंकि यह अधिक वज़न होने से और खराब खाने की आदतों के कारण उत्पन्न होती है।

टाइप 2 डाईबेटीज़ तब होता है जब शरीर ब्लड शुगर के स्तर को स्वाभाविक रूप से नियंत्रित करने में विफल रहता है और ऊर्जा के स्रोत के रूप में उनका उपयोग करने के लिए भोजन को तोड़ना मुश्किल हो जाता है। इस कारणवश शरीर का मेटाबोलिक स्तर गिर जाता है और शरीर के वज़न और ब्लड शुगर के स्तर में वृद्धि होती है। इस तरह के परिदृश्य के लिए मुख्य अंतर्निहित कारण इंसान की खाने की आदतों से जुड़ा रहता है। हालांकि जानी मानी आहार विशेषज्ञ डॉ शिखा शर्मा के मुताबिक – “मधुमेह न केवल खाने की आदतों के कारण होता है, बल्कि यह तनाव स्तर, जीवन शैली में बदलाव और उचित अभ्यास की कमी के कारण भी होता है।”

डॉ शिखा शर्मा डाईबेटिक आहार के बारे में विस्तार से बात करतीं हैं –

मधुमेह से ग्रस्त व्यक्ति को क्या खाना चाहिए –

 

1.आवलें का रस –

आमला विटामिन C में समृद्ध है और यह आपके ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने में मदद करता है। रोजाना 2  चम्मच आवलें का रस 1 गिलास पानी में मिलाकर पीने से मदद मिलेगी।

 

2.प्याज़  –

प्याज़  एक प्राकृतिक मूत्रवर्धक है और हर दिन कच्चे प्याज़ का एक छोटा सा टुकड़ा खाने से मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

 

3.फल –

सेब, कीवी, संतरे, आड़ू जैसे फल मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ऐसे फल आपको आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हैं और इसमें फ्रक्टोज़ होता है जो धीमी गति से ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ाता है।

 

4.सब्जियां –

अपने आहार में अधिक सब्ज़ियों को शामिल करें। आप पालक, प्याज़, कद्दू, करेला, फूलगोभी, भिंडी जैसी सब्ज़ियां खाएं जो महीनों के भीतर आसानी से और स्वाभाविक रूप से मधुमेह को नियंत्रित करेगा।

 

इन खाने की चीज़ों से दूर रहें –

खाद्य पदार्थ जिनमें बहुत ज़्यादा चीनी मौजूद होती है और जो ग्लाइसेमिक इंडेक्स को बढ़ाती हैं जैसे सफ़ेद श्क्कर, आइसक्रीम, मैदा, रस्क, कैंड फलों के जूस जो ज़ीरो कैलोरी होने का दावा करते हैं और चीकू और आम जैसे चीनी से भरे फलों से भी दूर रहना चाहिए।

 

1.मीठे खाद्य पदार्थ –

किसी भी प्रकार की मिठाई, आइसक्रीम या चॉकलेट से दूर रहें क्योंकि यह आपके ब्लड शुगर के स्तर को तुरंत बढ़ाता है।

 

2.नमक –

यह ज़रूरी  नहीं हैं की डाईबेटिक लोगों को नमकीन खाने से पूरी तरह परहेज़ करना चाहिए, लेकिन इसके ऊपर नियंत्रण अवश्य रखें या नमक का सेवन कम करें, इससे आपको अपने रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

 

3.चावल-

सफेद चावल, सफेद रोटी और कुछ भी जो कार्ब्स से भरपूर हों, ऐसे खानों से दूर रहें।

 

4.डेरी उत्पादन –

आप ग्रीक दही और अन्य कम फैट वाले डेरी उत्पादों को खा सकते हैं जो वास्तव में आपके शरीर को आवश्यक कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन प्राप्त करने में मदद करेंगे। लेकिन अधिक फैट वाले दूध, घी, दही और पनीर खाने से बचें क्योंकि इससे आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर में वृद्धि होती है जिसके परिणामस्वरूप दिल की बीमारियां होती हैं।

डॉ शिखा शर्मा आगे कहतीं हैं की – “मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को न केवल अपने खाने पर नियंत्रण रखना चाहिए बल्कि नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और बेहतर परिणामों के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करना चाहिए।”

 

तो एक स्वस्थ और नियंत्रित ब्लड शुगर के स्तर के लिए नीचे दी गई युक्तियों का पालन अवश्य करें –

  • बहुत सारा पानी पीएं और हाइड्रेटेड रहें
  • हमेशा नियमित अंतराल के अंदर खाना खाएं और अपने भोजन के समय के बीच ज़्यादा अंतर न रखें।
  • अपने मेटाबॉलिज़्म और रक्त संचार के स्तर को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से 30-45 मिनट के लिए कसरत करें।
  • नियमित रूप से डाईबेटिक डाइट लें।
  • लापरवाही से खाना खाने पर नियंत्रण रखें।

 

चित्र स्त्रोत : pixabay, pixino, wikipedia commons, pxhere

 

उल्लेख :  https://www.youtube.com/watch?v=SqYKq18kD0s

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