एचआईवी के लक्षण जो हर महिला को पता होने चाहिए

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ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देती है। यह आमतौर पर रक्त, सीमेन, ​​और स्तन के दूध जैसे शारीरिक तरल पदार्थ के माध्यम से फैलती है। वर्तमान में इस संक्रमण का कोई इलाज नहीं है, लेकिन एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) के साथ इसे प्रबंधित किया जा सकता है। इस थेरेपी से पीड़ित लोगों को लंबे और स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है। सही समय पर इलाज नहीं होने पर, एचआईवी इम्यूनोडेफिशियेंसी सिंड्रोम (एड्स) का रूप ले सकता है, जो बहुत ही घातक साबित हो सकती है।

एचआईवी के शुरुआती लक्षणों की पहचान हो जाने से इस बीमारी से निपटा जा सकता है। दुर्भाग्यवश, एचआईवी के लक्षण सामान्य सर्दी या फ्लू से मिलते जुलते होते हैं। इसके लक्षण केवल पहले हफ्ते में दिखते हैं, बाद में कोई भी लक्षण प्रदर्शित नहीं होते। इसलिए इसके लक्षणों से अवगत होना थोड़ा कठिन है।

 

1 .बुखार और थरथराहट  

एचआईवी के सामान्य लक्षणों में से एक है हल्का बुखार, इसमें शरीर में थरथराहट होती है और शरीर का तापमान 990F से 100.50F तक रहता है। यह बुखार एक दिन या एक सप्ताह तक रह सकता है।

 

2 .रात को पसीने आना

रात में पसीने आना उत्तेजना को दर्शाता है। जब हमारा शरीर किसी संक्रमण से लड़ने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा होता है तब रात में पसीने आते हैं। रात के पसीने कई कारणों से आ सकते हैं, लेकिन यदि नियमित रूप से ऐसा हो रहा है, तो आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

 

3 .लाल चकत्ते

एचआईवी संक्रमण की वजह से शरीर में चकत्ते हो सकते हैं जो किसी एलर्जी के रिएक्शन के समान ही हल्के और लाल रंग के होते हैं। ये या तो शरीर के एक या दो जगह में दिखाई दे सकते हैं या फिर पूरे शरीर को ढक सकते हैं। इन चकतों की वजह से खुजली नहीं होती और ये एक हफ्ते या उससे कम समय तक के लिए रह सकते हैं।

 

4 .गले में खराश

शरीर की प्राकृतिक सूजन प्रतिक्रिया के वजह से गले में भी सूजन हो जाती है और गला लाल हो जाता है। यह साधारण स्ट्रेप थ्रोट से अलग है क्योंकि इसमें गले में सफ़ेद धब्बे नहीं होते।

 

5 .शरीर में दर्द और सुस्ती

एचआईवी संक्रमण से लड़ने की वजह से आपका शरीर थक जाता है और दर्द महसूस होने लगता है। ये दर्द लगातार होता रहेगा और आप पूरे दिन सोना चाहेंगे। यह आमतौर पर संक्रमण के बाद पहले सप्ताह में होता है।

 

6 .गर्दन, आर्मपिट(कांख) और जननांग क्षेत्र में सूजन

संक्रमण-विरोधी कोशिकाओं का निर्माण लिम्फ नोड्स द्वारा होता है। क्योकि ये गर्दन, कांख और जननांग क्षेत्र में स्थित होते हैं, इसलिए यहाँ सूजन हो सकती है। यह एचआईवी के सबसे बड़े लक्षणों में से एक है, इसलिए ऐसा होने पर तुरंत किसी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

 

7 .यीस्ट संक्रमण

जब आप एचआईवी पॉजिटिव होते हैं, तो आपके मुंह और योनि में मौजूद प्राकृतिक सूक्ष्म फंगस यीस्ट  संक्रमण में बदल जाते हैं। यीस्ट संक्रमण अन्य कारणों से भी हो सकता है, इसलिए अपने डॉक्टर से परामर्श करना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

8 .मुंह के छालें

मुँह के अंदर गोल, नरम, सफेद धब्बे होते हैं जिन्हे अल्सर या छाले कहा जाता है। मुँह के छालों के भी अन्य कई कारण हो सकते हैं।

 

9 .अचानक से वजन का घटना

एचआईवी के अग्रिम चरण में, भूख लगनाा बंद हो जाता है और अचानक से वजन घटने लगता है। इसे वेस्टिंग कहा जाता है। सही समय पर एचआईवी का इलाज हो जाने पर इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता है।

एचआईवी संक्रमण के अन्य लक्षणों में मेनिंजाइटिस (दिमागी बुखार), डायरिया, उल्टी और चक्कर आना भी शामिल हैं। ये लक्षण किसी अन्य वायरल संक्रमण के समान हैं, पर इस बात को हमेशा याद रखें की एचआईवी से लड़ना शरीर के लिए काफी मुश्किल है।

 

चित्र स्रोत: Pixabay, Wikimedia Commons, Flickr, Pxhere

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