Home / Uncategorized / इस गणेश चतुर्थी इन 10 रेसिपीज के साथ करें बप्पा का स्वागत।
हिंदू धर्म में हर त्योहार का अपना एक अलग महत्व है, पौराणिक कथाऔ और ग्रन्थो में भली भाँति इन त्योहारो और उनकी महत्ता का उल्लेख किया गया है। इन्ही त्योहारो में से एक हैं गणेश चतुर्थी जिसे विनायक चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। 10 दिन तक चलने वाला ये त्योहार गणेश जी के अपनी माँ पार्वती के साथ पृथ्वी पर आने के उपलक्ष पर मनाया जाता है। भारत के विभिन्न भागो में मनाये जाने वाले इस त्योहार की धूम सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में देखने को मिलती है।
गणेश चतुर्थी का महत्व
मान्याताऔं के अनुसार भगवान गणेश को दुखहर्ता और सौभाग्य का देवता माना जाता है। और किसी भी शुभ कार्य़ से पहले सर्वप्रथम उन्ही की ही पूजा कि जाती है। हिन्दी पंचाग के अनुसार गणेश चतुर्थी का प्रारम्भ भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से किया जाता है, जो कि भगवान गणेश के जन्स दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन लोग भगवान गणेश की प्रतिमाओं को घर में विराजित करते हैं और अगले दस दिन अनंत चतुर्थी तक उसकी पूजा कर अच्छे स्वास्थ और खुशहाल जीवन की कामना करते हैं। इन दस दिनो के दौरान भगवान गणेश को कई प्रकार के भोग चढायें जाने का भी प्रवधान हैं, जिसमें की मोदक को उनके पसंदीदा भोग में से एक माना जाता है। और ग्यारहवें दिन अनंत चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा मोरैया के जयकारे के साथ समुद्र में विसर्जित किया जाता है।
गणेश चतुर्थी में बनाई जाने वाली रेसिपीज
1.पारंपरिक मोदक
मोदक की गिनती भगवान गणेश के प्रिय भोग की सूची में सबसे ऊपर की जाती है,सादाहरणतः नारियल और गुड से बनाये जाने वाली इस रेसिपी को आप चॉकलेट,मावा,केसर,ड्रॉय फ्रूट और अपने पसंदीदा किसी भी फ्लेवर के साथ बना सकते हैं।और भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए गणेश चतुर्थी की शुरूवात इस के साथ कर सकते हैं। पारंपरिक मोदक की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
2.ठंडाई खीर
खीर एक भारतीय मिठाई है जो चावल, दूध और चीनी से बनाई जाती है। आप इस रेसिपी में स्वाद के लिए गुलाब जल या केवड़ा पानी इलायची पाउडर और केसर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। ठंडाई मूल रूप से एक दूध आधारित ग्रीष्मकालीन पेय है जिसे होली और महाशिवरात्रि जैसे विशेष दिनों और उत्सव के अवसरों पर परोसा जाता है। ठंडाई खीर इन्ही दोनो रेसिपीज के मिक्षण से बनने वाली डिश है।
3.नारियल के लड्डू
नारियल के लड्डू एक बहुत ही आसान और कम समय में बनने वाली एक भारतीय मिठाई है, जिसे आप गणेश चतुर्थी के किसी भी दिन बना कर भगवान गणेश को इसका भोग लगा सकते हैं। इसमे आप स्वाद के लिए केसर, और ड्राई फ्रूट्स को भी बारीक पीसकर प्रयोग कर सकते हैं। नारियल के लड्डू की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
4.केसर पेडा
मावे और केसर से भरी ये मिठाई आपकी गणेश चतुर्थी रेसिपीज की लिस्ट में शामिल होने के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, या अगर आप इस गणेश चतुर्थी लड्डू के साथ या लड्डुओं के स्थान पर कुछ और बनाने का सोच रहे हैं तो पेड़े आपकी इस उलझन को दूर कर सकते हैं। केसर पेडा की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
5.सेंवई पायसम
सेमिया पायसम दक्षिण भारतीय व्यंजनों का एक मलाईदार, मीठा सेंवई का हलवा है। यह इलायची सुगंधित सेंवई पायसम 20 मिनट में बन कर तैयार हो जाता है,यह इतना आसान है कि आप अपने शुरुआती दिनों में भी इसे बहुत अच्छे से बना सकते हैं, तथा कभी भी लगने वाली भूख या कुछ मीठा खाने का मन होने पर इसे बनाना आपके लिए एक आसान उपाय है। सेंवई पायसम बनाने की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
6.सूजी का हलवा
भारतीय परिवारों में बनने वाली एक साधारण सी मिठाई जो इस गणेश चतुर्थी आपके लिस्ट में शामिल हो सकती है, भगवान गणेश को भोग लगाना हो या कुछ मीठा बनाने का सोच रहे हैं यह मिठाई आपके हर उलझन को सुलझा सकती है। सूजी के हलवे की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।।
7.श्रीखंड
श्रीखंड एक महाराष्ट्रियन मिठाई है जिसे गाढ़ी दही केसर, इलायची, चीनी और नट्स के साथ तैयार किया जाता है। श्रीखंड को मुख्यतः खाने के बाद की मिठाई के रूप में परोसा जाता है। श्रीखंड बनाने की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
8.कस्टर्ड
दूध और मलाई का एक गाढ़ा मिश्रण जिसमें अलग अलग प्रकार के फलों को काटकर और ठंडा कर परोसा जाता है। कस्टर्ड बनाने में बहुत ही आसान और आम तौर पर खाने के बाद खाए जाने वाली मिठाई है, यह खाने में बहुत ही स्वादिष्ट और शरीर के लिए एक हल्की और पोषक तत्वों से भरी हुई रेसिपी है, जिसे आप कभी भी बना कर खा सकते हैं।कस्टर्ड बनाने की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
9.रसमलाई
Image source: Wikimedia Commons
छेना,दूध, केसर, पिस्ता से बनी यह मिठाई भारतीय लोगों की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली मिठाईयों में से एक है, और इतनी नर्म ऐसी कि मुह में रखते ही घुल जाए। स्वाद को बढ़ाने के लिए आप इसमे इलायची का भी प्रयोग कर सकते हैं। रसमलाई बनाने की पूरी विधी आप यहाँ देख सकते हैं।
10.रवा बर्फी
सूजी, घी, मैदा, नारियल और दूध से बनने वाली यह मिठाई आमतौर पर दिवाली में बनने वाली एक मिठाई है। जो कि घर घर में लोकप्रिय है यह परंपरागत बर्फी विभिन्न सामग्रियों का प्रयोग करके बनाई जाती है तथा हर घर इसे बनाने का अपना एक तरीका होता है।
इन रेसिपीज के साथ बनाए गणेश चतुर्थी उपवास को और भी आसान
गणेश चतुर्थी के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर स्नान कर बप्पा की मूर्ति को घर में स्थापित करते है, और शाम की पूजा तक उपवास रखते हैं। दस दिन तक चलने वाले इस उत्सव में लोग अपनी अपनी सुविधानुसार उपवास रखते हैं।
अगर आप भी इस गणेश चतुर्थी उपवास रखने की सोच रहे हैं, और उलझन में हैं कि उपवास में क्या बनाएं तो हम आपके लिए लेके आए हैं ऐसी पाँच रेसिपीज जिन्हें आप अपने उपवास में शामिल कर सकते हैं।
1.साबूदाना खिचड़ी
साबूदाना खिचड़ी मुख्यतः प्रत्येक उपवास में खाई जाने वाली डिश में से एक है। साबूदाना खिचड़ी को परंपरागत उपवास भोजन में भी शामिल करना गलत नहीं होगा। आप इसे दिन के समय या शाम को उपवास समाप्त करने के बाद कहा सकते हैं, स्वाद में दिलचस्प यह रेसिपी प्रत्येक घर में अपने अपने उपवास के नियमों के अनुसार बनाई जाती है। साबूदाना खिचड़ी बनाने की पूरी विधि आप यहाँ देख सकते हैं।
2.केले के चिप्स
केले के चिप्स एक फ्रेंडली फराल है जिसे आप तब कहा सकते हैं जब आपको बहुत तेज भूख लगी हो, स्वाद में मजेदार यह रेसिपी आपके लाइट फास्ट रेसिपीज में जोड़ने का एक अच्छा विकल्प है। केले के चिप्स बनाने की पूरी विधि आप यहां देख सकते हैं।
3.शकरकंद का हलवा
शकरकंद आपके उपवास के दिनों में आपकी मीठी लालसा को पूरा करने का एक अच्छा उपाय है,यह हलवा उन सभी लोगों के लिए एक सुखद अनुभव है जो गर्मागर्म डेजर्ट का आनंद लेना पंसद करते हैं। केसर और इलायची इसका स्वाद बढ़ाने वाले हैं जबकि बादाम और पिस्ता जैसे मिश्रित मेवा एक शाही स्पर्श को बढ़ावा देते हैं। शकरकंद का हलवा बनाने की पूरी विधि आप यहाँ देख सकते हैं।
4.फलारी डोसा
समा चांवल और साबूदाना से मिलकर बनने वाला यह डोसा आपके उपवास में आपकी भूख को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। सामन्य दिनों में आप इसे हारी चटनी के साथ लेकर इसका आनंद ले सकते हैं।
5.उपवास थालीपीठ
Image source: Wikpedia Commons
यह एक परंपरागत महाराष्ट्रियन डिश है, जिसे उपवास के दिनों में खाया जाता है, जिसमें बाजरे के आटे, सामा, साबूदाना, राजगीरा, और सिंगडा के आटे और आलू के मिश्रण से तैयार किया जाता है। यह ना केवल उपवास के दिनों में ही नहीं ब्लकि गैर उपवास दिनों में भी एक पोष्टिक आहार है। उपवास थालीपीठ बनाने की पूरी विधि आप यहां देख सकते हैं।
गणेश चतुर्थी के दस दिनों के पर्व में भोग और उपवास के खाने को लेकर हमेशा एक उलझन बनी रहती है, यह ब्लॉग आपकी इस उलझन को कम करने में आपकी मदद कर सकता है। कैसा लगा आपको हमारा यह ब्लॉग हमें बतायें और ऐसी ही और रेसिपीज, ब्लॉग और खाने से जुड़ी न्यूज देखने के लिय जुड़े रहे BetterButter के साथ।
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