कैसे सिखाएँ बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श का फर्क

Spread the love

आज के समय में बच्चों के माता पिता को जिस बात की चिंता सबसे ज्यादा रहती है वो है उनकी सुरक्षा। न केवल लड़कियों के लिए बल्कि लड़कों ये लिए भी उनकी सुरक्षा की फिक्र होना बढ़ गया है क्यूंकि आये दिन कुछ न कुछ ऐसा सुनने को मिलता रहता है जिससे समाज में बढ़ती हुई यौन विकृति का पता चलता है और इस माहौल में बच्चों के लिए असुरक्षा की भावना होना गलत नहीं है । इस सबसे अपने बच्चों को बचाने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप उनको अच्छे और बुरे स्पर्श के बीच का फर्क समझाएँ ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा छूने भर से ही उनको ये समझ में आ जाए कि यह अच्छा स्पर्श है या बुरा। यहाँ आपके लिए हैं कुछ महत्वपूर्ण सुझाव इस विषय पर।

 

1.हर किसी पर भरोसा नहीं करना है-

बच्चा जब थोड़ा बड़ा हो जाए लगभग चार साल का तो यह सही वक़्त है उसे इस बारे में समझाना शुरू करने का। सबसे पहले उसे यह समझाने की जरूरत है कि वह सब पर भरोसा नहीं कर सकता क्यूंकि यह खतरनाक हो सकता है। उसे समझाएं कि न तो उसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ कभी भी कहीं जाना चाहिए और न ही किसी अनजान व्यक्ति द्वारा दी गयी कोई भी चीज़ खानी चाहिए।

 

2.बनें बच्चों के दोस्त

बच्चे से खुलकर बातें करने से इस बारे में कुछ भी समझाने में आपको आसानी होगी क्यूंकी ज़रूरी है कि बच्चे के मन के भीतर जो कुछ भी जिज्ञासा आये उसे माँ बाप से कहने या पूछने में हिचक नहीं होनी चाहिए। अगर उसे ऐसा लगा कि उसके कुछ पूछने पर उसे डांट पड़ सकती है या आप उसकी बात अनसुना कर देंगे तो कई सारी बातें वो आपको बताएगा ही नहीं।

 

3.धैर्य से समझायें संवेदनशील बातें

याद रखें इस विषय पर बच्चे को एजुकेट करने में थोड़ा लंबा वक़्त लग सकता है। बच्चे को बताते हुए संयम से काम लेना होगा। हो सकता है कि वह चीजों को समझने में वक्त ले और इसके लिए आप को सही शब्दों का चयन करना होगा। उसके शरीर के प्राइवेट पार्ट्स के बारे में उसे समझाएँ और यह भी कि उसके अलावा कोई भी और उसे इन जगहों पर छू नहीं सकता है। अगर कोई भी ऐसा करने की कोशिश करे या बच्चे को वह व्यक्ति अपने प्राइवेट पार्ट्स को छूने के लिए कहे तो कभी भी यह न करें और तुरंत मम्मी पापा को बताए।

 

4.किस करने और गोद लेने पर रखें नज़र

माँ बाप होने के नाते आप बच्चे को परिवार से बाहर कहीं भी भेजने पर ध्यान रखें और किसी विश्वासपात्र के साथ ही भेजें। छोटे बच्चे को हमेशा अपने साथ ही ले जाएँ और किसी भी बाहरी व्यक्ति के गोद में लेने या किस करने पर नज़र बनाएँ रखें। थोड़े बड़े होने पर बच्चे को यह बताएं कि उसे किसी के भी नज़दीक जाने की जरूरत नहीं है और अगर कोई उसे गोद में बैठाने या चूमने की बात कहे तो वह तुरंत इनकार कर दे।

 

5.बच्चे का भरोसा जीतें

बच्चा जब तक युवा नहीं हो जाता तब तक उसकी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी आपकी है। इसके लिए यह ज़रूरी है कि वह कोई भी बात आपसे शेयर करने में हिचकिचाहट महसूस न करे। बच्चे को इस बात का पूरा भरोसा दें कि अगर उसे कहीं भी कुछ गंदा लग रहा हो तो वो आप को तुरंत बता दे। साथ ही बच्चे के साथ आपके संबंध ऐसे हों कि वह अपने साथ होने वाली हर छोटी-बड़ी बात को आपके साथ शेयर करे।

और अंत में एक बात आपके लिए। याद रखें आपके बच्चे की सुरक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण और कुछ भी नहीं है। किसी भी प्रकार की असुरक्षा का अंदेशा होते ही तुरंत उचित कदम उठाएँ। इसके लिए अगर किसी को नाराज़ भी करना पड़े तो आपको परवाह नहीं करनी चाहिए।

 

चित्र स्त्रोत: www.pixabay.com, www.wikipedia.org,  flicker, maxpixel  www.lamodecestvous.com  www. Femde।.com , www.dama.bg, www. radiobussola.it

 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *