दूसरी औरत

Spread the love

सफ़ेद चूड़ीदार में दूध सा धुला उसका रंग, कोमल से होठो पर गुलाबी लिपस्टिक और पूरा श्रृंगार, आज चांदनी सचमुच की चांदनी लग रही थी |

आज की पार्टी में रेहान भी शामिल था तभी तो चांदनी के चेहरे की रंगत और गुलाबी हो चली थी | चांदनी अपनी सहेलियों के साथ और रेहान अपनी पत्नी नैना के साथ – जी हां, रेहान शादी-शुदा था फिर भी चांदनी और रेहान एक-दूसरे के बेहद करीब थे |

ऑफिस में ये खबर आग की तरह फ़ैल गयी थी कि रेहान और चांदनी में कुछ चल रहा है | हर वक़्त सहकर्मियों की खुसुरपुसुर लेकिन चांदनी के आते ही सब शांत हो जाता है | चांदनी भी इस बात को भांपने लगी थी लेकिन दोनों ने ही कभी किसी के सामने कुबूल नहीं किया था | करते भी कैसे ? रेहान का खुशाल परिवार था,प्यारी बीवी और दो बच्चे | चांदनी कई बार रेहान को कहती -ये कब तक चलेगा, मैं नहीं बन सकती लोगो की खिल्ली का मुद्दा ! लेकिन रेहान हर बार अपने प्यार का वास्ता देकर उसे रिझा लेता |

आज भी चांदनी बस एकटक अपने चकोर रेहान को ही देख रही थी, नज़ारे चुरा चुरा के देखती लेकिन रेहान तो आज नैना के साथ था “एक परफेक्ट हस्बैंड” |

रेहान नैना के लिए कभी ड्रिंक लाता, कभी खाने का सामान और नैना हर बात से अनजान अपने पति की टाई को ठीक करती तो कभी हाथ मार-मार उसकी बातों पर हंसती | ये सब देख चांदनी बिन आग के जल रही थी | गुस्से में लाल चांदनी एक ड्रिंक लेकर अपनी फीमेल फ्रेंड्स के साथ बैठ गयी | तभी निशा ने कहा अरे तुम मिस्टर सक्सेना को सीधा मत समझो, बहुत पहुंची हुई चीज़ हैं वो | पत्नी और बच्चो के होते हुए “दूसरी औरत” रखी हुई है | दूसरी औरत – ये शब्द चांदनी को कांटे की तरह चुभ गया | उसे ऐसा लगा जैसे मिस्टर सक्सेना की जगह रेहान है और दूसरी औरत है वो खुद | उसकी आँखों में शर्मिंदगी, लाचारी और दुख के आंसू आ गए और वो उसी पल उठ पार्टी छोड़ चली गयी |

सिर्फ रेहान ने ही नहीं बल्कि पार्टी में कई लोगों को चांदनी का इस तरह पार्टी छोड़ के जाना अटपटा लगा| रेहान के तो चेहरे के जैसे रंग उड़ गए हो | वो यही सोच परेशान हो रहा था कि ऐसा क्या हो गया चांदनी को |

पार्टी ख़त्म हो गयी | सब अपने-अपने घर चले गए लेकिन चांदनी की दुविधा ख़त्म नहीं हुई और वो रेहान और अपने फेवरट कॉफ़ी शॉप में आकर बैठ गयी | अपनी परेशानियों में गुम चांदनी 10 मिनट से आयी कॉफ़ी को पीना ही भूल गयी, जब उसका ध्यान कॉफ़ी की तरफ गया तो कॉफ़ी पर बड़ी सी मलाई आ गयी| उसने जैसे ही मलाई को कॉफ़ी से निकाला तो उसे अपनी हालत बिल्कुल उस मलाई की तरह लगी जिसे कॉफ़ी से निकाल बाहर कर दिया था | वो सोचने लगी मेरी औकात भी कुछ ऐसी ही है |

उसे अजीब सा डर लगने लगा कि कहीं वक़्त आने पर रेहान भी उसे इसी मलाई की तरह निकाल फेंकेगा| तभी रेहान ने अपने दोनों हाथ टेबल पर टिका कर कहा –

यू आर हेयर ? कहाँ-कहाँ नहीं ढूंढा तुम्हे ?

और कहाँ होंगी ? दूसरी औरत का कोई पति या बच्चे नहीं हैं जो घर में उसका इंतज़ार कर रहे हो !

और वो जोर-जोर से रोने लगी जैसे कोई बादल फट गया हो और उसका पानी कभी ना ख़त्म होने वाला हो|

चांदनी ने सब कुछ रेहान को बताया और अपने दिल का हाल सुनाया लेकिन इस बार भी रेहान उसका दिल बहलाने में कामयाब हो गया | बातें करते-करते रात के 10 बज गए, कॉफ़ी शॉप वाला भी 2 चक्कर काट चुका था कि कब ये दोनों निकले, मैं ताम-झाम समेटू ! रेहान ने घड़ी की और देखा और कहा “ओह माय गॉड ! इट्स टू लेट ! आई हैव टू गो, नैना और बच्चे इंतज़ार कर रहे होंगे | चांदनी पर फिर से काले-काले बादल छा गए ! उसकी जलन को ठंडा हज़ारो बर्फ की सिल्लियां तक नहीं कर सकती थी | हर बार यही होता | चांदनी कब तक दूसरी औरत के तमगे को बर्दाश्त करे ? ? रेहान को छोड़ने के नाम से उसके दिल की धड़कन रुक जाती है और उसे पाना तो नामुमकिन है ! क्या करें वो ? अब आप ही बताइये….

 

चित्र स्त्रोत- Vogue, Reels and frames,fiveprime

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *