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क्यूँ होती है कान बहने की समस्या?

Kavita Uprety | अक्टूबर 16, 2018

कान से लगातार निकलने वाले पानी या मवाद को कान बहना या चिकित्सकीय भाषा में ओटोरिया कहा जाता है। वैसे तो प्रकृति ने कान की सुरक्षा के लिए ईयर वैक्स दिया है जो धूल और गंदगी को कान के अंदर जाने से रोकता है लेकिन कई कारणों से कान बहने की समस्या होने पर एक द्रव्य निकलने लगता है जो कभी पानी जैसा बेरंग या सफ़ेद और कभी कभी पस जैसा पीला और गाढ़ा भी होता है जो कि इस बात पर निर्भर करता है कि कान बहने की वजह क्या है। आइये जानते हैं क्या हो सकते हैं कान बहने के कारण-

 

1.कान के पर्दे में चोट आना-

किसी भी कारण से जैसे कि गंभीर अंदरूनी चोट या सिर में तेज़ प्रहार होने पर इस बात की अत्यधिक संभावना रहती है कि कान का पर्दा फट जाये और इसके कारण कान बहने लगता है। कान के पर्दे में किसी भी कारण से अगर खरोंच आ जाती है या पर्दा क्षतिग्रस्त हो जाता है तो इसके कारण भी कान से सफेद और हल्का पीला स्राव होने लगता है।

 

2.बार बार कान साफ करना-

कुछ लोगों को ईयर वैक्स से परेशानी महसूस होती है और वो बार बार कान साफ करते रहते हैं। कई बार ऐसे लोग कान साफ करने के लिए पिन या चिमटी का भी सहारा लेते हैं जोकि बहुत खतरनाक है। यहाँ तक कि रुई से बनी बड से भी बार बार कान साफ करना ठीक नहीं है। इन सब बाहरी वस्तुओं के प्रयोग से कान के अंदर की खाल में घाव हो सकते हैं और कई बार रुई अंदर छूट जाने से भी संक्रमण हो जाता है और कान में से मवाद आने लगता है।

 

3.लगातार ध्वनि प्रदूषण झेलना –

ज़रूरत से तेज़ आवाज़ कानों के लिए अच्छी नहीं होती और अगर अधिक तेज आवाजों वाले माहौल में लगातार रहना पड़े तो इनके प्रभाव से कान का पर्दा क्षतिग्रस्त होने लगता है और अंततः कान बहने लगता है। हवाई जहाज में काम करने वाले लोगों को अधिकतर यह समस्या हो जाती है।

 

4.बैक्टीरिया या वाइरल इन्फेक्शन –

कान में बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन भी कई बार कान बहने का कारण बन जाता है। इस तरह का इन्फेक्शन सर्दी जुकाम या फ्लू के कारण नाक बहने की समस्या से शुरू होता है और इसको अनदेखा करने पर बढ़ते-बढ़ते गले के माध्यम से यह बैक्टीरिया कान तक इंफेक्शन फैला देते हैं और फिर कान बहने की समस्या शुरू हो जाती है।

 

5.यूस्टेचियन ट्यूब में सूजन –

हमारे गले और ईयर कैनाल को जोड़ने वाली ट्यूब जिसे यूस्टेचियन कहा जाता है कान में हवा के दबाव के सही स्तर को बनाये रखती है। इसमें किसी कारण से यदि सूजन आ जाये तो इससे कान के मध्य में तरल पदार्थ जमा हो जाता है और इसे बंद कर देता है जिसके कारण यूस्टेचियन ट्यूब में सूजन आ जाती जाती है और कान बहने लगता है।

यह सब जानने के बाद हम यही कहेंगे कि “प्रिवेनशन इज़ बैटर देन क्योर”। आप कान बहने के इन लक्षणों के प्रति सचेत रहें और कुछ भी अप्राकृतिक महसूस होते ही तुरंत चिकित्सक को दिखाएँ।  

 

चित्र श्रोत: maxpixel , pexels, Wikimedia Commons, Wikipedia, Health.mil

 

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