हर मर्ज़ के लिए सही चाय

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कोई भी ऐसा मुद्दा नहीं है जो एक गरम चाय की प्याली से हल न हो सके ! आपके रोज़ के नियमित चाय के कप के अलावा, हर्बल चाय आजकल तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है।

बेटरबटर आपको 6 तरह की हर्बल चाय के बारे में बता रहा है जो सिर दर्द, गले में दर्द और थकान जैसी  साधारण बीमारियों को ठीक कर सकता है।

 

1.नींबू की चाय (लेमन टी)

नींबू की चाय पीने से आसानी से गले का दर्द ठीक हो सकता है। शहद और नींबू का रस गरम पानी में मिलाकर थोड़ी देर अलग रख दें। आपकी नींबू की चाय तैयार है! शहद से गले को आराम मिलता है और नींबू के रस में मौजूद विटामिन C अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण गले को राहत प्रदान करने में मदद करता है।

 

2.अजवाइन के फूल की चाय (थाइम टी)

थाइम एक सुगंधित जड़ीबूटी है जिसका अक्सर इटालियन खाना पकाने के लिए प्रयोग किया जाता है। यह न केवल विभिन्न व्यंजनों में इस्तेमाल करने से उनके स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि यह उन्हें बेहद स्वादिष्ट और सुंगंधित भी बना देता है। थाइम में मौजूद फ्लैवोनोइड्स ट्रेकियल और इलियल मांसपेशियों को आराम करने में मदद करते हैं- इन दो मांसपेशियों में खराश और अड़चन खांसी के पीछे एक मुख्या कारण है। इस चाय को बनाने के लिए, केवल 2-3 टीस्पून सूखे थाइम को गरम पानी में मिलकर पीएं।

 

3.दालचीनी की चाय (सिनामोन टी)

दालचीनी एक लोकप्रिय मसाला है, जिसका व्यापक रूप से सर्दियों के दौरान उपयोग किया जाता है। उबलते पानी के एक कप में दालचीनी मिलाएं और आपकी दालचीनी की चाय तैयार है! आप अपने मसाला चाई के रोज़ के कप में अन्य मसालों के साथ दालचीनी भी मिला सकतीं हैं। दालचीनी की चाय माइग्रेन और सामान्य सर्दी के कारण उत्पन्न होने वाले सिर दर्द के लिए बहुत अच्छी साबित होती है और इस अवस्था में काफी राहत देती है। दालचीनी लोहा, मैंगनीज़, कैल्शियम और फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है। इन सभी पोषक तत्वों की उपस्थिति दालचीनी की चाय को सिर दर्द और विभिन्न स्वास्थ्य  समस्याओं का इलाज करने के लिए एक बहुत ही प्रभावी घरेलू उपचार बनाती है।

 

4.कैमोमाइल की चाय (कैमोमाइल टी)

कैमोमाइल की चाय सूखे कैमोमाइल फूलों का उपयोग करकर बनाई जाती है। इन फूलों को गरम पानी में उबाल 5-10 मिनट तक अलग रख दें (यह आप पर निर्भर करता है की आप चाय कितनी कड़क चाहते हैं)। अब इन फूलों को छान लें, कैमोमाइल चाय पीने के लिए तैयार है। कैमोमाइल में एंटीस्पाज्मोडिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और सौहार्दपूर्ण गुण होते हैं। ये सभी गुण पेट से सम्बंधित मुद्दों जैसे ब्लोटिंग, गैस, क्रैम्प्स, अपचन, खराब पेट और पेट में दर्द का एक बहुत ही प्रभावी इलाज करते हैं।

 

5.पुदीने की चाय (पेपरमिंट टी)

थकान से निपटने के लिए कैफीन के बजाय, ताज़ा पेपरमिंट चाय चुनें। गरम पानी में पुदीने के पत्तों को मिलाएं, इसे थोड़ी देर अलग रख दें, फिर पत्तियों को छान लें और चाय पीएं। पेपरमिंट आपको ताज़ा महसूस करवाता है। यह ऊर्जा के स्तर में सुधार लाने और पूरे दिन की थकान को कम करने में मदद करता है। शोध से पता चला है की पुदीने में प्राकृतिक यौगिक होते हैं, जो शरीर के ऊर्जा के स्तर पर लाभकारी प्रभाव डाल सकते हैं।

 

6.कृष्णा कमल के फूलों की चाय (पैशनफ्लॉवर टी)

पैशनफ्लॉवर चाय एक और हर्बल चाय है जो आपको आराम देने में मदद करती है और आपको तनाव मुक्त बनाती है। जब आपका शरीर आराम की अवस्था में होता है, आपको स्वाभाविक रूप से नींद आ जाती है। इसलिए, यदि आप अनिद्रा से पीड़ित हैं, तो रोज़ इस चाय का एक कप पीने का प्रयास करें। पैशनफ्लॉवर फ्लैवोनोइड्स और अन्य फाइटोकेमिकल्स से भरा रहता है। ये फ्लवोनोइड्स न्यूरोट्रांसमीटर स्तर को लक्षित करते हैं, जो आपको गहरी और चैन की नींद पाने में मदद करता है।

 

स्त्रोत : Dr. Kara Fitzgerald, Healthline, Live Simply, Livestrong.com, Medical News Today, Meghan Telpher, NDTV Food, Organic Facts, Pixabay, Reader’s Digest,  Tangylife, The Daily Meal, The Indian Spot.

 

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