प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधियों का उपयोग करना क्यों लाभदायक है?

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किसी भी शादी का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है फैमिली प्लानिंग। इससे शादी के बाद आपके और आपके पति को एक-दूसरे को जानने का समय मिलता है। पहले से फैमिली प्लानिंग करने से दोनों पार्टनर के मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार होने पर ही बच्चे पैदा करने के बारे में सोचा जाता है।

हालांकि गर्भनिरोधक के कई विकल्प उपलब्ध हैं, पर प्राकृतिक गर्भनिरोधक वास्तव में आपके और आपके पार्टनर के लिए सबसे अच्छा है। प्राकृतिक गर्भनिरोधक से जुड़े लाभ निम्नलिखित हैं-

 

1.कोई साइड इफ़ेक्ट नहीं होता

बहुत से लोगों का मानना है कि गर्भनिरोधक गोलियाँ एक अनचाहे गर्भावस्था से बचने के लिए सबसे अच्छी विधि है। हालांकि यह कुछ हद तक सही है, लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हैं। यदि असुरक्षित संभोग के 72 घंटे के भीतर आपने गोली नहीं ली, तो इसका कोई प्रभाव नहीं होता। इन गोलियों के अत्यधिक सेवन से बांझपन भी हो सकता है। इसके अतिरिक्त, जन्म नियंत्रण की गोलियों का सेवन आपके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इससे सिरदर्द, पीठ में दर्द, चक्कर आना, उल्टी, अनिद्रा आदि समस्याएं हो सकती हैं।

 

2.अत्यंत प्रभावी

गर्भनिरोधक की गोलियाँ, कंडोम आदि की तुलना में प्राकृतिक गर्भनिरोधक सबसे प्रभावी जन्म नियंत्रण विधि साबित हुई है। शोध से पता चला है कि प्राकृतिक गर्भनिरोधक 97-100% प्रभावी है।

 

3.स्तन कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है

कुछ शोधों से पता चला है कि गर्भनिरोधक गोलियों के अत्यधिक सेवन से स्तन कैंसर का खतरा बढ़ता है। पर प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि अपनाने से स्तन कैंसर का कोई खतरा नहीं होता।

 

4.एक स्वस्थ सेक्स जीवन का आनंद लेने में आपकी मदद करता है

गर्भनिरोधक गोलियों के नियमित सेवन से महिलाओं की कामेच्छा (सेक्स ड्राइव) कम हो सकती है। यह यौन संबंध रखने में उनकी रुचि को भी कम कर सकता है। प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि अपनाने से ऐसी कोई समस्या नहीं होती है। वास्तव में, प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि आपको अपने साथी के साथ एक स्वस्थ यौन जीवन का आनंद देता है।

 

5.हार्मोन को संतुलित करता है

गर्भनिरोधक गोलियों का महिलाओं के मासिक धर्म चक्र / अवधि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। प्राकृतिक गर्भनिरोधक के साथ, हार्मोनल उतार-चढ़ाव नियंत्रित रहता है और शरीर में हार्मोनल संतुलन बना रहता है।

 

6.जन्म नियंत्रण की आसान विधि

प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि को अपनाना बहुत आसान है। प्राकृतिक गर्भनिरोधक आपके मासिक चक्र के बाद ओवुलेशन पीरियड (यानी, जब अंडाशय द्वारा एक नया अंडाणु गर्भाशय में छोड़ा जाता है) के दौरान आप यौन संबंध नहीं बनाते। ओव्यूलेशन की अवधि आपके मासिक धर्म चक्र के 10 वें और 16 वें दिन के बीच होती है। उदाहरण के लिए, यदि आपको 5 दिसंबर को पीरियड्स हुआ है, तो 15 से 21 दिसंबर के बीच यौन सम्बन्ध बनाने से परहेज करें। इसके अलावा, बहुत सारे पीरियड ट्रैकिंग ऐप हैं जिन्हें ऐप स्टोर के साथ-साथ प्लेस्टोर से भी मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है।

 

7.जिम्मेदारी की भावना

एक अनचाहे गर्भावस्था को रोकने के अलावा, प्राकृतिक गर्भनिरोधक विधि भी आपको और आपके साथी को जिम्मेदारी की भावना देती है। आपका साथी और आप दोनों प्राकृतिक गर्भनिरोधक के लिए जिम्मेदार हैं। जब आप दोनों तय करते हैं कि आप एक बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार हैं, तो आप आसानी से कृत्रिम गर्भनिरोधक विधियों के दुष्प्रभावों के बिना इसके लिए प्रयास करना शुरू कर सकते हैं।

 

स्रोत: Ars Technica, CNN.com, News18.com, OnlymyHealth, Patch, Peace with Endo, Reader’s Digest, Roper St. Francis Health Hub, The Jakarta Post.

 

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