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जानिए क्या कहते हैं आपके सिर के बाल?

Kavita Uprety | अक्टूबर 5, 2018

जानिए क्या कहते हैं आपके सिर के बाल?

हमारे बाल कितने महत्वपूर्ण हैं इस बात का पता इस बात से लगता है कि अच्छे बालों से व्यक्तित्व में चार चाँद लग जाते हैं और चेहरा उम्र से कम दिखाई देता है। पर इससे से भी बड़ा सच यह है कि आपके बाल आपके स्वास्थ्य का आईना है और पतले होते या अत्यधिक झड़ते हुए बाल आपके स्वास्थ्य में गड़बड़ियों के संकेत भी हो सकते हैं। ल्यूमिएर डार्मेटोलॉजी के मेडिकल डायरेक्टर डॉ किरण लोहिया के अनुसार “आपके बालों और स्वास्थ्य का बेहद घनिष्ठ संबंध है। इसलिए अगर आप इनमें से कोई भी समस्या से जूझ रहे हैं तो ज़रूरी है कि इसके वास्तविक कारण का पता लगाएँ और एक उपयुक्त उपाय बिना देर करे अपनाएं।

 

1.बालों का झड़ना-

प्रतिदिन सौ बालों का गिरना सामान्य माना जाता है पर अगर इससे ज्यादा संख्या में बाल गिरें और आपके ब्रश या फर्श पर बालों के गुच्छे गिरे हुए मिलें तो समझ जाएँ कि ये परेशानी की बात है। लगातार ज्यादा बाल झड़ना अक्सर आपके शरीर में आयरन की कमी को दर्शाता है। यदि आपके शरीर में लौह तत्व कम हैं, भले ही आपका हीमोग्लोबिन सामान्य दिख रहा हो तो भी आप बालों के झड़ने से पीड़ित हो सकते हैं। इसके साथ साथ प्रोटीन की कमी बालों के पतले होने और फिर टूट कर गिरने का कारण हो सकती है।

 

2.बालों का पतला पड़ना –

बाल पतले होने की समस्या कई शारीरिक कमियों को दिखाती है जो आगे चलकर कुछ अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्यायें भी दे सकती है। पतले बाल कई कारणों से हो सकते हैं, जिनमें कई तरह के हेयर ट्रीटमेंट, बालों को नुकसान पहुँचने वाली आदतें, पोषक तत्वों की कमी और पीसीओएस जैसी हार्मोनल समस्याएं शामिल हैं। डॉ लोहिया कहती हैं, “यह आनुवंशिक समस्या भी हो सकता है और बढ़ती उम्र भी एक कारण है। डॉक्टरी जांच से इसकी पुष्टि की जा सकती है और पीआरपी (प्लेटलेट समृद्ध प्लाज्मा) थेरेपी द्वारा उचित उपचार किया जा सकता है।

 

3.सर की त्वचा का चिपचिपा और खुजलीयुक्त होना-

सिर की खुजली ना केवल शर्मनाक लगती है बल्कि यह किसी गंभीर समस्या का एक अंतर्निहित कारण भी हो सकता है। स्कैल्प की खुजली त्वचा के कम सीबम स्तर का संकेत है। डॉ. किरण का यह भी कहना है कि यह लौह तत्व की कमी से भी हो सकता है।  कुछ मामलों में यह एक्जिमा या सोरायसिस जैसे त्वचा रोग का कारण भी हो सकता है। इसका कारण तनाव, थकान या एलर्जी के साथ साथ कुछ हेयरकेयर उत्पादों में मौजूद कैमिकल्स भी होते हैं।

 

4.दोमुंहें बाल-

जब आपके बालों के सिरे दो भागों में विभाजित होने लगें तो यह अलार्मिंग है। इसका प्रमुख कारण केराटिन की कमी को माना जाता है। इस के अलावा यह तब भी हो सकता है जब आपके बालों को कलर, ब्लो ड्राई या स्टाइल करते हुए ड्रायर की गर्मी से बचाने के लिए किसी उत्पाद का प्रयोग नहीं किया जाता और इसके कारण बाल झुलस जाते हैं और तनावग्रस्त हो जाते हैं। इस तरह के ट्रीटमेंट बालों के लिए तेज़ आघात का काम करते हैं जो दोमुहें सिरों और बालों के टूटने का कारण बनता है।

 

5.असमय सफ़ेद होते बाल

इसी के साथ बालों का समय से पहले सफ़ेद होना भी शरीर में मेलेनिन की कमी को दर्शाता है। हालाँकि चालीस की उम्र के आस पास यह आनुवांशिक भी हो सकता है लेकिन अगर आप पैंतीस की उम्र के कम हैं और आपके बाल सफ़ेद होने लगे हैं तो तो यह आपके शरीर में विटामिन बी की कमी या थाईरौयड ग्रंथि की अनियमितता का लक्षण हो सकता है।

 

6.रूखे और बेजान बाल-

अगर आपके बाल रूखे होने लगे हैं तो और अपनी प्राकृतिक चमक खोने लगें तो आपको अपने होर्मोंस की जांच कराने की ज़रूरत है।  बालों के लिए प्रयोग किया जाने वाले उत्पादों के साथ साथ जिस पानी से आप इन्हें धोते हैं उसकी प्रकृति भी इन्हें नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए उसे जांच लें और अगर वह बहुत हार्ड है तो उसे बालों के उपयुक्त बनाने के बाद ही प्रयोग करें।

रूखेपन के अलावा अगर बाल बेजान और निर्जीव भी दिखते हैं तो चैक करें की कहीं आप बहुत ज्यादा जंक फूड तो नहीं खा रहे या पानी की पूरी मात्रा शरीर को नहीं मिल रही है।

इसे ठीक करने के लिए ज़रूरी है कि अपने आहार में बहुत सारी सब्जियां, फल और प्रोटीन शामिल करें, और उन खाद्य पदार्थों से दूर रहें जो सिस्टम में कोर्टिसोल के स्तर को बढ़ाते हैं, जैसे रिफाइंड, चीनी या मैदा। गलत शैम्पू और सूर्य से यूवी किरणों के कारण भी केराटिन को नुकसान हो सकता है। सिलिकॉन या पैराफिन युक्त उत्पादों, शैम्पू या कंडीशनर से दूर रहें। साथ ही एंटी-डैंड्रफ़ या वॉल्यूमिंग शैम्पूज़ की अति ना करें क्यूंकि उनमें ऐसे तत्व होते हैं जो आपके बालों में केराटिन को कम कर देते हैं।

अगर आप भी अपने बालों के साथ इन में से किसी भी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं तो एक अच्छे विशेषज्ञ से मिलें और इन अंतेर्निहित कारों का पता लगाकर अपनी जीवनशैली और आहार में तुरंत परिवर्तन लाएँ। क्यूंकि समय बीत जाने के बाद कई बार चिकित्सा के द्वारा भी गहरे नुकसान की भरपाई करना संभव नहीं हो पाता।  

 

चित्र श्रोत:  www.pixabay.com, www.wikipedia.org,  flicker, maxpixel, lamodecestvous.com