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बदला जितना पुराना उतना खतरनाक

Parul Sachdeva | सितम्बर 25, 2018

सुबह के 10 बज रहे थे और जगह थी चेन्नई एयरपोर्ट…..

सभी यात्री अपनी फ्लाइट का इंतज़ार कर रहे थे कि तभी एक अनाउंसमेंट हुई – मे आई हैव योर अटेंशन प्लीज.. वी आर सॉरी टू इन्फॉर्म यू.. दा फ्लाइट टू चेन्नई इस केन्सल्ड डीयू टू सम टेकिन्कल फाल्ट ! रिया अपने लैपटॉप को एकाएक बंद करते हुए – माय गॉड, हाउ कुड दे? अपनी घड़ी में टाइम देखते हुए, चश्मे को सर पर अटकाए, एक हाथ में ब्लेजर और दूसरे हाथ में लैपटॉप बैग उठाते हुए धंधानाते हुए पहुंच जाती है हेल्प डेस्क |

रिया की चेन्नई के मशहूर होटल में एक बिज़नेस कांफ्रेंस थी जिसका उसे अटेंड करना बेहद जरूरी थी | हेल्प डेस्क पर खिजे हुए यात्रियों की एक लम्बी लाइन पहले से ही मौजूद थी | रिया ने सोचा उसका एक-एक मिनट कीमती है तो दूसरी फ्लाइट ले लेने में ही समझदारी है | चेन्नई ने अपनी मैनेजर को कॉल किया और दोपहर 12 बजे की फ्लाइट बुक हो गयी | रिया कोई आम इंसान नहीं थी बल्कि एक मशहूर बिज़नेस वुमन थी | हाल ही में उसे यंगेस्ट बिज़नेस एंट्रेप्रेनर का अवार्ड भी मिला था |

फ्लाइट टेक ऑफ में अभी भी 2 घंटे बाकी थे तो एयरपोर्ट पर ही स्तिथ एक कॉफी शॉप में बैठ गयी |

रिया और कॉफी का बहुत पुराना रिश्ता था | और चेन्नई और रिया का भी | वैसे तो देश के कई हिस्सों में काम के सिलसिले में जाती रहती थी लेकिन चेन्नई में पूरे 10 साल बाद आना हुआ | दरसल यही चेन्नई के टॉप कॉलेज से ही रिया ने अपनी MBA की थी | पढ़ाई में शुरू से ही होनहार होने की वजह से उसे इंडिया के टॉप कॉलेज में एडमिशन मिला था |

वैसे तो रिया अपने लैपटॉप पर रिपोर्ट बनाने में बिजी थी लेकिन जैसे ही वेटर ने तमिल एक्सेंट में पूछा -व्हाट विल यू हैव मैम? रिया के चेहरे पर एक खुंदक तथा गुस्से के भाव आ गए |

चेन्नई तो वो शहर था जिसने उसकी ज़िन्दगी बदल दी थी अच्छे और बुरे दोने ही मायने में | चेन्नई में ही तो वो काव्य से मिली थी, वो दोनों एक दूसरे के इतने अच्छे दोस्त थे कि अगर किसी को कॉलेज में काव्य को ढूंढ़ना होता तो वो रिया से बात करते क्योंकि दोनों को ही एक दूसरे की पूरी खबर होती | प्यार जैसा तो कुछ नहीं था लेकिन प्यारा सा… गहरा सा दोस्ती का एहसास हर दम था | तो फिर ऐसा क्या हुआ जो रिया को चेन्नई से नफरत हो गयी थी |

कि तभी अनाउंसमेंट हुई – पैसेंजर ऑफ़ इंडिगो 6E-129  टू चेन्नई आर रेक्वेस्टेड फॉर बोर्डिंग | रिया ने बीते कल के सभी सवालों, जवाबों को अपने लैपटॉप के साथ बंद कर दिया और कॉफ़ी पिए बिना ही वेटर को टिप देकर चली गयी |

दूसरी ओर काव्य भी अच्छे औदे पर था लेकिन ग्रोथ ना दिखने पर उसने जॉब चेंज करने का सोचा |

इंटरव्यू के लिए बहुत ही प्रशिक्षित कैंडिडेट आए हुए थे | वेटिंग रूम में इंतज़ार करता काव्य टेबल पर रखी मैगज़ीन के पन्ने पलटने लगा जैसे बस हाथ चल रहे हो लेकिन दिमाग इंटरव्यू पर था |

रिसेप्शनिस्ट- मैम ऑल था कैंडिडेट्स फॉर इंटरव्यू हैव अराईव्ड |

नाजाने रिसेप्शनिस्ट को क्या आर्डर आए कि उसके चेहरे के हाव-भाव आश्चर्य से भर गए | फ़ोन रखते ही उसने काव्य को मैनेजर को मिलने के लिए बोला |

मैनेजर-यू आर सिलेक्टेड !

काव्य -हाउ ? अभी मेरा इंटरव्यू तो हुआ ही नहीं |

मैनेजर – हमें ऊपर से आर्डर है | शायद आपकी काबिलियत के बारे में मैनेजमेंट को भी खबर होगी तभी उन्होंने ये डिसिशन लिया |

काव्य ने बड़ी हैरानी से पूछा – पर मेरी सैलरी.. आए मीन पैकेज ?

मैनेजर- पिछली कंपनी के मुकाबले आपकी सैलरी दूगनी कर दी गयी है |

काव्य को कुछ समझ नहीं आ रहा था |  ख़ुशी और सरप्राइज से उसके हाथ तक काँपने लगे और वो थैंक यू सर कह कर बाहर निकल गया |

अब जॉब भी ज्वाइन हो गयी, 20 दिन गुजर गए लेकिन काव्य को काम कुछ नहीं दिया गया | काव्य जब भी सीनियर मैनेजर के पास जाता तो वो उसे बोलता अरे, काम है ही नहीं आपके लिए कुछ, आप बैठो बस |

ऐसा करते-करते 3 महीने गुजर गए लेकिन काव्य को एक साईन करने के लिए भी नहीं कहा गया | सारा दिन खाली बैठे-बैठे वो पकने लगा और एक दिन गुस्से में आकर उसने रिसेप्शनिस्ट को कहा मुझे MD से मिलना हैं | पूरे फ्लोर पर उसकी बुलंद आवाज़ ने खलबली मचा दी और उसे MD से मिलने की इजाजत दे दी गयी |

काव्य -गुड़ मॉर्निंग मैम ! आए ऍम रियली अपसेट..

व्हाई ??

मैम मैंने आपकी कंपनी को 3 महीने पहले ज्वाइन किया और आज तक एक काम तक नहीं किया |

ग्रेट ! मुफ्त की रोटियां तोड़ने की तो आदत है तुम्हे ! वही कर रहे हो | और रिया ने फाइल टेबल पर फेंक अपना चेहरा दिखाया |

काव्य हक्का पक्का रह गया | क्योंकि काव्य ने ही रिया की पूरे 3 साल की मेहनत से बनाई कॉलेज रिपोर्ट को अपने नाम से सबमिट कर दिया था जिससे वो तो कॉलेज में टॉप कर गया पर रिया का करियर दाव पर लग गया |

और अब तुमने जो बांड साइन किया हैं उसके मुताबिक़ तुम्हे 3 साल तक यही रहना हैं वो भी मुफ्त ! 3 साल खराब किये थे ना अब मेरी बारी ! एंड यू नो व्हाट आए ऍम ग्रेट इन ड्राफ्टिंग एक्सपीरियंस लेटर !

काव्य पत्थर की तरह उसी चेयर पर जैसे जकड़ गया |

 

चित्र स्त्रोत -DGRHNEWS, atomic spin, Livemint, Veedzy, youtube.

Parul Sachdeva

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