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पीठ के निचले हिस्से में दर्द के लिए कुछ असरदार योगासन
Ankita Kumari | नवम्बर 13, 2018
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क्या आप पीठ के निचले हिस्से के दर्द से पीड़ित हैं? क्या आप निराश हैं और डॉक्टर के पास जाए बिना ही इस दर्द से छुटकारा पाना चाह रही हैं? अगर आपका जवाब हाँ है तो नीचे कुछ योगासन दिए हुए हैं जिन्हे अपने दैनिक जीवन में अपनाकर आप आसानी से इस दर्द से निजात पा सकते हैं। योग कई बीमारियों का प्राकृतिक उपचार है, प्रतिदिन सुबह या शाम को कुछ मिनटों के लिए इसका अभ्यास करके आप बड़ी से बड़ी बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
Table of Contents
1 .कैट एंड काऊ पोज़ (मारर्जियासन और बिटिलासन) –
इसे करने का सही तरीका-
चित्र में दिखाए अनुसार अपने घुटने और हाथ को ज़मीन पर रख कर आराम करें।
अब अपनी पीठ को अंदर की ओर झुकाएं और सांस लें। सांस लेते वक़्त ऊपर की ओर देखे और आराम करें।
अब सांस बाहर की तरफ छोड़ें और धीरे- धीरे नीचे की ओर देखें।
इसे विभ्भिन सेटों में 10-15 बार दोहराएं।
अपनी कोहनी के बल पर आराम करने या झुकने से बचें।
फायदे –
इस आसन को करते वक़्त जब आपकी रीढ़ की हड्डी फैलती है, तो कूल्हों के क्षेत्र में मौजूद डिस्क फैलती है जिससे उस क्षेत्र में दर्द कम होता है। इस आसन से आपके दिमाग को भी आराम मिलता है। इस आसन का एक और लाभ यह है कि यह सांस लेने और शरीर की गतिविधियों के बीच आपके ध्यान और समन्वय को बेहतर बनाने में मदद करता है।
इस आसान को करने का सही तरीका देखने की लिए वीडियो देखें-
2 .स्पाइन ट्विस्ट (वक्रासन) –
इसे करने का सही तरीका-
छत की ओर मुँह करके, हाथों को फैलाकर जमीन पर लेट जाएं।
अब अपने तलवे को फर्श के संपर्क में रखें, घुटनों को अपने पेट के पास रखें और धीरे-धीरे अपने घुटनों को उठाते हुए दाएं ओर मुड़ें।
अब आप अपने कंधों और कूल्हों के क्षेत्र में खिंचाव महसूस करेंगे।
कुछ सेकंड के लिए इसी स्थिति में रहें और फिर दूसरी ओर मुड़ कर इसे दोहराएं।
यदि आपको तीव्र पीठ दर्द होता है तो अत्यधिक खिंचाव से बचें।
फायदे:
यह मुद्रा मुख्य रूप से पेट पर काम करती है जो रीढ़ की हड्डी से जुडी होती है। यह निचले हिस्से के दर्द को भी कम करता है और मांसपेशियों को आराम देता है।
इस आसान को करने का सही तरीका देखने की लिए वीडियो देखें-
3.पीजन पोज़ (राजकपोतासन) –
इसे करने का सही तरीका-
अपने बाएं पैर को मोड़ कर और अपने दाहिने पैर को खींच कर जमीन पर बैठ जाएं।
दाहिने पैर को उतना ही स्ट्रेच करें जितना आप अपने पैर की उँगलियों को बाहर निकाल सकते हैं।
ध्यान रखें कि आपके बाएं घुटने और पैर आपके कूल्हे के क्षेत्र के करीब हों (आंकड़े देखें)।
अपनी छाती को आगे बढ़ाएं और 15-20 सेकंड के लिए इस मुद्रा में रहें।
दूसरी तरफ दोहराएं और पद्मसन में आराम करें।
यदि आप घुटने के दर्द से पीड़ित हैं तो इस मुद्रा को ना करें।
फायदे:
इस आसन से आपके पीठ के दर्द को कम करने में मदद मिलेगी, कूल्हे के जोड़ें मजबूत होंगे और आपके दिमाग और शरीर को आराम मिलेगा।
4.चाइल्ड पोज़ (बालासन) –
इसे करने का सही तरीका-
अपने कूल्हों को एड़ी पर रख कर आराम से बैठें।
अपने सिर को ऊपर करके और घुटनों और जांघों को थोड़ा अलग रख कर के बैठें।
अब धीरे-धीरे आगे बढ़ें और अपने सिर से जमीन को छूने की कोशिश करें।
जब आप इस मुद्रा में हों तो आपकी छाती जांघों या घुटनों को छूनी चाहिए।
साथ ही, इस बात का ध्यान रखें कि आपके कूल्हे आपकी एड़ी पर हों। अन्यथा खुद को थोड़ा धक्का देकर अपने कूल्हों को एड़ी पर लाने का प्रयास करें।
अब अपने हाथों को फैलाते हुए आगे की ओर बढ़ाएं और अपनी हथेलियों को फर्श के संपर्क में लाएं।
धीरे-धीरे सांस लें इससे आपकी मांसपेशियों को पर्याप्त खिंचाव मिलेगा।
कुछ मिनट के लिए आराम करें, अपने धड़ को सीधा करें और सांस बाहर की तरफ छोड़ दें।
इस स्थिति में आराम करने के लिए आप सांस लेना बंद कर दें।
फायदे-
इससे आपकी निचली पीठ की मांसपेशियों और कूल्हों को आराम मिलेगा और दर्द से राहत मिलेगी।
5.ट्रैंगुलर स्ट्रेच (त्रिकोणासन) –
इसे करने का सही तरीका-
अपने दोनों पैरों को अलग-अलग करके सीधे खड़े हो जाएं।
अब अपने दाहिने पैर से 45 डिग्री का कोण बनाते हुए बाहर की ओर घुमाएं।
अपने दाहिने हाथ का प्रयोग करें और दोनों पैरों को जमीन पर रखते हुए फर्श को छूने का प्रयास करें।
ऊपर दिखाए गए चित्र के अनुसार अपने बाएं हाथ को ऊपर उठाकर उसी अवस्था में रहें।
कुछ सेकंड के लिए सांस लें और दूसरी तरफ मुड़ कर इसे दोहराएं।
जमीन को छूने के लिए ज़रूरत से ज्यादा स्ट्रेच ना करें। जितना संभव हो उतना ही स्ट्रेच करें।
फायदे –
त्रिकोणासन के नियमित अभ्यास से पैर और पीठ का निचला हिस्सा मजबूत होता है। यह आपके कूल्हे और पीछे की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है। इस आसान से शरीर के निचले हिस्से का दर्द काम होता है।
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