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24_बच्चों में गुस्सा

बच्चो का गुस्सा शांत करने के 4 स्मार्ट तरीके

Parul Sachdeva | March 28, 2018

आजकल के बच्चे अपनी हर मांग पूरी होने क बावजूद बहुत ही गुस्सैल हैं और बात-बात पर ज़िद्दीपन और गुस्सा दिखते हैं। सभी माँ-बाप के लिए यह एक बहुत बड़ी चिंता है क्यूंकि अगर उन्हें अभी रोका न गया तो यह उनका स्वाभाव बन जायेगा और उनकी ज़िन्दगी पर इसका बहुत बुरा असर पड़ेगा। लेकिन हम बताएँगे कुछ स्मार्ट तरीके जो आपके बच्चे का गुस्स्सा शांत कर देंगे और आपको उनके दिल की बातें समझायेंगे|

1. “छपाक “

water-balloon SOURCE ibtimes UK

आप सोच रहे होंगे अब ये छपाक क्या है ? पानी से भरे कुछ गुब्बारे ले और अपने बच्चे के साथ लॉन, बाथरूम या बाथ टब के पास जाए | अपने बच्चे से वो बात पूछे जो उसे गुस्सा दिला रही है और साथ में एक गुब्बारा दिवार या जमीन पर फेंकने को कहे| जैसे – मुझे बहुत गुस्सा आता है जब मुझे पेंटिंग रोक के खाना खाने के लिए कहा जाता है ” छपाक ” या फिर मुझे अपना खिलौना शेयर नहीं करना “छपाक “| आप कहेंगे अब ये क्या पागलपन है लेकिन ये एक बहुत ही पावरफुल एक्टिविटी है जो आपके बच्चे में भरे हुए गुस्से को बाहर निकलती है| खेल बातों से शुरू होकर भावनाओं तक पहुंच जायेगा|

2. एंग्री आर्ट

ANGRY ART SOURCE YOU TUBE

अपने बच्चे को रंग से जुडी सारी सामाग्री जैसे पैन्ट, क्रेयॉन्स और कागज़ दें और उससे अपनी भावनाओं को कागज़ पर उतारने को कहे| जैसे “क्रेयॉन खुश है या क्रेयॉन गुस्से में है| बात ये है की किसी भी तरह वो अपने अंदर दबे हुए एहसासों को निकाले|

 

3. लुढ़कना

Rolling out on grass

किसी पार्क या घास वाली जगह अपने बच्चे को ले जाये| अब उससे कहे कि पहले वो बात बोले जो उसे गुस्सा दिलाती है और फिर घास पर एक बार लुढ़के| आपको पता भी नहीं चलेगा कि कब वो गुस्सा हंसी में बदल गया| ये एक बहुत ही हील करने वाली तकनीक है|

 

4. पिल्लो  फाइट  (तकिये से लड़ाई )

pillow fight

अब ये तो हम सबने अपनी ज़िन्दगी में एक बार तो जरूर की होगी लेकिन इससे भी एक हीलिंग तकनीक जुड़ी है| खासकर कि तब जब आप अपने मम्मी पापा के साथ पिल्लो फाइट कर रहे हो| अगर मम्मी या पापा हार जाये तो बच्चो का आत्मविश्वास बढ़ता है साथ ही साथ उनका गुस्सा मज़े-मज़े में बाहर निकल जाता है| लेकिन हां, कुछ नियम है जैसे कोई छीना-छपती नहीं, तकिये को मुँह पर नहीं मारना या फिर स्टॉप मतलब स्टॉप|

इन सभी गेम्स (खेलों) के दौरान आप किसी प्रॉब्लम को ठीक करने कि कोशिश न करे बस अपने बच्चे को यह एहसास दिलाये कि आप उन्हें समझ रहे है और साथ साथ प्यार से उन्हें समझाए  कि “अपनी बात को जाहिर करने के लिए गुस्से से कई ज्यादा स्ट्रांग इमोशंस एक इंसान के पास होते है|”

चित्र श्रोत: आयी-बी टाइम्स,यु-के , यु-ट्यूब, लीलीन्हा एंजेल वर्ल्ड, वोमेन- वेब

Parul Sachdeva

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