बच्चों में एनीमिया के कारण, लक्षण और उपचार

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एनीमिया की बीमारी खून में आयरन और हीमोग्लोबिन की कमी से होती है| एनेमिया कोई बहुत बड़ी बीमारी नहीं है, लेकिन यह कई जानलेवा बीमारियों की वजह जरूर  बन सकती है|  जब किसी बच्चे के शरीर का रंग पीला या सफ़ेद पड़ जाए या फिर बच्चा तेज साँस ले रहा हो तो समज जाएँ की बच्चें में खून की कमी होना शुरू हो गई है|

कभीकभी छोटे शिशु को गाय के दूध के सेवन से भी एनेमिया हो जाता है| एनीमिया को जानने का सबसे आसान उपाय है कि आप बच्चों के होठों की भीतरी त्वचा, आँखों की त्वचा और नाखूनों का रंग देखे| आमतौर पर गुलाबी रहने वाले भागों का रंग सफ़ेद दिखाई देता है| लोह तत्वों का प्रचुर मात्रा में सेवन ही इस बीमारी का सरल उपचार है

 

बच्चों में सामान्य से कम रक्त होने से निचे दिए गए हुए लक्षण नजर आते हैं-

1. बच्चों में रोजाना खाने की मात्रा  सामान्य रूप से कम हो जाती है| कम खाने की वजह से जरुरी पोषक तत्वों की कमी रहती है|

2. बच्चों को असामान्य खाद पदार्थ जैसे की धूल,मिट्टी,चाक,बर्फ आदि खाने का मन करता है|

3. चिड़चिड़ापन भी नजर आता है|

4. छाती में दर्द होता है जो छोटे बच्चे समज नहीं पाते हैं|

5. तेज और अनियमित धड़कन भी एनेमिया का एक कारण हो सकता है|

6. मसूड़ों, और नाखूनों में पीलापन हो जाता है|

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7. मुंह के किनारे फटना|

8. विकास में कमी होना|

9. साँस की कमी होना|

10. हमेंशा थकान रहना|

11. आँखों में सफ़ेद हिस्से में नीलापन|

कम आयरन के कारण, एनेमिया बच्चे की सीखने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है | एनीमिया के कारण बच्चों में सतर्कता कम हो सकती है| बच्चों में होनेवाली एनेमिया की बीमारी कुछ घरेलू नुस्खे, हेल्धी डाइट और स्वस्थ जीवनशैली अपना कर दूर हो सकती है|

 

एनीमिया दूर करने के कुछ घरेलू नुस्खे इस प्रकार हैं-

1. बच्चों को एक गिलास पानी में एक नींबू निचोड़ कर, एक चम्मच शहद मिलाकर पिए|

2. ज्यादा से ज्यादा पालक खिलाएं।

3. सेब और टमाटर नियमित खिलाएं।

4. सोयाबीन में विटामीन और आयरन की मात्र अधिक होती है| इसे अलग-अलग सब्ज़ियों में डालकर खिलाएं।foods anemia hindi

5. गुड़ के साथ मूंगफली का सेवन करने से भी आयरन की मात्रा बढ़ती है|

6. खून की कमी को दूर करने के लिए दूध और खजूर का सेवन भी उत्तम उपाय है|

7. पिस्ता और अखरोट जैसे ड्राय फ्रूट्स खिलाएं।

8. मूंग, चना, मोठ और गेहूं को अंकुरित करके रोजाना सुबह खिलाएं|

 

चेतावनी

अपने बच्चे को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरुर लेनी चाहिए| छोटे बच्चों में यदि ऐसे कोई लक्षण पाए जाएं तो उपचार के लिए तुरंत बिना देर किये डॉक्टर को संपर्क करना चाहिए |

चित्र स्त्रोत: mabra, twasul, jaipur the pink city, istockphoto

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