Home / Top Cooking Recipes in Hindi / Guru Purnima 2021: जानिए गुरु पूर्णिमा का महत्व और 6 विशेष व्यंजनों के बारे में
गुरु पूर्णिमा (Guru Purnima, 2021) 24 जुलाई 2021 को मनाई जाएगी। यह हिंदुओं के सबसे महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है। गुरु पूर्णिमा का त्यौहार हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। अपने गुरुओं के प्रति आदर व्यक्त करने के लिए यह दिन काफी विशेष माना जाता है। इस विशेष दिन पर कई लोग उपवास रखते हैं तथा कुछ लोग अपने घरों में तरह-तरह के पकवान बनाते हैं। गुरु पूर्णिमा 2021 स्पेशल आर्टिकल में हम आपके लिए लेकर आए हैं गुरु पूर्णिमा से जुड़ी सभी जानकारी और शेयर करेंगे आपसे गुरु पूर्णिमा स्पेशल डिशेज। आइए जानते हैं विस्तार से।
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हिंदुओं के सबसे शुभ दिनों में से एक, गुरु पूर्णिमा का त्यौहार आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। चूँकि हिंदू धर्म के अनुसार हमारे गुरु का स्थान हमारे जीवन में सर्वश्रेष्ठ होता है, अतः गुरु पूर्णिमा अपने गुरु को प्रति आभार और आदर प्रकट करने का दिन है। गुरु पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा के रूप में भी जाना जाता है एवं बौद्ध धर्म के लोग भी इसे वर्ष का अत्यंत महत्वपूर्ण दिन मानते हैं। इसके अतिरिक्त गुरु पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेदव्यास का जन्म भी हुआ था, अतः इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
हिंदू धर्म में किसी भी व्यक्ति के जीवन में उसके गुरु का स्थान सर्वोच्च बताया गया है, ऐसे में गुरु पूर्णिमा का महत्व (importance of guru purnima in hindi) अपने आप ही स्पष्ट हो जाता है। कबीर दास जी का दोहा है कि गुरु गोविंद दोऊ खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय। इसका अर्थ है कि गुरु का महत्व हमारे जीवन में ईश्वर की तरह ही होता है और गुरु के बिना ज्ञान पाना असंभव है, अतः गुरु पूर्णिमा का दिन हमारे गुरु के प्रति आदर और सम्मान प्रकट करने का विशेष दिन माना गया है। इस विशेष अवसर पर लोग अपने-अपने गुरु के प्रति अलग-अलग तरीकों से आभार एवं सम्मान प्रकट करते हैं। कई लोग अपने गुरुओं के रूप में अपने पूर्वजों एवं देवी-देवताओं का पूजन करते हैं। गुरुकुल एवं मठों में शिष्यों द्वारा अपने गुरु के लिए विशेष प्रार्थनाएं आयोजित की जाती हैं, तथा विशेष पकवान बनाए जाते हैं। कई समुदायों में गुरु पूर्णिमा के दिन उपवास किए जाने की भी परंपरा है। इस दिन मुख्य रूप से शाकाहारी भोजन ही खाया जाता है। आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष रूप से बनाए जाने वाले व्यंजनों के बारे में|
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कई लोग अपने अपने देवी-देवताओं एवं ईश्वर को भोग अर्पण करते हैं ऐसे में इस दिन मुख्य रूप से मीठे व्यंजन ही बनाए जाते हैं। जो लोग इस दिन अपने गुरुओं को भोजन करवाते हैं वे स्वादिष्ट शाकाहारी आहार का प्रबंध भी कर सकते हैं।आइए जानते हैं गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बनाए जाने वाले पकवानों की सूची-:
भारत में वार-त्यौहारों एवं अन्य शुभ अवसरों पर सूजी का हलवा प्रमुख रूप से बनाया जाता है। यह बेहद ही आसानी से तैयार हो जाने वाली स्वीट डिश है। इसे सूजी, घी एवं चीनी के मिश्रण से तैयार किया जाता है। सूखे मेवे जैसे काजू, किशमिश एवं बादाम और कसा हुआ नारियल आदि डालकर सूजी के हलवे का स्वाद और भी बढ़ जाता है। अगर आप गुरु पूर्णिमा के अवसर पर कुछ शाकाहारी एवं स्वादिष्ट इस मिठाई के बारे में सोच रहे हैं तो सूजी का हलवा जरूर ट्राई करें।
अगर आप सूजी का हलवा आए दिन बनाते रहते हैं तो इस बार आप बूंदी के लड्डू ट्राई कर सकते हैं। सूजी के हलवे की तरह ही यह डिश भी आसानी से तैयार हो जाती है। इसे बनाने के लिए आपको बेसन, दूध, घी, चीनी एवं केसर की आवश्यकता होती है। ईश्वर को भोग अर्पण करने के लिए बूंदी के लड्डू परफेक्ट चॉइस है। बूंदी के लड्डू तैयार करने की संपूर्ण विधि आप यहां से देख सकते हैं।
काजू कतली ट्राई करने के लिए Guru Purnima 2021 एक बेहतरीन अवसर है। इस मिठाई को काजू, दूध और चीनी के मिश्रण से बड़ी ही आसानी से घर पर ही तैयार किया जा सकता है। काजू और दूध का पोषण इस मिठाई को टेस्टी होने के साथ-साथ काफी हेल्दी भी बनाते हैं। काजू कतली को काजू बर्फी के नाम से भी जाना जाता है। काजू कतली बनाने की संपूर्ण विधि आप यहां से देख सकते हैं।
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर ईश्वर को भोग अर्पित करने के लिए पंचामृत बनाना बहुत शुभ माना जाता है। पंचामृत तैयार करने के लिए आपको एक कटोरी दूध, एक चम्मच घी, एक चम्मच शहद, एक चम्मच चीनी और एक कटोरी दही की आवश्यकता होती है। पंचामृत तैयार करने के लिए इस सारी सामग्री को एक कटोरे में अच्छे से मिक्स करें, और उसके बाद इसमें पतले-पतले केले के टुकड़े डालकर, उन पर इलायची का पाउडर छिड़क दें। यह टेस्टी डिश गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवान को भोग लगाने और घर पर खाने के लिए भी परफेक्ट है।
स्वीट पोंगल को भारत के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग शुभ अवसरों पर बनाया जाता है। यह डिश गुरु पूर्णिमा के अवसर पर घर में खाने और ईश्वर को भोग लगाने के लिए बेस्ट है। स्वीट पोंगल बनाने के लिए सबसे पहले दाल और चावल को एक कटोरी में लगभग 20 मिनट तक भिगोकर रखें और इसके बाद कुकर में तीन सीटी आने तक पकाएं। जब दाल और चावल एक साथ पक जाए, उसके बाद कुकर का ढक्कन खोले बिना इसे उठाकर साइड में रख दें और एक फ्राई पैन में काजू बादाम एवं किशमिश को थोड़ा सा भून लें। भुने हुए सूखे मेवो को अलग निकालकर, इसी पैन में एक चम्मच घी, एक कप पानी और गुड़ डालकर गुड़ की चाशनी तैयार करें। गुड़ की चाशनी तैयार होने के बाद इस चाशनी को गैस पर से उतार लें। अब कुकर का ढक्कन खोलें और उसमें गुड़ की चाशनी मिला दें। अब कुकर को कुछ देर तक गैस पर पकाएं और उसके बाद इसमें भुने हुए सूखे मेवे भी मिला दें। स्वीट पोंगल तैयार है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आप केसरी सेंवईया भी ट्राई कर सकते हैं। इसे भुने हुए काजू, बादाम एवं किशमिश और दूध के मिश्रण से बनाया जाता है। सबसे पहले दूध में केसर डालें और एक फ्राई पैन में काजू, बादाम एवं किशमिश को थोड़ा सा भून लीजिए। इसके बाद इसी पैन में सेवइयां को भी भून ले। सेंवैया के भुन जाने के बाद इसे केसर मिले गर्म दूध में डालें और ऊपर से उसमें भुने हुए सूखे मेवे में भी डाल दें। केसरी सेंवईया तैयार है।
उपरोक्त व्यंजनों के अलावा गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आप गुलाब जामुन, सोनपापड़ी, खिचड़ी एवं अन्य व्यंजन भी आजमा सकते हैं।
गुरु पूर्णिमा हिंदुओ का मुख्य त्यौहार है। इस आर्टिकल Guru Purnima 2021 में हमने आपसे गुरु पूर्णिमा का महत्व और गुरु पूर्णिमा पर बनाए जाने वाले विशेष व्यंजनों की सूची साझा की। कैसा लगा आपको हमारा यह आर्टिकल हमें बताइए, साथ ही इसे शेयर कीजिए अपने दोस्तों और परिवार जनों के साथ। ऐसी ही अनमोल जानकारी और नई-नई रेसिपीज के लिए जुड़े रहिए BetterButter के साथ।
Images Source: WikiMedia
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हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
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