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Navratri Fasting Rules 2023: नवरात्रि व्रत में इन 4 बातों का रखें ध्यान, जानें पूरा नियम

Marketing Team | मार्च 15, 2023

इस साल मां आदि शक्ति की उपासना का पावन पर्व यानी चैत्र नवरात्रि का प्रारंभ 22 मार्च से हो रहा है, जो कि 30 मार्च तक पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। नवरात्रि के दौरान पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है, माना जाता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा पृथ्वी लोक पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामना को पूरा करती हैं। माता रानी को खुश करने के लिए भक्त इन नौ दिनों में उपवास रखते हैं और विधि-विधान से पूजा भी करते है।

 

navratri fasting rules

 

नवरात्रि में मां दुर्गा की सच्चे मन से आराधना करने पर सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। साथ ही इस दौरान उपवास रखने से विशेष फलों की प्राप्ति भी होती है। हालांकि नवरात्रि में व्रत के नियम (Navratri Fasting Rules) और संयम का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि नवरात्रि में व्रत के नियमों का पालन करना बहुत ही जरूरी होता है। वेद-पुराणों में भी नवरात्रि में उपवास के नियम बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं। तो आइए जानते है उन विशेष नियमों और मां की पूजा-अर्चना के बारे में।

 

22 से लेकर 30 मार्च तक होगी मां की आराधना:

देश भर में होली खत्म होने के बाद हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। नवरात्रि के नौ दिन मां दुर्गा के नौ अलग अलग स्वरूपों मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार चैत्र नवरात्रि के दिन मां आदिशक्ति प्रकट हुई थी और ब्रह्मा जी के आग्रह पर सृष्टि का निर्माण किया था।

 

Chaitra Navratri

साथ ही इस साल हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होती है। इस बार चैत्र नवरात्रि 22 मार्च बुधवार से शुरू होकर 30 मार्च 2023, गुरुवार तक है। प्रतिपदा तिथि 22 मार्च, बुधवार को सुबह 11 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 23 मार्च, गुरुवार को सुबह 11 बजकर 58 मिनट पर समाप्त होगी।

रखें साफ-सफाई का ध्यान:

मान्यता है कि मां इन 9 दिनों में अपने भक्तों के घर आती है। ऐसे में साफ सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि मां साफ-सफाई की तरफ ही अपने कदम बढ़ाती है। जहां मां के कदम धरती चूमती है वहां खुशहाली आने लगती है। साथ ही दरिद्रता का वास भी नहीं रहता। माता के इन 9 दिनों में भूलकर भी किसी का दिल बिल्कुल ना दुखाएं। भूखे को खाना खिलाएं और प्यासे को पानी पिलाएं। जितना हो सके गरीबों की मदद करें।

पूर्ण होती है सभी मनोकामनाएं:-

नवरात्रि में मां की विधि विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। माना जाता है कि इन दिनों रखे गए व्रत का कई गुना फल मिलता है। वैसे तो नवरात्रि में 9 दिनों तक व्रत रखने की परंपरा चलती आ रही है, लेकिन कुछ लोग सिर्फ पहली, अष्ठमी व नवमी का ही उपवास रखते है। व्रत करने से शारीरिक, मानसिक और धार्मिक लाभ भी मिलने लगते है।

 

नवरात्रि पूजा-अर्चना

 

मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में व्रत रखने से तन, मन और आत्मा शुद्ध होती है। इन दिनों में व्रत करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। वेद-पुराणों के अनुसार इन दिनों व्रत रखने से मां बहुत प्रसन्न होती है और सभी मनोकामनाएं भी पूरी करती है।

 

देवताओं ने भी की थी मां की पूजा-अर्चना:

वेद-पुराणों के अनुसार मां का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए देवताओं ने भी नवरात्रि के 9 दिनों का उपवास रखा था। देवराज इंद्र ने राक्षस वृत्रासुर का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और नवरात्रि व्रत रखे थे। यही नहीं भगवान शिव ने त्रिपासुर दैत्य का वध करने के लिए मां भगवती की पूजा-अर्चना की थी।

 

hindu worship

 

जगत के पालनहार भगवान विष्णु ने भी मधु नामक असुर का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की थी। भगवान श्री राम ने भी रावण का वध करने के लिए मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की और नवरात्रि के व्रत रखे थे। देवी मां के आशीर्वाद से ही भगवान राम को अमोघ वाण भी प्राप्त हुआ, जिससे वो रावण का वध कर पाए थे। पांडवों ने भी विजय के लिए देवी मां की उपासना की थी।

ये गलतियां ना करें:

  • नवरात्रि के दौरान व्रत करने वाले लोग अपनी दाढ़ी-मूंछ और बाल को कटवाने से दूर ही रहें।
  • यदि कलश स्थापित कर लिया है तो पूरे दस दिनों तक अखण्ड जोत जलाते हुए उस स्थान को खाली बिल्कुल ना छोड़ें।
  • नौ दिनों तक तामसी भोजन का सेवन बिल्कुल ना करें, अपने घर पर लहसुन प्याज के सेवन से दूर ही रहें।
  • व्रत रखने वाले व्यक्ति इन दिनों अनाज का सेवन ना करें, बल्कि फलाहार करें।
  • यदि हो सके तो इस दिन व्रत का खाना (Vrat Ka Khana) ही खाएं तो सही रहेगा।
  • पुराण के अनुसार ऐसा माना गया है कि दिन के समय सोना वर्जित है।
  • व्रत के समय में मांस-मदिरा, एवं तम्बाकू का सेवन पूर्ण रूप से वर्जित है।
  • नवरात्रि में उपवास के दौरान भोजन (Navratri Fasting Food) अधिक नहीं करना चाहिए। इस दौरान फल के अलावा आप कुट्टू का प्रयोग कर सकते है।

 

 

 

 

प्रिय पाठकों चैत्र नवरात्रि में व्रत के नियम (Navratri Fasting Rules) और संयम बरतने के बारे में आपको लगभग जानकारियां मिल गई होगी। हमारे ग्रंथों में भी बहुत सारे नवरात्रि के उपवास के नियम के बारे में बताया गया है। यदि आप भी इस चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) में उपवास रखना चाहते है, तो इस लेख को जरूर पढ़े। साथ ही इसे अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर कर उनका भी व्रत रखने में मार्गदर्शन करें। साथ ही हमें कमेंट करके जरूर बताएं की बेटर बटर का ये आर्टिकल आपको कैसा लगा।

 

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Image Source: Google Images (https://www.google.com/imghp?hl=en)

 

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