Home / Nutrition in Hindi (पोषण) / Shivratri Recipes in Hindi: महाशिवरात्रि की स्वादिष्ट व्यंजन और महत्व
महाशिवरात्रि भारत के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। पुराणों व धर्मग्रंथों के अनुसार महाशिवरात्रि का महत्व बहुत अधिक है और इस खास मौके पर भगवान शिव की आराधना की जाती है। इस त्यौहार के दिन शिवलिंग का दूध, जल, और पुष्पों से अभिषेक किया जाता है व महाशिवरात्रि के लिए बनाये गए व्यंजनों (Shivratri recipes in Hindi) का भोग शिव को लगाया जाता है। कई स्थानों पर महाशिवरात्रि व्रत भी किया जाता है। भले ही आप भारत के किसी भी कोने से हों, आपने शिवरात्रि के बारे में अवश्य सुना होगा, पर क्या आप जानते हैं कि महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है और क्या है महाशिवरात्रि का महत्व? अगर नही, तो बने रहिये हमारे साथ।
इस आर्टिकल में आगे हम चर्चा करेंगे कि क्या है महशिवरात्रि का महत्व, क्या है इस त्यौहार को मनाने का कारण, और अन्य त्यौहारों को मनाने की तरह क्या हैं महाशिवरात्रि के तरीके। साथ ही बताएंगे आपको महाशिवरात्रि के अवसर पर बनाये जाने वाले ख़ास व्यंजनों के विषय में । तो आइए जानते हैं इस विशेष दिन के बारे में।
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हिन्दू धर्म की अगर बात की जाए तो यहाँ माने जाने वाले हर रीति-रिवाज़ और मनाये जाने वाले हर पर्व के पीछे कोई न कोई कारण या कथा होती है। ऐसी ही कथाएँ और कारण महाशिवरात्रि के पीछे भी हैं।
महाशिवरात्रि का त्यौहार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है और माना जाता है कि इसी दिन भगवान शिव इस संसार में पहली बार प्रकट हुए थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव एक ज्योतिर्लिंग यानी की एक अग्नि के शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए जिसका न कोई आदि था और न ही अंत, न कोई आधार और न ही शिखर! इसलिये ही महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा और अभिषेक किये जाते हैं।
एक अन्य कथा के अनुसार महाशिवरात्रि का दिन शिव और शक्ति के मिलन का दिन भी है। भक्तों के अनुसार वो महाशिवरात्रि का दिन ही था जब वैरागी शिवजी, शक्ति के साथ विवाह करके गृहस्थ जीवन की ओर अग्रसर हुए थे। इस ब्रह्मांड के लिए शिव और शक्ति का मिलन अत्यंत महत्वपूर्ण था, इसलिए इस दिन को महाशिवरात्रि कहा गया और आज तक इसे मनाया जाता है।
भारत में अलग-अलग त्यौहारों को अलग-अलग तरीकों से मनाते देखा जा सकता है, पर महाशिवरात्रि को अधिकतर स्थानों पर एक ही तरीके से मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर घर अथवा मंदिरों में शिवलिंग की पूजा की जाती है, शिवलिंग का अभिषेक किया जाता है, तथा शिव को भोग अर्पित किया जाता है। अधिकतर स्थानों पर भक्तों द्वारा महाशिवरात्रि व्रत भी रखा जाता है जिसकी अलग महिमा है।
भगवान शिव की शक्ति के प्रतीक, शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए एक स्वच्छ पात्र में पानी या दूध भरकर शिवलिंग पर धीरे-धीरे वह जल अथवा दूध चढ़ाया जाता है। इसके अलावा भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र, आक-धतूरे के फल व रोली, चावल इत्यादि भी शिवलिंग पर चढ़ाए जाते हैं। इस पर्व का अधिक फल प्राप्त करने के लिए अभिषेक के बाद भगवान शिव की आरती करें तथा शिवपुराण, महामृत्युंजय मंत्र अथवा शिव के पंचाक्षरी मंत्र का जाप करें। महाशिवरात्रि के रात्रि जागरण में भाग लेने एवं महाशिवरात्रि के व्रत का पालन करने से इस त्यौहार का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
महाशिवरात्रि के दौरान रखा जाने वाला व्रत (Fast) अत्यधिक फ़लदायी माना जाता है। इस व्रत में फलाहार किया जा सकता है अथवा निर्जल रहकर भी इसे कर सकते हैं। महाशिवरात्रि व्रत के दिन व्रती को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करना चाहिए, तथा स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद भगवान शिव व शिव परिवार की पूजा करनी चाहिए और शिव भक्ति में लीन रहना चाहिए। विवरणों के अनुसार पूर्ण विधि से महाशिवरात्रि व्रत का पालन करने वाले व्यक्ति को सुख, शांति व समृद्धि प्राप्त होते हैं।
महाशिवरात्रि के व्रत पर फलाहार करने का नियम है। इस व्रत के दौरान पूर्ण रूप से भूखे न रहकर केवल अनाज के सेवन का त्याग करना होता है। महाशिवरात्रि व्रत के दौरान साबूदाने, सूरन, कुट्टू के आटे, दही, आलू, फल अथवा मूँगफली के सेवन को प्राथमिकता दी जाती है और इनसे बनने वाले अनेकों व्यंजन तैयार किये जाते हैं। आइये जानते हैं महाशिवरात्रि व्रत के दौरान कौन-कौनसे व्यंजन भारत में प्रमुख रूप से खाये जाते हैं-
महाशिवरात्रि व्रत के दौरान किये जाने वाले फलाहार में आलू के स्वादिष्ट पकौड़े खूब चाव से खाये जाते हैं। इन्हें आलू, कुट्टू के आटे, हरी मिर्च, सेंधा नमक, व काली मिर्च से तैयार कर तेल में तला जाता है, और फिर हरी मिर्च की चटनी के साथ परोसा जाता है।
साबूदाने का सेवन अधिकतर फलाहार में ही किया जाता है और महाशिवरात्रि के व्रत के मौके पर इसकी खिचड़ी खाई जा सकती है। साबूदाने की खिचड़ी एक मराठी भोजन है जिसे आलू, मूँगफली और साबूदाने के साथ बनाया जाता है।
व्रत के दौरान किये जाने वाले फलाहार में गेहूं का आटा नही खाया जा सकता, इसलिए चीनी, घी और सिंघाडे का आटा मिलाकर आप मीठे के लिए सिंघाड़े का स्वादिष्ट हलवा बना सकते हैं।
महाशिवरात्रि के दौरान किये जाने वाले फलाहार में आप केले की स्वादिष्ट चाट भी बना सकते हैं। इसे कटे हुए केलों में सेंधा नमक, काली मिर्च व नींबू का रस मिलाकर बनाया जाता है।
इन सभी पारंपरिक व्यंजनों के अलावा शिवरात्रि पर किये जाने वाले फलाहार के लिए आप आलू की चाट, फलाहारी स्टफ्ड आलू पेटिस, सौंके की खीर, फराली डोसा, सेब बर्फी इत्यादि भी बना सकते हैं।
महाशिवरात्रि का मौका बहुत ख़ास होता है, और इस त्यौहार का हमारी संस्कृति में विशेष महत्व है। इस आर्टिकल में हमनें आपको महाशिवरात्रि का महत्व बताते हुए बताया कि महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है, महाशिवरात्रि के तरीके क्या हैं और महाशिवरात्रि के दौरान कौनसे व्यंजन (Mahashivratri recipes in Hindi) खाये जाते हैं। आप भी इस जानकारी का उपयोग करते हुए महाशिवरात्रि का यह त्यौहार मनाएं और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करें।
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हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
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