मैंने सास-ससुर को ना चुनकर अपनी ख़ुशी चुनी!

Spread the love

मुझे बिकुल ग़लत ना समझे | ऐसा नहीं है कि मेरे सास-ससुर अच्छे नहीं हैं और ना ही मैं उन लोगों के खिलाफ हूँ जो अपने इन-लॉज़ के साथ खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं | मैं समझती हूँ कि ये आपका सबसे एहम आर्थिक, भावपूर्ण और शारीरिक सपोर्ट होता हैं लेकिन मैंने एक दुनिया की परवाह ना करते हुए एक अलग डिसिशन लिया है| मैं अब अपने सास-ससुर के साथ नहीं रहती लेकिन उनका ख़याल हैं मुझे | ठीक अपने माँ-बाप के जैसे |

family going.story of a woman hindi

मेरे माँ बाप भी उतने ही बूढ़े हैं जितने की मेरे पति के | मैं चाहती थी कि मैं और मेरे सास-ससुर दोनों को ही रोज-रोज की चिक-चिक ना करनी पड़े | मुझे अपनी ज़िन्दगी अपनी शर्तो पर जीने के मौका मिले और मेरे सास-ससुर भी घरेलु झगड़ो से दूर हो कर अपनी जिंदगी बसर करे | इसमें बुरा क्या हैं |

मैं अपने पति को समय देकर अपना रिलेशनशिप स्ट्रांग करना चाहती थी|

Husband wife. story of a woman Hindi

क्योंकि जब आप अलार्म क्लॉक की तरह ज़िन्दगी जीते हो, इसको बुरा ना लग जाये या उसके दिल पर कोई ठेस ना पहुंचे तब अक्सर आप अपनी खुशियों को छोड़कर दुसरो को खुश रखने लग जाते हो | ये मुझे गवारा नहीं था |

मैं जॉब भी करना चाहती थी|

working woman 1.story of a woman Hindi (1)

किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहती थी क्योंकि जब आप आर्थिक रूप से किसी पर निर्भर होते हो तो जाने अनजाने कोई ना कोई बात आपको चुभ जाती हैं | अगर मैं सास ससुर के साथ रहती तो शायद कई बार उनकी उमीदो पर खरी ना उतरती – शायद कई बार उन्हें टाइम पर चाय ना मिलती या जॉब की थकान के कारण खाना ना बना पाती और इसका अंत होता – लड़ाई या मन-मुटाव |

मैं अभी बच्चे नहीं चाहती थी और अगर साथ रहती तो हर बार यही एक बात सुनने को मिलती – फैमिली शुरू करो, उम्र निकल जाएगी | वो भी ग़लत नहीं हैं | हमारे भले के बारे में सोच रहे हैं पर मैं भी ग़लत नहीं हूँ | अभी ज़िन्दगी शुरू हुई हैं मेरी | हर चीज़ को टाइम देना जरुरी हैं तभी एक घर बन सकता हैं | और हां एक और बात मैं बिलकुल भी सहमत नहीं हूँ कि मेरे सास-ससुर पहले अपने बचो को पाले फिर मेरे बच्चो को | मतलब उन्होंने कब एन्जॉय किया ? और मैं भी अपने बेटे से अलग ही रहूंगी ताकि वो अपने पार्टनर का ज्यादा अच्छे से ख़याल रख पाए |

एक और बात मैंने एक वीकेंड अपने माँ-बाप के लिए और एक वीकेंड अपने सास-ससुर के लिए फिक्स किया हुआ हैं | हम सब पूरा दिन साथ बिताते हैं खूब मज़े और ढ़ेर सारी बातें करते हैं |

family weekend meet.story of a woman hindi

कई साल बीत गए लेकिन लोग आज भी कहने से नहीं चूकते अकेले रहती हो ? सास ससुर कि कोई चिंता नहीं ? पर मैं जानती हूँ अब मैं अपने पति और अपने बच्चो के साथ खुश रहती हूँ अकेले नहीं | कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम हैं कहना पर अगर आप खुश हैं तभी आप दुसरो को खुश रख सकते हैं |

चित्र श्रोत:वीमेन वेब, ड्रीम्स टाइम्स .कॉम,फरमेपूल एन्ड  राइट स्मिथ स्टॉक फुटेज, त्रिनेत्र टूर्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *