Home / Uncategorized / क्या आपका बच्चा आपसे झूठ बोल रहा है?
आजकल की भाग दौड़ भरी दुनिया में माता पिता को अपने बच्चों पर ध्यान देने का पूरा वक़्त नहीं मिल पाता है और इसी वजह से बच्चे अपने माता पिता से बातें छुपाने भी लगते हैं और काफ़ी बच्चे झूठ भी बोलने लगते हैं। अगर आपको भी ऐसा लग रहा है कि आपका बच्चा आपसे झूठ बोल रहा है तो जरुरत है उसे जानने की और जान कर उसे समझने की। ज्यादातर बच्चे झूठ बोलना या तो अपने घर से शुरू करते हैं या तो स्कूल से। आइए जानते हैं वो संकेत जिनसे पता चल सकता है की आपका बच्चा आपसे झूठ तो नहीं बोल रहा –
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जब बच्चें झूठ बोलते हैं तो वो आपकी आँखों में देख कर बात नहीं कर पाते हैं और आपसे नज़रें चुराते हैं क्योंकि उस वक़्त उनके मन में यह डर रहता है की कहीं उनका झूठ पकड़ा न जाए।
झूठ बोलने के बाद अगर आप अपने बच्चे से कोई सवाल पूछते हैं तो वो आक्रामक हो कर झुंझला जाते हैं और जवाब देने से कतराते हैं।
जब आपके कुछ पूछने पर आपका बच्चा जवाब देने में बार बार अटकता है तो इसका मतलब उसके मन में पकड़े जाने का डर है और वो आपसे झूठ बोल रहा है।
जब आपको अपने बच्चे की बातों में आत्मविश्वाश की कमी नज़र आये, वो डरा डरा सा लगे तब यह समझ लीजिये कि आपका बच्चा आपसे झूठ बोल रहा है।
बच्चे जब आपकी बातों को घुमाने लगे और कोई दूसरी बात करने की कोशिश करे तब वो झूठ बोल रहे होते हैं।
आपके कोई सवाल पूछने पर अगर आपका बच्चा जवाब देने के बदले अपने नाखूनों को चबाने लगता है तो इसका मतलब होता है कि वो कुछ सोच रहा है और झूठ बोलने के तरीके ढूंढ रहा है।
जब आपको अपने बच्चे के व्यव्हार में बदलाव नज़र आता है, वह साधारण दिनों की तुलना में कुछ अलग बर्ताव करने लगता है तब आप समझ जाइए कि वो आपसे कुछ छिपाने कि कोशिश कर रहा है।
जब कभी घर के सभी सदस्य एक साथ बैठ कर वक़्त बिता रहे हों और आपका बच्चा सबसे कटा कटा कहीं अलग जा कर बैठा है तब उसके मन में कोई बात होती है जो वो आप लोगों से शेयर नहीं करना चाहता है।
जब आपको अपने बच्चे में ध्यान कि कमी नज़र आये, वो किसी भी काम को मन से नहीं करे जैसे पढ़ाई, खेल कूद, आदि कामों में उसका मन न लगे तो समझ लीजिये कि वो आपसे कुछ झूठ बोल रहा है।
अगर बचपन में ही उनकी इस आदत को नहीं सुधारा गया तो आगे चल कर यह उनके भविष्य के लिए खतरा बन सकता है इसीलिए आज ही अपने बच्चे की इस झूठ बोलने की इस गंभीर आदत पर रोक लगाए। इसके लिए जरुरी है कि हम अपने अंदर भी कुछ बदलाव लाये जैसे,
1) बच्चों पर ज्यादा रोक टोक न करें ।
2) बच्चों पर विश्वास करें ।
3) घर में शांति का माहौल रखें ।
4) बच्चों के सामने आपस में झूठ कर एक गलत उदाहरण न बनें ।
5) बच्चों पर किसी प्रकार का दबाव न बनाये ।
तो आज ही अपने बच्चों को पहचाने और अगर वो झूठ बोल रहे है तो उनकी इस आदत को बदलें।
चित्र श्रोत :imagesbazar, autistic not weired, awesomejelly, huffington post, wonderpolis, e-learning heroes
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