30 साल पहले की और आज की माँ में अंतर

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वक़्त के साथ हर चीज़ बदलती है इसी तरह पेरेंटिंग के तरीके भी बदल गए हैं। आज अगर हम देखे की हमारे माता-पिता ने किस तरह हमारी परवरिश की थी और हम अपने बच्चों की परवरिश किस तरहकर रहे हैं तो आपको इन दोनों में अंतर दिखाई देगा। हम किसीभी परवरिश को गलत नहीं कह रहे। परवरिश के दोनों ही तरीके अपने आप में सही हैं लेकिन टेक्नोलॉजी की वजह से हमारे तौर-तरीकों में बहुत अंतर आ गया है।

1) 30 साल पहले की माँ– सभी चीज़ें बड़ों से पूछा करती थीं

  आज की माँ– गूगल (google) पर सर्च करती हैं

google moms in hindi (1)

हमारे माता-पिता हमारी परवरिश को लेकर किसी भी तरह की जानकारी के लिए अपने बड़ों से सलाह लेते थें।हम आज किसी भी तरह की जानकारी के लिए गूगल का इस्तेमाल करते हैं। क्या हम सच में गूगल पे कुछ ज्यादा ही आश्रित हो गए हैं?

 

2) 30 साल पहले की माँ– बच्चों को गिरने दिया करती थी

 आज की माँ- घर को बेबी प्रूफ(babyproof) कर देती हैं

baby proof moms in hindi (1)

हमारा गिरना हमारी माँ के लिए कोई गंभीर बात नहीं होती थी, गिरने पर माँ हमें खुद से उठने का मौका भी देती थी।पर आजकल हम अपने बच्चों को लेकर इतने ज्यादा सतर्क हो गए हैं की पुरे घर को बेबी प्रूफ कर देते हैं ताकि हमारे बच्चे को चोट ना लगे।यही कारण है की आज के बच्चे हम जितने सख्त नहीं होते।

 

3) 30 साल पहले की माँ– बच्चों को डांटती थीं

 आज की माँ– बच्चों को डांटने से डरती हैं

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मेरी माँ हमें डांटने या सजा देने से पहले एक बार भी नहीं सोचती थीं। आजकल के माता-पिता बच्चों को नहीं डांटते हैं क्युकी उनका मानना है की इससे बच्चे के दिमाग पर गलत असर पड़ेगा। इस वजह से बच्चों को ज्यादा ही लाड-प्यार दिया जा रहा है जिससे वे बिगड़ सकते हैं।

 

4) 30 साल पहले की माँ– घरेलु नुस्खे अपनाती थीं

    आज की माँ– बात-बात पर डॉक्टर के पास जाती हैं

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हमें सर्दी हो या जुखाम, माँ हमारे माथे पर गीला कपडा रख कर और हल्दी वाला दूध पिलाया कर ही हमें ठीक किया करती थीं।आजकल अगर हमारा बच्चा एक बार छींक भी दे तो हम उसे डॉक्टर के पास लेकर चले जाते हैं। दवाइयां हमारे बच्चे की इम्युनिटी को पहले ही कमजोर कर देती हैं।

 

5) 30 साल पहले की माँ- टीचर पर भरोसा करती थीं

आज की माँ– टीचर पर नज़र रखती हैं

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हमारी माँ हमारे टीचर पर आँख बंद करके भरोसा करती थीं और उन्हें हमारे गुरु का दर्ज़ा देती थीं।आजकल की माँ टीचर पर नज़र रखती हैं, वो ये जानने में लगी रहती हैं की टीचर किस तरह से पढ़ा रही हैं।यहाँ तक की क्लास में एक जासूस भेज कर वहां की सारी ख़बरें भी ले सकती हैं।

आपको क्या लगता है हमारे माता-पिता की दी हुई परवरिश ज्यादा अच्छी थी या हमारी?

चित्र स्त्रोत: masterfile,  getty images, konkannet, tinystep, hindustantimes, about pathankot, india today, parenting, shuttershock

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