Home / Uncategorized / बच्चों पर मोबाइल फ़ोन के प्रभाव
मोबाइल फ़ोन और टैबलेट जैसी डिवाइस के बिना तो आज हम अपनी ज़िन्दगी की कल्पना भी नहीं कर सकते| दूर बैठे किसी व्यक्ति से बात करने से लेकर अपने बच्चों के मनोरंजन के लिए भी हम मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते हैं| कई बार तो हम खुद अपने बच्चे को फुसलाने के लिए मोबाइल फ़ोन दे देते हैं, पर क्या आपने कभी यह सोचा है की आपकी ये एक लापरवाही आपके बच्चे को कितना बड़ा नुकसान पहुंचा रही है? मोबाइल फ़ोन का बच्चों पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है।
आइये जानें मोबाइल के इस्तेमाल से बच्चों पर पड़ने वाले 8 बुरे प्रभाव-
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मोबाइल फ़ोन से नॉन थर्मल रेडिएशन निकलती है जिसके अधिक इस्तेमाल से बच्चों के दिमाग में सुस्ती आ जाती है | इससे बच्चों का मन चिड़चिड़ा हो जाता है और वे किसी भी काम में ध्यान नहीं दे पाते हैं |
मोबाइल फ़ोन के जरुरत से ज्यादा इस्तेमाल से बच्चे को उसकी लत लग जाती है जिसके वजह से उनका मन मोबाइल में ही लगा रहता है और वे बाहर खेलने जाने की जगह मोबाइल पे ही खेलना पसंद करते हैं| ऐसा करना उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रभाव डालता है|
बच्चे मोबाइल फ़ोन की स्क्रीन को घंटो तक देखते रहते हैं जिससे उनकी आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है| इससे उनमे विज़न सिंड्रोम होने की सम्भावना भी बढ़ जाती है| बच्चों की आँखों के स्वास्थ्य के लिए उन्हें 30 मिनट से ज्यादा फ़ोन का इस्तेमाल न करने दें|
विकसित हो रहे दिमाग पर मोबाइल का बहुत बुरा असर पड़ता है, टेक्नोलॉजी के अधिक उपयोग से बच्चों में सोचने समझने की शक्ति कम हो जाती है और पढाई से उनका मन हटने लगता है| मोबाइल फ़ोन का जरुरत से अधिक इस्तेमाल 12 साल से कम उम्र के बच्चे की दिमागी क्षमत्ता को घटा देता है|
मोबाइल में सभी चीज़ें काफी तेज़ी से हो जाती हैं जिससे बच्चे में धैर्य की कमी हो जाती है| मोबाइल के इस्तेमाल से उनका दिमाग हर वक़्त उसी दुनिया में रहता है। इससे बच्चे जिद्दी हो जाते हैं और अगर कोई जिद्द जल्दी पूरी नहीं की जाती तो वे अपना धैर्य खो देते हैं और झुंझला जाते हैं।
बच्चे अपने आस-पास जो देखते हैं वही करना चाहते हैं| मोबाइल फ़ोन में बच्चे जिस भाषा और शब्दों को सुनते हैं वे उनके दिमाग में कैद हो जाते हैं| 60 प्रतिशत बच्चों में कार्टून और मोबाइल पर गेम्स खेलने से बोलने की शैली में बदलाव आ जाता है।
मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते हुए बच्चे घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं जिससे उनकी पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और उन्हें कुछ खाने का मन नहीं करता| इससे बच्चों में मोटापा और डायबटीज़ होने का खतरा भी बढ़ जाता है|
मोबाइल फ़ोन से चिपके रहने की वजह से बच्चों को उसकी लत लग जाती है| बच्चे अपने माता-पिता की बातें सुनना बंद कर देते हैं जिससे वे भावनात्मक रूप से अपने पेरेंट्स से दूर होने लगते हैं|
अगर आपका बच्चा मोबाइल फ़ोन का आदि हो गया है तो उसे किसी तरह मोबाइल के बुरे प्रभाव के बारे में समझाइये या फिर अपने बच्चे को एक्टिविटीज में बिजी कीजिये और उसके साथ ज़्यादा से ज़्यादा वक़्त बिताइए ताकि उसे न तो मोबाइल देखने का मन करे और न मौका मिले।
चित्र श्रोत: Understood, nutrition/ today, medical news today, imagesbazar, videoblogs
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