Search

Home / Nutrition in Hindi (पोषण) / क्यों आयुर्वेद में माना गया गिलोय को वरदान, जानिए गिलोय के फायदे

गिलोय के फायदे

क्यों आयुर्वेद में माना गया गिलोय को वरदान, जानिए गिलोय के फायदे

Himanshu Pareek | मार्च 18, 2021

गिलोय के फायदे (Benefits of Giloy in Hindi)

गिलोय एक ऐसी औषधि है जो हमारे घरों के आस-पास आसानी से उपलब्ध हो जाती है परंतु इसके गुणों का ज्ञान न होने होने पर हम इसका सही से उपयोग नही कर पाते, इसलिए आज के आर्टिकल में हम आपको परिचित कराने जा रहे हैं गिलोय के फ़ायदे (benefits of giloy in hindi) और औषधीय गुणों से। एक सामान्य व्यक्ति से अगर कहा जाए कि गिलोय के बारे में बताइए तो पान की आकार के पत्ते वाली हरे रंग की बेल और उसके कड़वे स्वाद से अधिक बता पाना मुश्किल हो सकता है, पर इसी गिलोय को आयुर्वेद में विशिष्ट स्थान दिया गया है।

औषधीय गुणों से भरपूर और स्वाद में कड़वे गिलोय के नियमित सेवन का परामर्श आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा विभिन्न रोगों के उपचार में दिया जाता है। इसके अलावा गिलोय का नियमित सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी उपयोगी होता है जिससे मौसमी बीमारियों और अन्य व्याधियों से बचाव होता है। गिलोय का सेवन बहुत आसान होता है तथा एक औषधि के रूप में गिलोय का सेवन उबालकर, काढ़ा बनाकर अथवा चूर्ण के रूप में किया जा सकता है। बीमार होने पर गिलोय खाने के फ़ायदे तथा नियमित रूप से गिलोय पीने के फ़ायदे अनेकों हैं। गिलोय के उपयोग जानने वाले लोग एक कोमल और साफ़ त्वचा (giloy benefits for skin) के लिए भी गिलोय का नियमित सेवन करते हैं। आज इस आर्टिकल में हम बात करेंगे गिलोय के ऐसे ही फ़ायदों की, साथ ही बताएँगे आपको इसके सेवन का तरीक़ा। आइए जानते हैं विस्तार से।

गिलोय के उपयोग (Uses of Giloy in Hindi)-:

गिलोय के सेवन का औषधीय फ़ायदा खाँसी-ज़ुकाम, बुखार, प्यास, व जलन इत्यादि जैसी सामान्य बीमारियों से लेकर गम्भीर बीमारियों जैसे बवासीर, टीबी, व शारीरिक कमज़ोरी आदि में भी होता है। यूँ तो गिलोय के स्वयं के गुण अनेकों होते हैं पर साथ ही जिस पेड़ पर भी गिलोय की बेल चढ़ती है, उस पेड़ के औषधीय गुण भी इसमें अवशोषित हो जाते है, इसलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गिलोय का सेवन सर्वोत्तम माना जाता है। आइए जानते हैं गिलोय के कुछ महत्वपूर्ण औषधीय लाभों के बारे में-:

1. नेत्र रोग में फ़ायदेमंद है गिलोय

इस डिजिटल युग में बहुत से लोगों का आँख कमज़ोर होने या नेत्र सम्बंधी अन्य समस्याओं से जूझना आम बात है। ऐसे में गिलोय के उचित मात्रा में नियमित सेवन से नेत्र सम्बंधी रोगों के समाधान में लाभ हो सकता है। गिलोय के ज़रिए नेत्र रोगों का उपचार करने के लिए 10 मिली गिलोय रस में एक ग्राम शहद व सेंधा नमक मिलाकर अच्छे से पीस लें व नियमित रूप से ध्यान से आँखों में काजल की तरह लगाएँ। ऐसा करने से आँखों के गम्भीर रोग जैसे अँधेरा छाना, चुभन, व मोतियाबिंद जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। इसके अतिरिक्त अगर आपकी आँखों कि रोशनी दिन-प्रतिदिन कम होती जा रही है तो गिलोय के रस में त्रिफ़ला मिलाकर काढ़ा तैयार करें। तैयार काढ़े का सेवन पिप्पली चूर्ण व शहद के साथ नियमित रूप से करें, इससे आँखों की रोशनी बढ़ने लगेगी।

2. कान के रोग दूर करता है गिलोय

कान में होने वाली अधिकतर समस्याओं का कारण कान का मैल होता है, पर आपको यह जानकर आश्चर्य नही होना चाहिए कि गिलोय के उपयोग से कान सम्बंधी समस्याएँ भी दूर हो जाती हैं। अगर आपके कान में तकलीफ़ है तो गिलोय के तने को पानी में घिसे और उस पानी को गुनगुना कर लें। इस गुनगुने पानी की दो-दो बूँदें नियमित रूप से दिन में दो बार कान में डालें। ऐसा करने से कान को बिना कोई नुक़सान पहुँचे, कान की गंदगी बाहर निकल जाएगी। इससे प्रक्रिया को नियमित रूप से करने से कर्ण सम्बंधी रोग दूर होंगे तथा आपकी सुनने की क्षमता भी बेहतर होगी।

और पढ़ें-: कान का दर्द ठीक करने के घरेलू उपाय

3. बुखार उतारने में गिलोय का उपयोग

गिलोय का सेवन बुखार उतारने में रामबाण औषधि का कार्य करता है। गिलोय में मौजूद बैक्टीरिया व अन्य जीवाणुओं को रोकने की शक्ति इसे सर्दी-ज़ुकाम व बुखार जैसी समस्याओं से लड़ने में सक्षम बनाती है। बुखार होने पर 250 मिली पानी में लगभग 40 ग्राम गिलोय मसलकर मिट्टी के बर्तन में रातभर रख देवें। इस पानी को सुबह छानकर पीने से बुखार उतर जाएगा। अगर बुखार पुराना है तो इस पानी का सेवन दिन में तीन बार थोड़ा-थोड़ा करें। इससे लाभ होगा।

और पढ़ें-: चिकनगुनिया के कारण, लक्षण और रोकथाम के उपाए

4. एसिडीटी होने पर करें गिलोय का सेवन

गिलोय के औषधीय गुण पाचन तंत्र की समस्या होने पर भी फ़ायदा पहुँचाते हैं। एसिडीटी होने पर गिलोय के रस का सेवन गुड़ और मिश्री के साथ करें, इससे तुरंत लाभ होगा।

5. लीवर को तंदरुस्त रखने में गिलोय का उपयोग

लीवर हमारे पाचन तंत्र का महत्वपूर्ण अंग है और अगर यह ठीक से काम न करे तो पाचन तंत्र की छोटी समस्याओं से लेकर पीलिया जैसी गम्भीर समस्या भी उत्पन्न हो सकती है। अगर आप लीवर सम्बंधी किसी विकार से परेशान है तो गिलोय को छोटी पीपल, अजमोद, व नीम के साथ सेक लेवें तथा मसलकर 250 मिली पानी में रातभर के लिए रख दें। सुबह छानकर इस पानी का सेवन करें। यह प्रक्रिया नियमित रूप से एक महीने तक करने पर लीवर सम्बंधी विकार एवं अपच की समस्या जड़ से ख़त्म हो जाएँगे।

6. मधुमेह रोगियों के लिए वरदान है गिलोय

आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा मधुमेह के रोगियों के लिए गिलोय के नियमित सेवन की सलाह दी जाती है। गम्भीर डायबीटीज़ होने पर प्रतिदिन 10 मिली गिलोय के रस का सेवन पानी में मिलाकर करें। इस प्रयोग से धीरे-धीरे रक्त में शर्करा की मात्रा घटने लगेगी।

7. बवासीर के इलाज में कारगर है गिलोय

गिलोय का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर तो बनाता ही है पर साथ ही पहले से जटिल हो चुकी बवासीर की समस्या में भी गिलोय का सेवन कारगर सिद्ध होता है। गिलोय के प्रयोग से बवासीर का इलाज करने के लिए गिलोय, धनिया व हरड़ को बराबर मात्रा में लेकर पानी में पका लें। जब थोड़ा सा पानी रह जाए तो उसका काढ़ा बना लें। तैयार काढ़े में गुड़ डालकर नियमित रूप सुबह व शाम को इस काढ़े का सेवन करें। इससे बवासीर की समस्या में फ़ायदा मिलेगा।

8. पीलिया दूर करे गिलोय

कई गम्भीर बीमारियों की तरह गिलोय के सेवन का फ़ायदा पीलिया रोग दूर करने में भी होता है। पीलिया होने पर गिलोय के काढ़े का सेवन दो से तीन चम्मच शहद के साथ दिन में दो-तीन बार करें। गिलोय के इस प्रकार के सेवन से पीलिया की समस्या जल्दी ख़त्म हो जाएगी। इसके अलावा गिलोय के तनों के छोटे-छोटे टुकड़े बनाकर माला में पहनने से भी पीलिया में स्वास्थ्य लाभ होता है।

9. त्वचा को गिलोय के फ़ायदे

गिलोय को त्वचा के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। मुँहासे, फोड़े-फुंसी व झाइयाँ होने पर गिलोय के फलों को पीसकर चूर्ण बना लेवें तथा चूर्ण को शहद व गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगा लें। 15 मिनट के बाद चेहरा सादा पानी से धो लें। ऐसा करने से त्वचा चमकने लगेगी।

और पढ़ें-: चमकती त्वचा के राज, आपकी रसोई से

उपरोक्त उपचारों के अतिरिक्त गिलोय के काढ़े, चूर्ण व अन्य रूप में गिलोय के सेवन का लाभ टीबी, कैन्सर, क़ब्ज़, उल्टी, मूत्र रोग, गठिया इत्यादि रोगों के समाधान में भी होता है। गिलोय के औषधीय गुणों का लाभ इसे आहार में शामिल करके भी लिया जा सकता है। यहाँ से देखिए गिलोय के डोसे बनाने की सम्पूर्ण विधि

महत्वपूर्ण नोट-: हेल्थ एक्स्पर्ट्स के मुताबिक़ यूँ तो गिलोय के फ़ायदे असीमित है पर इसका उचित मात्रा से अधिक उपयोग शरीर को नुक़सान भी पहुँचा सकता है। गर्भवती महिलाओं व ऐसे व्यक्ति जिनका पाचन तंत्र कमज़ोर है, उन्हें गिलोय के अधिक सेवन से बचना चाहिए।

गिलोय को इसके औषधीय गुणों के लिए अमृतवल्ली के नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों के साथ गिलोय के नाम जैसे बंगाली में गुंचा, गुजराती में गुलवेल आदि, बदलते रहते हैं पर नही बदलते हैं इसके औषधीय गुण। इस ब्लॉग में हमने आपसे गिलोय के फ़ायदे (benefits of giloy in hindi) साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइए, और इसे शेयर करके अपने परिवारजनों व मित्रजनों स्वस्थ रहने में मदद कीजिए। ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी और रोचक रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहिये BetterButter के साथ।

Disclaimer-:

BetterButter इस ब्लॉग में प्रकाशित की गयी किसी भी चित्र अथवा वीडियो का आधिकारिक दावा नहीं करता है। इस ब्लॉग में सम्मिलित दृश्य-श्रव्य सामग्री पर मूल रचनाकार के अधिकार का हम पूरा सम्मान करते है तथा प्रकाशित रचना का उचित श्रेय रचनाकार को देने का पूर्ण प्रयास करते है। अगर इस ब्लॉग में सम्मिलित किसी भी चित्र या वीडियो पर आपका कॉपीराइट है और आप उसे BetterButter पर नहीं देखना चाहते तो हमसे संपर्क करें। उक्त सामग्री को ब्लॉग से हटा दिया जायेगा। हम किसी भी सामग्री के लेखक, फोटोग्राफर एवं रचनाकार को उसका पूरा श्रेय देने में विश्वास करते है।

Himanshu Pareek

हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।

COMMENTS (0)

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *