क्या गर्भ निरोधक गोलियां देतीं है मुहाँसों से छुटकारा?   

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हर स्त्री के जीवन में केवल युवावस्था ही वह पड़ाव नहीं होता जब मुहाँसे परेशान करते हैं बल्कि यह किसी भी उम्र में परेशानी का कारण बन सकते हैं। कुछ स्त्रियाँ युवावस्था से लेकर गर्भधारण और यहाँ तक कि मेनोपौज के शुरुवाती चरण में भी इनसे जूझती रहती हैं और इसका मुख्य कारण होता है शरीर के अंदर होने वाले हार्मोनल उतार चढ़ाव। अगर आप विवाहित हैं और आपने इस समस्या के लिए अलग अलग तरह की क्रीम से ले कर फेस वॉश इत्यादि बहुत कुछ आज़मा के देख लिया है तो आपके लिए एक राहत की बात यह है कि बर्थ कंट्रोल पिल्स दे सकती हैं आपको इस समस्या से छुटकारा। अब आप पूछना चाहेंगी,

 

क्या यह सच में संभव है? –

हाँ!! बहुत सारे शोध यह बात प्रमाणित करते हैं कि कुछ बर्थ कंट्रोल पिल्स मुहांसों की समस्या को काफी हद तक खत्म कर सकतीं हैं। यह इस हद तक सच पाया गया है कि कुछ बर्थ कंट्रोल पिल्स के ब्रांड्स ने एफ डी ए को यह निवेदन किया कि उनकी ब्रांड की गोलियों को मुहांसों के उपचार के लिए एक औषधि का दर्जा दे दिया जाये।

चिकित्सक यह कहते हैं कि होर्मोंस के बार बार असंतुलन से यह समस्या घटती बढ़ती रहती है। और इस परिवर्तन से कभी कभी एंड्रोजन नामक होर्मोन के बढ़ जाने से त्वचा में मौजूद ग्रंथियां अधिक तेल पैदा करने लगती हैं और यही तेल इकट्ठा होकर संक्रमित हो जाता है और मुहाँसे बनते हैं। लेकिन जब आप बर्थ कंट्रोल पिल्स खाना शुरू कर देती हैं तो इन होर्मोंस के स्तर बेहतर तरीके से नियमित होते हैं यानि कि एंड्रोजन में असामान्य वृद्धि नहीं होती है और इसी वजह से मुहाँसों में कमी आ जाती है।

 

क्या कुछ बर्थ कंट्रोल पिल्स बाकियों से ज्यादा असरदार हैं ? –

यहाँ यह जानना बेहद महत्वपूर्ण है कि इसके लिये आपको ऐसी बर्थ कंट्रोल पिल्स का चुनाव करना पड़ेगा जो एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्ट्रोन का सही कॉम्बिनेशन हो। क्यूंकि ऐसी गोलियों में एस्ट्रोजेन वह घटक है जो त्वचा में तेल बनाने वाली ग्रंथियों को नियमित करने का काम करता है।

चिकित्सक यह भी कहते हैं कि ऐसी पिल्स को आमतौर पर मुँहासों के लिए दिया जाता है लेकिन यह इसका एकमात्र विकल्प नहीं है इसके अलावा एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के कोंबिनेशन वाले इम्प्लांट्स, पैच और योनि के अंदर प्रयोग किये जाने वाले रिंग्स में भी यही कोंबिनेशन पाया जाता है और यह गोली जितना ही असरदार हो सकता है।

मुहांसों के उपचार के लिए इनका प्रयोग शुरू कराने से पहले सामान्यतः चिकित्सक आपके स्वास्थ्य संबंधी पूरी जानकारी लेते हैं और यदि कभी भी आपको रक्त में थक्के बनने या किसी भी तरह के माइग्रेन जैसी परेशानी रही हो तो शायद आपको इसका प्रयोग करने का मशवरा नहीं दिया जाएगा।  इसके अलावा यह जानना भी महत्वपूर्ण है कि मुहांसों का कारण हमेशा होर्मोंस का असंतुलन न होकर पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस जैसी समस्या भी हो सकती है इसलिये अपने शारीरक लक्षणों के बारे में अपने चिकित्सक से खुल कर बात करें ताकि वो आपको सही सलाह दे सकें।

 

बर्थ कंट्रोल पिल्स और मुहांसों के बारे में कुछ और ज़रूरी बातें –

आपके लिए यह जानना भी ज़रूरी है कि कई बार मुहांसों के उपचार के लिए बर्थ कंट्रोल पिल्स लेना शुरू करने के बाद आपकी त्वचा की स्थिति एकदम से ज्यादा खराब हो सकती है। लेकिन कुछ समय के उपरांत होर्मोंस का स्तर नियमित होते ही त्वचा सामान्य और बेहतर हो जाती है।

साथ ही मुहांसों के खत्म होते ही कुछ समय के बाद इस बात की भी गुंजाइश रहती है कि आपको मुहाँसे फिर से होने लगें। लेकिन इस स्थिति में यह जानना ज़रूरी है कि मुहांसों के वापस आने का असली कारण क्या है।

अगर आप युवावस्था से ही बर्थ कंट्रोल पिल्स लेना शुरू करती हैं तो जीवन के आगे के वर्षों में जब आप इसे लेना बंद करती हैं तब तक आपके होर्मोंस एक नियमित स्थिति में आ जाते हैं और फिर गर्भधारण, स्तनपान और मेनोपौज जैसी स्थिति जोकि थोड़े समय के लिए ही रहती है, इनकी वजह से होने वाले मुहाँसे भी थोड़े समय के बाद अपने आप ठीक हो जाते हैं।

अगर बर्थ कंट्रोल पिल्स लेना बंद करने के बाद आपके मुहाँसे दोबारा उभर आते हैं और आप दोबारा इन गोलियों को शुरू करें या अगर आप बर्थ कंट्रोल पिल्स बंद कर आई यू डी जैसे किसी विकल्प का प्रयोग शुरू करती हैं तो इसका मुहांसों पर असर पड़ने में लगभग तीन से छह महीने लग सकते हैं।  

 

चित्र स्त्रोत: Public Domain Pictures,  Pixabay, Wikipedia, flicker, Wikimediacommans,

 

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