Ayurvedic Tips for Weight Loss: आयुर्वेद में अधिकांश बीमारियों के घरेलू इलाज (home remedies) बताये गए हैं। मोटापा व बढ़ा हुआ वजन आज विश्वभर के करोड़ों लोगों की समस्या बन चुका है, और यह अपने साथ कई अन्य बीमारियाँ भी लेकर आता है। अच्छी बात यह है कि आयुर्वेद में प्राकृतिक पदार्थों की सहायता से मोटापा खत्म करने के कई उपाय बताए गये हैं। चूंकि ये नुस्खें पूरी तरह से प्राकृतिक होते हैं, इसलिए इनका कोई विपरीत प्रभाव भी हमारे शरीर पर नहीं होता। इस आर्टिकल में हम आपसे साझा करने जा रहे हैं मोटापा दूर करने के ऐसे ही प्राकृतिक व आयुर्वेदिक उपाय (ayurvedic tips for weight loss)। आइये जानते हैं विस्तार से।
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मोटापा बढ़ने का प्रमुख कारण अस्वस्थ दिनचर्या (unhealthy routine) व खान-पान का अनियमित होना होता है। आयुर्वेद में अनेकों ऐसी प्राकृतिक जड़ी-बूटियां व खाद्य पदार्थ बताये गए हैं जो शरीर की अतिरिक्त चर्बी का नाश करते हैं, और हमारे मेटाबॉलिज्म (metabolism) को बढ़ाकर फिट रहने में हमारी सहायता कर सकते हैं। आइये जानते हैं आयुर्वेद में सुझाये गए मोटापा कम करने के घरेलू उपाय।
मेथी हम सभी के घरों में आसानी से उपलब्ध हो जाती है, और इसे वजन कम करने (weight loss) के लिए बेहतरीन औषधि माना जाता है। दरअसल मेथी में प्रचुर मात्रा में गैलेक्टोमेनान पाया जाता है, जिसके सेवन से हमारी लंबे समय तक खाना खाने की इच्छा नही होती, और भूख नही लगती। मेथी के उपयोग से हमारा मेटाबॉलिज्म भी बढ़ जाता है। आयुर्वेद के अनुसार अपना वजन आसानी से कम करने के लिए, मेथी पाउडर (Fenugreek Powder) का सेवन पानी के साथ नियमित रूप से खाली पेट करें।
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विजयसार (Vijaysaar) आयुर्वेद की एक प्रमुख औषधि है। इसका सेवन वजन कम करने (weight loss) के अतिरिक्त मधुमेह (Diabetes) के रोगियों के लिए भी लाभदायक माना जाता है। आयुर्वेद की मानी जाए तो विजयसार की छाल जो राल छोड़ती है, वो पाचन रसों को बढ़ाकर पाचन तंत्र सुदृढ़ बनाये रखने में कारगर होती है। विजयसार नज़दीकी मेडिकल स्टोर्स पर आसानी से उपलब्ध हो जाता है। विजयसार के सेवन के लिए इसकी चाय (Tea) बनाकर पीएं, और जल्द ही अपने पेट की अतिरिक्त चर्बी से राहत पाएं।
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आयुर्वेद में लंबे समय से ही त्रिफला को पाचन तंत्र को बेहतर बनाने के लिए रामबाण औषधि माना गया है। त्रिफला चूर्ण आंवला, बहेड़ा और हरण का मिश्रण होता है। ये तीनों ही पदार्थ आयुर्वेद में पाचन की दृष्टि से बेहतरीन औषधि माने जाते हैं। त्रिफला का सेवन शरीर में से विषाक्त पदार्थों को निकालने में सहायक होता है, जिससे वजन अपने आप कम होने लगता है। त्रिफला के सेवन से अपना वजन कम करने के लिए रोज खाली पेट गुनगुने पानी के साथ आधा चम्मच त्रिफला चूर्ण लेवें।
शरीर की अतिरिक्त चर्बी हटाने के लिए आयुर्वेद में ढेर सारी प्राकृतिक औषधियाँ सुझाई गयी है। पुनर्नवा मोटापा कम करने के लिए मेडिसीन का काम करती है। इसे अंग्रेजी वैज्ञानिक भाषा में बोहरविया डिफ्यूसा कहा जाता है। पुनर्नवा एक औषधीय पौधा होता है, जिसके विभिन्न अंगों का प्रयोग आयुर्वेद की तरह-तरह की दवाइयां तैयार करने में किया जाता है। पुनर्नवा का नियमित सेवन शरीर के आमदोष दूर करने में सहायक होता है।
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अगर आप बढ़े हुए वजन से परेशान हैं और इस वजन को कम करने का कोई बिना साइड इफेक्ट्स वाला प्राकृतिक तरीका तलाश रहे हैं, तो गुग्गुल का सेवन (guggul consumption) प्रारंभ करें। गुग्गुल एक तरह की प्राचीन जड़ी-बूटी है जिसका इस्तेमाल विभिन्न तरह की आयुर्वेदिक दवाइयों में किया जाता है। अध्ययनों के अनुसार गुग्गुल में अनसैचुरेटेड स्टेरॉयड मौजूद होते हैं। इन्हें गुग्गुलस्टेरोन भी कहा जाता है। गुग्गुलस्टेरोन हमारे मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं और साथ ही अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल का नाश भी करते हैं। इस तरह गुग्गुल वजन घटाने में सहायक होता है। चूंकि गुग्गुल एक आयुर्वेदिक पौधा है, अतः इसका सेवन चाय के रूप में करना सर्वाधिक लाभकारी होता है।
नींबू और शहद (Lemon and Honey), दोनों ही पदार्थ आयुर्वेद में विशेष माने जाते हैं, और हर घर में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। नींबू और शहद दोनों ही हमारे शरीर में मौजूद अतिरिक्त वसा को कम करने में सहायक होते हैं। नींबू और शहद के सर्वाधिक लाभ प्राप्त करने के लिए रोज सुबह खाली पेट, गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीएं और कुछ ही दिनों में असर महसूस करें। नींबू और शहद का सुबह-सुबह सेवन करने से दिनभर ताजग़ी बनी रहती है।
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अदरक (Garlic) घरेलू आयुर्वेदिक नुस्खों में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, और इसके औषधीय गुणों की वजह से अनेकों बीमारियों में इसका इस्तेमाल किया जाता है। अदरक में शोगाओल्स व जिन्जेरोल्स नामक तत्व मौजूद होते हैं जो चयापचय को बढ़ाते हैं। अदरक का नियमित सेवन हमारे शरीर में पाचन रसों का प्रवाह भी बढ़ाता है, और खाना पचाने में सहायक होता है। अदरक की सहायता से अपना वजन कम करने के लिए अदरक की चाय का सेवन करें या अदरक का रस निकालकर पीएं।
दालचीनी एक बेहतरीन पेट की चर्बी कम करने का आयुर्वेदिक उपाय है। दालचीनी एक महत्वपूर्ण मसाला होने के साथ-साथ आयुर्वेदिक औषधि भी है। अगर आप रोज़ाना एक कप पानी में दालचीनी पाउडर उबालकर और फिर उस पानी में शहद मिलाकर पीते हैं, तो आपका वजन तेजी से कम होगा। दालचीनी एक बेहतरीन एंटीबैक्टीरियल खाद्य पदार्थ भी है जो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
उपरोक्त औषधियों के सेवन के अतिरिक्त आप वजन कम करने वाला आयुर्वेदिक काढ़ा बनाकर भी पी सकते हैं। इसके लिए आपको दालचीनी, काली मिर्च व अदरक की आवश्यकता होती है। वजन कम करने वाला आयुर्वेदिक काढ़ा बनाने के लिए एक बर्तन में पानी डालकर उबालें। पानी उबलने के बाद उसमें काली मिर्च, दालचीनी व अदरक डालें। मिश्रण को अच्छे से पकने दें और कुछ देर बाद छान लें। आपका वेटलॉस काढ़ा (Kadha) तैयार है। कम समय में चर्बी कम करने के लिए इस वेटलॉस काढ़े को दिन में दो बार पीएं।
वजन कम करने के लिए सौंफ (Fennel) भी अच्छा विकल्प है। सौंफ से अपना वजन कम करने के लिए सौंफ के दानों को पानी में उबालकर उस गर्म पानी को सुबह खाली पेट पियें। इससे आपको भूख कम लगेगी और कुछ ही दिनों में वजन कम होगा।
बढ़ा हुआ वजन किसी को भी परेशान कर सकता है, और यह अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है। इस आर्टिकल में हमनें आपसे वजन कम करने के घरेलू आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic Weight Loss Tips) साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइये, साथ ही इसे साझा कीजिये अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ।
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हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
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