जीरा (cumin seeds in Hindi) रसोई घर में इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख मसालों में से एक है। सब्ज़ी में तड़का लगाना हो या, या चावलों का स्वाद बढ़ाना हो, जीरे का इस्तेमाल ज़रूर जाता है। पर क्या आप जानते हैं कि खाना बनाने के अलावा हमारे स्वास्थ्य के लिए भी जीरा के फायदे ढेर सारे हैं?
Table of Contents
तीखे स्वाद वाला जीरा एक सुगंधित मसाला है जिसका इस्तेमाल दुनिया भर में विभिन्न पकवानों को बनाने के लिए किया जाता है। जीरे को वैज्ञानिक भाषा में क्यूमिनम सायमिनम कहा जाता है। वैज्ञानिक रूप से जीरे का संबंध गाजर परिवार से है। इसकी आवक मुख्य रूप से मिस्र, चीन व मोरक्को में होती है और भारत में भी बड़े पैमाने पर जीरे का उत्पादन किया जाता है। भारत में मुख्य रूप से काला जीरा काम में लाया जाता है।
खाने के अलावा जीरा का उपयोग (Uses of jeera) कई आयुर्वेदिक दवाइयों (Jeera benefits in Ayurveda) एवं दादी-नानी के विभिन्न घरेलू नुस्ख़ों में भी किया जाता है, जो कि जीरा के औषधीय गुण को दर्शाता है। जीरे की तासीर गर्म होती है, जो इसे रोगनाशक बनाती है। इस आर्टिकल में हम बात कर रहें हैं जीरे के स्वास्थ्यवर्धक फ़ायदों की। आइए जानते हैं विस्तार से।
जीरे में विभिन्न तरह के खनिज पदार्थ जैसे आयरन, कैल्शियम, जिंक, मैगनीज, मैंगनीशियम, कॉपर, पोटैशियम, व अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं। जीरे में विटामिन सी भी प्रचुरता में मिलता है। उपरोक्त तत्वों की प्रचुरता जीरे को हमारी सेहत के लिए महत्वपूर्ण बनाती है। जीरा विभिन्न तरह के एंटी-वायरल, एंटी-बायोटिक, एंटी-बैक्टीरीयल व एंटी-ओक्सिडेंट गुणों से भी युक्त होता है।
जो इसे विभिन्न रोगों से राहत दिलाने में औषधीय रूप से विशेष बनाते हैं। जीरे की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका उचित सेवन सर्दी-खांसी जैसे रोगों में शीघ्र राहत पहुंचाता है। जीरे की कई प्रजातियां होती हैं पर उनके गुण सामान ही रहते हैं। जैसे कि सफेद जीरा के फायदे भी काला जीरा के फायदे की तरह ही होते हैं। तो आइए जानते हैं विभिन्न रोगों से बचाव में जीरे के उपयोग:-
जीरे में विभिन्न खनिज पदार्थों के साथ विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो इसे हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लाभकारी बनाता है। खासतौर पर वो लोग जिन्हें तनाव अधिक रहता है, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता समय के साथ कम हो जाती है। ऐसे में उन्हें जीरे के सेवन आवश्यक रूप से करना चाहिए। शरीर में विटामिन सी की नियमित आपूर्ति होने से निम्न रक्तचाप, दिल के दौरे, कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
विटामिन सी के अतिरिक्त जीरे में विटामिन ई भी मौजूद होता है, जो कि एक तरह का एंटीऑक्सीडेंट है। शरीर में विटामिन ई की आपूर्ति होने से कोशिकाओं की दीवारें तंदरूस्त बनती हैं, और कड़ी धूप व प्रदूषण के बीच भी त्वचा की नमी व लचीलापन बना रहता है। शोधों के अनुसार विटामिन ई एक प्राकृतिक एंटी-एजिंग तत्व है। जिससे हमारी त्वचा लंबे समय तक जवां बनी रह सकती है। त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए जीरे के एंटीबैक्टीरियल व एंटीफंगल गुण भी लाभकारी होते हैं क्योंकि इससे त्वचा संक्रमण से बची रहती है। जीरे के नियमित सेवन से त्वचा के कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
आजकल बहुत से लोग मोटापे और बढ़े हुए वजन से परेशान रहते हैं। ऐसे में जीरे के नियमित उपयोग से वजन कम करने में सहायता मिल सकती है। जीरा हमारी चयापचय क्रिया को सुचारू रूप से चलाकर शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी व कोलेस्ट्रॉल का नाश करता है। जीरे के सेवन से खाना खाने की इच्छा भी कम होती है और वज़न अपने आप कम होने लगता है। जीरे से अपना वजन कम करने के लिए जीरे को भून लें। भुने हुए जीरे को मिक्सर में पीसकर इसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को दही में मिलाकर रोज़ाना दिन में दो बार खाएं। इससे वजन कम करने में आसानी होगी। इसके अलावा जीरे का पानी भी वज़न घटाने में कारगर होता है। वज़न घटाने में कच्चा जीरा खाने के फायदे भी काफ़ी होते हैं।
जीरे का सेवन पेट संबंधी समस्याओं को समाप्त करने में रामबाण माना जाता है। अपच, कब्ज, गैस व माहवारी के दौरान होने वाले पेटदर्द के समाधान में जीरा लाभदायक होता है। किसी भी प्रकार की अपच अथवा गैस संबधी समस्या के समाधान के लिए एक कप पानी उबालें। इस पानी में चुटकीभर पिसा हुआ जीरा, अदरक का चूर्ण, नमक व सौंफ डालकर उबलने दें। अच्छे से उबल जाने के बाद इस पानी को ठंडा होने दें और फिर छानकर पी लें। इससे किसी भी प्रकार की अपच की समस्या दूर हो जाएगी। जीरे का पानी पीने के फायदे बच्चों को उदरशूल के दर्द से राहत दिलवाने में भी होते हैं। जीरे का सेवन पाचन रसों को बढ़ाकर पाचन क्रिया को बेहतर बनाने का काम भी करता है।
अस्वस्थ खान-पान विभिन्न तरह की बीमारियों का कारण बन सकता है और एनीमिया ऐसी ही एक बीमारी है। शरीर में आयरन की कमी एनीमिया का मुख्य कारण होती है, और जीरे के सेवन से शरीर में पर्याप्त मात्रा में आयरन की आपूर्ति होती है। एक चम्मच जीरा पाउडर में लगभग चार मिली ग्राम आयरन मौजूद होता है। जीरे के नियमित सेवन से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे खून की मात्रा भी बढ़ती है। खून बढ़ने से थकावट, तनाव, एवं पाचन की समस्या भी कम हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार एनीमिया से बचाव के लिए जीरे का नियमित सेवन आवश्यक रूप से करना चाहिए।
जीरे के स्वाद तीखा होता है, और अगर शोधों की मानी जाए तो जीरे के सेवन से मधुमेह नियंत्रण में भी लाभ होता है। जीरे के लाभ मधुमेह में प्राप्त करने के लिए लगभग आठ चम्मच काला जीरा भूनकर उसका चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को रोज दिन में दो बार पानी के साथ आधा चम्मच खाएं। कुछ समय बाद रक्त में शर्करा का स्तर नियंत्रण में आ जाएगा।
जीरे के सेवन से हमारे शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क को भी ढेरों लाभ होते हैं। दरअसल जीरे में मौजूद विभिन्न एंटीऑक्सीडेंट और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण एकाग्रता बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं। इससे स्मरण शक्ति में सुधार होता है। इसके अलावा विटामिन ई व बी को भी विशेषज्ञ मस्तिष्क की कार्यक्षमता में सुधार लाने में प्रभावी मानते हैं क्योंकि इन दोनों विटामिनों में दिमाग की नसों को उत्तेजित करने की क्षमता होती है। जीरे के ज़रिए अपने दिमाग को चुस्त बनाने के लिए भुने हुए जीरे को रोज चबा-चबाकर खाना चाहिए। स्मरण शक्ति बढ़ाने में सुबह जीरा खाने फायदे सबसे अधिक होते हैं।
जीरे के नियमित सेवन से, जीरे में पाए जाने वाले विभिन्न खनिजों की हमारे शरीर में आपूर्ति होती है। इन खनिज पदार्थों में से कैल्शियम, मैंगनीज़, व मैग्नेशियम हड्डियों की मज़बूती के लिए अनिवार्य माने जाते हैं। साथ ही जीरे में मौजूद विटामिन बी 12 भी हड्डियों को मजबूत बनाता है। इसलिए मजबूत हड्डियों के लिए अपने आहार में जीरा अवश्य शामिल करें।
उपरोक्त फ़ायदों के अतिरिक्त जीरे के सेवन का लाभ अनिंद्रा दूर करने, सांस की बीमारी में राहत पाने, व शरीर में से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में भी होता है। जीरा के फायदे यूं तो कई सारे हैं पर इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि जीरे की तासीर गर्म होती है, और इसके अत्यधिक मात्रा में सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं व एलर्जी भी हो सकती है। इसलिए जीरे का सेवन सीमित मात्रा में ही करें।
जीरे को उपयोगों (Uses of Jeera) को देखते हुए यह प्रश्न उठ सकता है कि यह जीरा है या हीरा? इस आर्टिकल में हमने आपसे जीरा के फायदे साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइए, साथ ही इसे शेयर कीजिए अपने दोस्तों और परिवार जनों के साथ। ऐसी ही अनमोल जानकरी और नई-नई रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहिए BetterButter के साथ।
यह जरूर पढ़िए:
Guide to Spices: मसालों के लिए गाइड के रूप में इन 6 मसालों का करें उपयोग
Quick Home Remedy For Stomach Pain: यह जीरा वॉटर पाचन को बढ़ावा देने में कर सकता है मदद
Black Cumin Benefits: काले जीरे के हैं 6 चमत्कारिक फायदे, जानकर हो जाएंगे हैरान
नीना गुप्ता ने कैसे जुगाड़ से पीस लिया जीरा बिना किसी उपकरण के?
15 स्वादिष्ट और झटपट डिनर रेसिपी, रात के खाने में क्या बनाएं – Dinner Recipes in Hindi
Disclaimer-: BetterButter इस ब्लॉग में प्रकाशित किए गए किसी भी चित्र अथवा वीडियो का आधिकारिक दावा नहीं करता है। इस ब्लॉग में सम्मिलित दृश्य-श्रव्य सामग्री पर मूल रचनाकार के अधिकार का हम पूरा सम्मान करते है तथा प्रकाशित रचना का उचित श्रेय रचनाकार को देने का पूर्ण प्रयास करते है। अगर इस ब्लॉग में सम्मिलित किसी भी चित्र या वीडियो पर आपका कॉपीराइट है और आप उसे BetterButter पर नहीं देखना चाहते तो हमसे संपर्क करें। उक्त सामग्री को ब्लॉग से हटा दिया जायेगा। हम किसी भी सामग्री के लेखक, फोटोग्राफर एवं रचनाकार को उसका पूरा श्रेय देने में विश्वास करते है।
हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
COMMENTS (0)