Home / Nutrition in Hindi (पोषण) / चुकंदर खाने के ये 5 फायदे कोई और नहीं बताएगा – Beetroot Benefits
Beetroot Benefits: आपने सलाद में कटी हुई सब्जी के उन टुकड़ो को जरूर देखा होगा जो आपके हाथ में एक सुंदर सा रंग छोड़ देते हैं। जी हाँ, एक लाल शलजम की तरह दिखने वाली सब्जी जिसे सामान्य भाषा में चुकंदर के नाम से जाना जाता है। चुकंदर मुख्य़तः ज़मीन के नीचे होते हैं और शरीर के लिए लाभदायक होने वाली जड़ वाली सब्जियों में शामिल है। चुकंदर जितना सुंदर रंग देने के लिए जाना जाता है, उतने ही अधिक स्वास्थ्य लाभों के साथ भी आता है। हमारा दावा है कि, चुकंदर खाने के फायदे (Beetroot Benefits) और चुकंदर में मिलने वाला पूरा पोषण (Beetroot Nutrition) आपकी रोजमर्रा के जीवन में कितना महत्व रखता है, इसकी गणना आप खुद ब्लॉग के अंत तक कर पाने में सक्षम होगें।
Table of Contents

चुकंदर एक रसीली दार जड़ वाली सब्जी है जो कि एक सुपरफूड के रूप में लोकप्रियता हासिल कर चुका है। अध्ययनों का दावा है कि चुकंदर और चुकंदर का रस एथलेटिक प्रदर्शन में सुधार कर सकता है, रक्तचाप को कम कर सकता है और रक्त प्रवाह को बढ़ा सकता है। इसलिए अधिक से अधिक रस और पेय में अब आप इसका प्रयोग होता हुआ देख सकते हैं। अंग्रेजी में चुकंदर को (Chukandar in English) बीटरूट के नाम से भी जाना जाता है गहरे लाल रंग की एक सब्ज़ी जिसे पकाकर या कच्चा भी खाया जा सकता है। चुकंदर की तासीर ठंडी होती है इसलिए गर्मियों के दौरान चुकंदर खाने के फायदे (Beetroot Benefits) ज़्यादा देखे जा सकते हैं।
कच्चे चुकंदर की 100 ग्राम सर्विंग निम्नलिखित पोषण प्रदान करती है:
यह भी देखें- जानिए रोज सुबह उठते ही भीगा चना खाने के फायदे! – Chana Benefits in Hindi
चुकंदर की लगभग 20 से ज़्यादा नस्लें उगाई जा चुकी हैं जिनमें से कुछ सबसे ज़्यादा पसंद की जाने वाली 4 नस्लें आप नीचे देख सकते हैं।
डेट्रॉइट डार्क रेड: यह चुकंदर की सबसे आम नस्ल है जिसे बाज़ारों में सबसे ज़्यादा देखा जाता है। यह पारंपरिक रूप से बहुत स्वादिष्ट होते हैं।
गोल्डन: यह एक ऐसी किस्म है जो सूप में भी एक अच्छा मधुर स्वाद जोड़ती है और वेजी स्टिर-फ्राई में बहुत अच्छी होती है। यह किस्म तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रही है।
चीओगिया (Chioggia): ये अंदर से धारीदार होते हैं, जैसे पेपरमिंट। बहुत ही स्वादिष्ट नस्ल जिसे कच्चा खाया जाता है, या साइड डिश के रूप में पकाया जाता है। चीओगिया लगभग 50 दिनों में परिपक्व हो जाता है।
बेबी बीट्स: यह अपने विकास की शुरुआत से ही एक छोटी जड़ और चिकनी त्वचा के साथ गोल आकार बनाता है। आप इस किस्म का उपयोग खाना पकाने के लिए कर सकते हैं, या यह पत्तों और हल्की ड्रेसिंग के साथ कच्चे परोसें जा सकते हैं, जो रात रात के खाने से पहले आपके पास एक अद्भुत ऐपेटाइज़र बनाते हैं।
यह भी देखें- 10 अनसुने इलायची के फायदे: जानिए एक छोटी सी इलायची है कई समस्याओं का समाधान!

चुकंदर में प्राकृतिक रूप से उच्च स्तर के नाइट्रेट होते हैं, जिन्हें आपका पाचन तंत्र नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल देता है। यह यौगिक रक्त वाहिकाओं को आराम देता है और उन्हें फैलाता है, जिसके कारण रक्तचाप को कम करने में यह मददगार सिद्ध होता है। एक अध्ययन से पता चला है कि सिर्फ एक गिलास चुकंदर का रस नियमित मात्रा में लेने से रक्तचाप के स्तर को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके अलावा हृदय रोगों में भी यह एक असरदार औषधि है।

चुकंदर विशेष रूप से फोलेट से भरपूर होते हैं, एक विटामिन जो वृद्धि, विकास और हृदय स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दिल की विफलता एक पुरानी चिकित्सा स्थिति है जहां हृदय की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। चुकंदर नाइट्रेट के उच्चतम स्रोतों में से एक है जो मांसपेशियों को आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन वितरण करने में सक्षम होता है और साथ ही प्रतिरक्षा प्रणाली के सुधार में एक मुख्य भूमिका निभाता है।

चुकंदर का सेवन शरीर को फाइबर से भरता है जो लंबे समय तक पेट को भरा हुआ रखता है। इसके अलावा चुकंदर में विटामिन C, बीटानिन और फोलेट भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं, जो निश्चित तौर पर वज़न कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं। इसके साथ ही चुकंदर में बिटालिन्स के रूप में कई फाइटोन्यूट्रिएंट्स होते हैं – बीटानिन और वल्गैक्सैन्थिन सूजन को कम करने और शरीर को एंटीऑक्सीडेंट की आपूर्ति करने में प्रभावी होते हैं।

सिर्फ 100 ग्राम चुकंदर का सेवन करने से दिन की आपूर्ति का 6% मैग्नीशियम प्राप्त होता है। जिसे चुकंदर में पाए जाने वाले कॉपर और फोलेट के साथ हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए एक आवश्यक मात्रा कहा जा सकता है। यह न केवल हड्डियों के घनत्व के नुकसान को रोकने में मदद करता है बल्कि ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को भी कम करता है।

चुकंदर में विटामिन C पाया जाता है इसलिए बहुत से लोगों का मानना है कि यह पिगमेंटेशन के इलाज में मदद कर सकता है। इसके साथ ही इसमें बीटाइन नामक एक एमिनो एसिड होता है, जो त्वचा की कोशिकाओं पर लाभकारी प्रभाव डालता है और उम्र बढ़ने के संकेतों को नियंत्रित कर सकता है और झुर्रियों को कम कर सकता है। चुकंदर सूरज के लगातार संपर्क में रहने से होने वाली सुस्त और पीली टैनिंग से छुटकारा पाने में और डार्क सर्कल जैसे प्रभावों को भी कम करते हैं।
यह भी देखें- Winter Season Fruits: 15 मौसमी फल जो बढ़ाये आपकी इम्युनिटी।
सामान्य तौर पर दिन का एक गिलास चुकंदर का जूस एक स्वस्थ शरीर के लिए फायदेमंद माना गया है। लेकिन अगर आप पहले से ही बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं तो अपने डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसका सेवन करें। जिन लोगों को किडनी से संबंधित रोग होते हैं उन्हें चुकंदर का सेवन करने से बचना चाहिए। चुकंदर की जड़ों में ऑक्सालेट नामक एक प्राकृतिक यौगिक के उच्च स्तर होते हैं जो गुर्दे की पथरी के इतिहास वाले व्यक्तियों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसके अलावा मधुमेह और अगर किसी व्यक्ति को किसी भी तरह की एलर्जी या त्वचा पर रैशेज़ की समस्या है तो उसे अपने आहार में चुकंदर को शामिल करने से बचना चाहिए। इससे आपकी एलर्जी और त्वचा पर रैशेज़ की समस्या काफी बढ़ सकती है।
चुकंदर की तासीर ठंडी होती है। अगर आपके शरीर को गर्मी लग रही है तो आपको चुकंदर का सेवन करना चाहिए। इसे आप गर्मियों में खाएं तो आपको बहुत लाभ होगा क्योंकि गर्मियों में शरीर में कुछ भी ठंडा जाने से आपको अच्छा महसूस होता है, और शरीर चुस्त और फुर्तीला महसूस करता है।
यह भी देखें- विटामिन डी के स्रोत, प्रकार, फायदे और नुकसान – Vitamin D
चुकंदर में शरीर के लिए लगभग सभी उपयोगी पोषण (Chukandar Nutrition) होते हैं जिनकी एक शरीर को आवश्यकता होती है। इसलिए इसे कभी भी और किसी भी रूप में खाया जा सकता है। सर्दियों में आप चुकंदर का सलाद, चुकंदर का हलवा या चुकंदर की सब्जी बनाकर इसके फायदे ले सकते हैं। वहीं गर्मियों में रोज एक गिलास चुकंदर का जूस शरीर को ठंडा रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है।
लेकिन याद रहे कि अधिक चुकंदर का सेवन भी शरीर को नुकसान पहुंचाने के लिए जाना जाता है इसलिए एक दिन में 100 ml से 250ml के बीच ही चुकंदर के जूस का सेवन करें।
यह भी देखें- क्यों वरदान है लहसुन? जानिए लहसुन खाने के फायदे और नुकसान।
चुकंदर हर मौसम के अनुरूप पोषण (Beetroot Nutrition) लेकर आता है, जिन्हें आप चुकंदर को डाइट में किसी भी रूप में जोड़ कर पा सकते हैं। ब्लॉग में हमने चुकंदर से मिलने वाले फायदों, नुकसान और प्रकार से संबंधित जानकारी दी है जो पोषण प्राप्त करने के इस सफर में आपके लिए उपयोगी सिद्ध हो सकती है। कैसा लगा आपको हमारा यह ब्लॉग हमें कॉमेंट सेक्शन में लिखकर बताएं, साथ ही पोषण संबंधी जानकारी और स्वादिष्ट रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहें BetterButter के साथ।
Disclaimer-: BetterButter इस ब्लॉग में प्रकाशित किसी भी चित्र अथवा वीडियो का आधिकारिक दावा नहीं करता है। इस ब्लॉग में सम्मिलित दृश्य-श्रव्य सामग्री पर मूल रचनाकार के अधिकार का हम पूरा सम्मान करते है तथा प्रकाशित रचना का उचित श्रेय रचनाकार को देने का पूर्ण प्रयास करते है। अगर इस ब्लॉग में सम्मिलित किसी भी चित्र या वीडियो पर आपका कॉपीराइट है और आप उसे BetterButter पर नहीं देखना चाहते तो हमसे संपर्क करें। उक्त सामग्री को ब्लॉग से हटा दिया जायेगा। हम किसी भी सामग्री के लेखक, फोटोग्राफर एवं रचनाकार को उसका पूरा श्रेय देने में विश्वास करते है।
COMMENTS (1)