Home / Nutrition in Hindi (पोषण) / जानिए रोज सुबह उठते ही भीगा चना खाने के फायदे! – Chana Benefits in Hindi
Chana Benefits in Hindi: चना भारत में सर्वाधिक खाये जाने वाले अनाजों में से एक है। अधिकतर अनाजों की ये ख़ास बात होती है कि जब इन्हें भिगोकर या अंकुरित कर के खाया जाता है, तो इनकी पौष्टिकता और भी ज़्यादा बढ़ जाती है। अन्य अनाजों की तरह, भीगा चना खाने के फायदे भी कई सारे होते हैं।
शारीरिक मजबूती पाने, सौन्दर्य निखारने या बढ़ते बच्चों के सम्पूर्ण विकास के लिए कई विशेषज्ञ चने के फायदे (Chana Benefits in Hindi) बताते हुए नियमित रूप से भीगे हुए चने खाने की सलाह देते हैं। अगर आप जानना चाहते हैं चने खाने के फायदे (benefits of eating gram), तो बने रहिये हमारे साथ। इस आर्टिकल में हम आपसे विस्तार से साझा करेंगे चना खाने के फायदे। आइये जानते हैं विस्तार से।
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चना हमारे देश में प्रमुख रूप से खाये जाने वाले अनाजों में से एक है, और इसका प्रमुख कारण है इसकी पौष्टिकता। चना आयरन, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर, फैट, कैल्शियम, व अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। चने की भारत में मुख्य रूप से दो किस्में प्रयोग में लायी जाती हैं। पहली क़िस्म होती है देसी काला चना और दूसरी काबुली चना, यानी की छोले। चने की इन दोनों ही किस्मों से तरह-तरह के पौष्टिक और स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किये जा सकते हैं।
स्वास्थ्य की दृष्टि से इन दोनों किस्मों में से काला चना अधिक फायदेमंद माना जाता है। काले चने को भी अगर अन्य रूपों में न खाकर, यदि भिगोकर खाया जाए तो इसकी पौष्टिकता कई गुना बढ़ जाती है। इस आर्टिकल में आगे हम आपसे साझा करेंगे काला भीगा चना खाने के फायदे (Black Chana Benefits)। आइए जानते हैं विस्तार से:
चने में मौजूद पोषक तत्वों से तो हम परिचित हो ही चुके हैं, और जब भीगे चने (soaked gram) के नियमित सेवन से इन पोषक तत्वों की आपूर्ति हमारे शरीर में होती है, तो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी की इम्युनिटी अपने आप बढ़ जाती है। इससे हम आस-पास फैली बीमारियों तथा अन्य मौसमी बीमारियों से बच पाते हैं, और अपने कार्यक्षेत्र में पूरी क्षमता के साथ काम कर पाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भीगा हुआ चना कफ सम्बंधी समस्याओं का समाधान भी कर देता है। भीगे हुए चने खाने से (Chana Benefits in Hindi) शरीर में तीव्र ऊर्जा का भी संचार होता है।
एक स्वस्थ मनुष्य के लिए शरीर में स्वच्छ रक्त की पर्याप्त मात्रा होना आवश्यक है। रक्त की कमी से जूझते लोगों के लिए भीगे हुए चने का सेवन अत्यधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है। शरीर में आयरन की आपूर्ति होने से हीमोग्लोबिन बनता है, तथा शरीर में रक्त का उचित स्तर बना रहता है। इस तरह भीगे चने का सेवन एनीमिया से पीड़ित व्यक्तियों के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होता है। कई बार गर्भवती महिलाओं अथवा स्तनपान कराने वाली महिलाओं में भी रक्त की कमी हो जाती है, जिससे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ये महिलाएं सीमित मात्रा में भीगे हुए चने का नियमित रूप से सेवन करके खून की कमी से निजात पा सकती हैं। भीगे हुए चने खाने से रक्त में शर्करा का स्तर भी नियंत्रित रहता है।
असमय किया जाने वाला खान-पान तथा खाने में पोषण की अनियमितता के चलते बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल आज कई लोगों के लिए एक गंभीर समस्या बन चुका है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल अपने साथ कई बीमारियाँ लेकर आता है, इसलिए उचित समय पर इसका निवारण किया जाना चाहिए। अगर आप भी बढ़े हुए कॉलेस्ट्रॉल से परेशान हैं तो भीगे हुए चने का नियमित सेवन आपके लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। भीगा हुआ काला चना एक लो-ग्लाइसिमिक आहार है। काले चने में फाइबर पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है। फाइबर की प्रचुरता हमारा पाचन तंत्र बेहतर बनाती है और हम जो कुछ भी खाते हैं, उसके पौष्टिक तत्व हमारे शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं, तथा हमारा कोलेस्ट्रॉल का स्तर नही बढ़ता।
यदि हम नियमित रूप से एक मुट्ठी भीगे हुए काले चने का सेवन करें तो शरीर में पहले से जमा अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल भी कम हो जाता है और ह्रदय समेत अन्य अंग बेहतर तरीके से काम कर पाते हैं।
अनियमित दिनचर्या और खान-पान के चलते एक अन्य समस्या जिसका सामना कई लोगों को करना पड़ता है, वो है कब्ज की समस्या। कब्ज एक पाचन तंत्र संबंधी समस्या है जिसका उपचार भीगे हुए चने के सेवन से किया जा सकता है। कब्ज की समस्या का प्रमुख कारण पाचन तंत्र का कमजोर होना होता है। खाना पचाने में जब आंतों को अत्यधिक मेहनत करनी पड़ती है, तब कब्ज की समस्या उभरकर सामने आती है। भीगे हुए चने में मौजूद घुलनशील फाइबर हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है, और भोजन के पाचन में आँतों की सहायता करता है। इस तरह भीगे हुए चने से कब्ज दूर हो जाती है। अगर कब्ज की समस्या अधिक बढ़ गयी है तो भीगे हुए काले चने को चुटकी भर पिसे ज़ीरे के साथ खाएं।
भीगा हुआ चना पाचन तंत्र की अन्य समस्याओं जैसे गैस, डायरिया, खट्टी डकार इत्यादि से भी राहत पहुंचाता है। भीगा चना खाने से असमय भूख भी नही लगती, और इस तरह यह वजन कम (weight loss) करने में भी लाभदायक हो सकता है।
हमारे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ-साथ चना हमारे सौंदर्य को भी बढ़ा सकता है। दरअसल विभिन्न पोषक तत्वों के साथ-साथ चने में मैंगनीज नामक खनिज भी पाया जाता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को ऊर्जावान रखता है, जिससे हमारी त्वचा लंबे समय तक जवान रहकर चमकती रहती है। चने में विटामिन बी भी पर्याप्त मात्रा में होता है जो कि झुर्रियों अथवा झाईयों से चेहरे को बचाता है।
हमारे बाल भी हमारी सुंदरता का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, और जब शरीर में मैंगनीज़ (Manganese) की आपूर्ति होती है, तो बाल तेजी से बढ़ते हैं और लंबे समय तक मजबूत बने रहते हैं। इस तरह भीगे चने खाने से हमारा सम्पूर्ण सौंदर्य निखर सकता है।
आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी भीगा हुआ चना काफी लाभदायक होता है। चने में बीटा कैरोटीन व विटामिन सी पाया जाता है। ये दोनों ही तत्व आंखों की रोशनी बनाये रखने तथा विभिन्न नेत्र रोगों से बचाने में सहायक होते हैं।
उपरोक्त फायदों के अलावा भीगे हुए चने (soaked gram) का सेवन हड्डियों को मजबूत करने, कैंसर के खतरे को कम करने, रक्तचाप नियंत्रित करने व मानसिक रूप से हमें मजबूत बनाने में भी लाभदायक होता है। हालाँकि यह आवश्यक है कि भीगे हुए चने का सेवन सीमित मात्रा में ही किया जाए। भीगे हुए चने के अत्यधिक सेवन से दस्त, गैस, एलर्जी व पेट में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भीगे हुए चने का सेवन सुबह खाली पेट (empty stomach) करना सर्वश्रेष्ठ रहता है। इसके अलावा काले चने की सब्जी, व आलू चना चाट के रूप में भी भीगे चने का सेवन किया जा सकता है।
चना अनेकों पौष्टिक व औषधीय गुणों से भरपूर होता है। स्वास्थ्य व सौंदर्य के लिए भीगा चना खाने के फायदे (Chana Benefits in Hindi) कई सारे हैं। इस आर्टिकल में हमने आपसे चने के विभिन्न फायदे साझा किए। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइये, साथ ही इसे शेयर कीजिये अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ। ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी और नई-नई रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहिये BetterButter के साथ।
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हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
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