मुँह में होने वाले कैंसर के कारण और लक्षण

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कैंसर एक ऐसी बिमारी है जिससे लड़ना अत्यंत मुश्किल है, कैंसर की कोशिकाओं का विकास आसपास के ऊतकों को भी नुकसान पहुंचाते हैं। मुंह का कैंसर, मुंह में होने वाले छाले के रूप में प्रकट होता है। ओरल कैंसर में होंठ, जीभ, गाल, मुंह के तल, कठोर और नरम तालू, साइनस और ग्रसनी (गले) के कैंसर शामिल हैं। शुरुआती समय में कैंसर का पता चल जाने पर इसका ईलाज आसानी से हो सकता है पर बढ़ते वक़्त के साथ कैंसर और भी खतरनाक होने लगता है और फिर इसका ईलाज भी उतना ही कठिन होता जाता है।

मुँह में कैंसर होने के निम्नलिखित वजह हो सकते हैं:

 

1.धुआं रहित तंबाकू-

तम्बाकू उत्पाद बहुत ज्यादा हानिकारक होते हैं और इनके सेवन से मुंह के कैंसर के साथ-साथ यकृत कैंसर, अग्नाशय के कैंसर और ओसोफेगल कैंसर के विकास का खतरा बढ़ सकता है। तम्बाकू में कार्सिनोजेनिक प्रभाव होते हैं, जो मुंह के कैंसर के खतरे को बढ़ाते हैं।

 

2.आहार-

खराब आहार के सेवन से कुछ प्रकार के मुंह के कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है। मोनोसैचुरेटेड वसा, डब्बा बंद मीट, तले भुने खाने और एल्कोहॉल के सेवन से बचें। फलों और सब्जियों से युक्त एक स्वस्थ और संतुलित आहार कैंसर के विकास के जोखिम को कम करता है।

 

3.धूम्रपान-

सिगरेट, सिगार, या पाइप से धूम्रपान करने वालों के मुँह में कैंसर होने का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में छह गुना अधिक होता है।

 

4.मानव पेपिलोमा वायरस (एचपीवी)-

मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) एक ऐसा वायरस है जो हमारी त्वचा को प्रभावित करता है और आपके गर्भाशय ग्रीवा, गुदा, मुंह और गले जैसी शरीर की नम झिल्लियों को प्रभावित करता है। एचपीवी से संक्रमित व्यक्ति के साथ यौन संपर्क करके भी आप इस संक्रमण से प्रभावित हो सकती हैं।

 

5.मौखिक स्वच्छता-

कभी-कभी लंबे समय तक रहने वाले घावों से भी कैंसर होता है। टूटे हुए दांत, जो अक्सर जीभ पर होने वाले अल्सर या घाव का कारण बनते हैं, वो भी मुंह के कैंसर के विकास की संभावना को बढ़ा सकता है।

इसलिए अपने मुंह और दांतों को स्वच्छ और स्वस्थ रखना बहुत महत्वपूर्ण है।

 

6.सूर्य की किरणें-

सूरज की किरणों के लम्बे समय के लिए आपके होठों पर गिरने से आपके मुंह में कैंसर के होने का खतरा बढ़ जाता है। आप एसपीएफ युक्त लिप बाम या क्रीम का उपयोग करके इस खतरे को कम कर सकते हैं।

 

मुँह के कैंसर के लक्षणों को शुरूआती के समय में ही पहचान लेने पर उसका ईलाज आसान हो जाता है, इसलिए इनके लक्षणों को जानना बहुत ही आवश्यक है।

नीचे मौखिक कैंसर के कुछ लक्षण दिए गए हैं जिनपर ध्यान डालें:

  • मुंह या जीभ के स्तर पर लाल या सफ़ेद रंग के पैच का होना।
  • मुँह में होने वाले सूजन का 3 सप्ताह से अधिक समय तक के लिए रहना।
  • मुंह के छाले या घाव का ठीक नहीं होना।
  • निगलने पर दर्द होना।
  • मुँह के स्तर पर गांठ होना या त्वचा का मोटा होना।
  • गले में खराश और आवाज़ का कर्कश होना।
  • जबड़े में दर्द या अकड़न का होना।
  • गले में कुछ फंसा हुआ महसूस होना।
  • जीभ, कान या गर्दन में दर्द होना।
  • मुँह से लगातार दुर्गन्ध आना।

 

चित्र श्रोत: The Indian Express, Wikipedia, Flickr, health.mil

 

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