दिल के दौरे और दिल के खराब स्वास्थ्य के संकेत

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पिछले 26 वर्षों में भारत ने कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों (CVD) के कारण मृत्यु में 34 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। वास्तव में, भारत में 28 प्रतिशत से अधिक मौतें दिल का दौरा पड़ने से होती हैं। इस कारण, CVD को समझना, इसके जोखिम और चेतावनी संकेतों के बारे में जानकारी का होना आवश्यक बन जाता हैं।

CVD में क्षतिग्रस्त या रोगग्रस्त रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स), रक्त के थक्के  (ब्लड क्लॉट्स) और संरचनात्मक समस्याओं सहित समस्याग्रस्त हृदय स्थितियां शामिल हैं। CVD के उदाहरणों में कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़, हाई ब्लड प्रेशर, दिल का दौरा, स्ट्रोक इत्यादि शामिल हैं। इसमें मोटापे, 60 से अधिक वर्ष की आयु, धूम्रपान, शराब का सेवन, CVD का पारिवारिक इतिहास,आसीन जीवन शैली और तनाव जैसे अन्य जोखिम भी शामिल हैं। जिस व्यक्ति के पास जितने अधिक जोखिम की समस्याएं होती हैं, उसे अपने स्वास्थ्य को लेकर उतना ही सावधान रहना चाहिए।

यह जरूरी नहीं है की अगर किसी व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ता है तो उसे अपनी छाती में बेहद ज़्यादा दर्द महसूस होगा और वह अचानक गिर पड़ेगा। कुछ दिल के दौरे हल्के होते हैं और उनके ऐसे लक्षण होते हैं जो हृदय क्षेत्र में या उसके आसपास भी नहीं होते हैं। इसके अलावा, पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग लक्षणों का अनुभव हो सकता है। एक स्पष्ट तस्वीर प्राप्त करने के लिए दिल के दौरे और दिल के खराब स्वास्थ्य के लक्षणों के बारे में यहाँ पढ़ें।

 

1.छाती में दर्द

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जब दिल को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलता है, तो यह छाती के दर्द के रूप में प्रकट होता है। पुरुष और महिलाएं इस दर्द को अलग-अलग प्रकार से अनुभव करती हैं। दिल का दौरा पड़ने पर पुरुष यह महसूस करते हैं की जैसे कोई हाथी उनकी छाती पर बैठ गया हो, तो महिलाओं को लगता है जैसे उनका दिल निचोड़ा जा रहा है।

 

2.ठन्डे या गरम फ्लैशेस

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अचानक ठन्डे या गरम फ्लैशेस, चिपचिपी त्वचा और अन्य लक्षणों में से एक या दो होने का मतलब है की तुरंत डॉक्टर से जांच करवाने की ज़रुरत है।

 

3.सांस लेने में थकावट या सांसों की कमीं

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थकावट, कमजोरी या सांस की तकलीफ की अचानक शुरुआत का मतलब यह हो सकता है की दिल का दौरा पड़ रहा है। यह विशेष रूप से महिलाओं में देखा जाता है।

 

4.पीठ, गर्दन या बाहों में दर्द

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ज्यादातर पुरुषों को दिल का दौरा पड़ने पर बाएं हाथ में बहुत अधिक दर्द का अनुभव होता है, लेकिन महिलाओं को ऐसे में, ऊपरी हिस्से, गर्दन, जबड़े, निचले पेट या छाती में दर्द होता है।

 

5.उलझन होना

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उलझन या विचलन CVD  का एक महत्वपूर्ण संकेत है। इसका मतलब है कि मस्तिष्क को ठीक से काम करने में सक्षम होने के लिए पर्याप्त रक्त नहीं मिल रहा है। इसका यह भी अर्थ है की रक्त का रसायन शास्त्र बदल रहा है और कुछ मूल्य रूप सुरक्षित सीमा मात्रा से बाहर हो सकते हैं।

 

6.टांगों, पैरों और एड़ी में सूजन

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एक कमजोर दिल पूरे शरीर में रक्त को पहुंचने के लिए, पर्याप्त मेहनत करने में असमर्थ रहता है। गुरुत्वाकर्षण शक्ति के द्वारा रक्त पैरों में इकठ्ठा हो जाता है, जिससे उनमें सूजन हो जाती है। नमक की बदलती सांद्रता भी गुर्दे को झुका देती है जिससे आप फूला महसूस कर सकते हैं।

 

7.दिल की धड़कनों का छूटना

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यद्यपि कभी-कभी किसी एक दिल की धड़कन का छूटना सामान्य बात है, लेकिन यह कई बार होना बिलकुल आम बात नहीं है और यह चिंता का कारण बन सकती हैं।

 

8.कमजोर पाचन क्रिया, मतली और उल्टी

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जब पेट को पाचन प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त नहीं मिलता है, तो इसका मतलब है की दिल को काम करने में परेशानी हो रही है। बुजुर्गों में आम तौर पर यह समस्या हो जाती है, लेकिन अगर इसे किसी अन्य गंभीर संकेत के साथ महसूस करा जाए, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।

 

9.खाँसी

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अनजान कारणों से हुई खांसी, जो कुछ दिनों से चली आ रही हो, दिल की परेशानी का संकेत दे सकती है। एक रोगग्रस्त या कमजोर दिल फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा करने की अनुमति दे देगा। फेफड़े, खुद को साफ़ करने के प्रयास में, खांसी को ट्रिगर करते हैं। इसलिए, अगर किसी को लगातार खांसी की शिकायत हो जो गुलाबी या सफेद बलगम के साथ हो रही हो तो डॉक्टर से अवश्य मिलना चाहिए।

 

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