हमारे शरीर में सभी तरह के विटामिन की आवश्यकता होती है। विटामिन ई एक शक्तिशाली और वसा में घुलने वाला एंटी-ऑक्सीडेंट है, जो मुक्त कणों से होने वाले नुकसान के खिलाफ कोशिका झिल्ली की रक्षा करने में मदद करता है और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण को रोकता है।
विटामिन ई की कमी ज्यादातर 5 से 15 वर्ष के बच्चों को होती है। शरीर में विटामिन ई की कमी होने से दैनिक कार्यों को पूरा करने में बाधा आ सकती है। डॉक्टर से रक्त परीक्षण करवा कर यह पता लगाया जा सकता है कि हमारे शरीर में विटामिन ई का स्तर सही है या नहीं।
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अगर आपके परिवार में किसी को विटामिन ई की कमी थी तो आपके शरीर में भी ये कमी होने की संभावना बढ़ जाती है। इस कमी से होने वाली 2 मुख्य बीमारियां कंजेनिटल एबेटिपोप्रोटीनेमिया और फैमिलल आइसोलेटेड विटामिन-ई डेफिशियेंसी हैं।
विटामिन ई की कमी उन बीमारियों से भी हो सकती है, जो वसा के अवशोषण को कम कर देती हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि विटामिन ई को सही ढंग से अवशोषित करने के लिए वसा की आवश्यकता होती है।
क्रोनिक पैंक्रिअटिटि, सेलिएक डिजीज, कोलेस्टेटिक लिवर डिजीज और सिस्टिक फाइब्रोसिस कुछ ऐसी बीमारियां हैं जिनसे शरीर में विटामिन ई की कमी हो जाती है।
समय से पहले जन्म लेने वाले नवजात शिशु में वसा की कमी और वजन कम होने के कारण उनमें विटामिन ई की कमी होना आम बात है। इन शिशुओं में विटामिन ई की कमी से हेमोलिटिक एनीमिया भी हो सकता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती है।
विटामिन ई की कमी को पूरा करने के लिए निम्नलिखित चीज़ों का सेवन करें:
विटामिन-ई की कमी को पूरा करने के लिए अधिक सप्लीमेंट के सेवन से बचें:
पेट में एक ट्यूब लगाकर विटामिन ई के सप्लीमेंट दिए जाते हैं। इसकी एक खुराक हमारे रक्त में विटामिन ई की कमी को पूरा कर देता है पर कभी कभी ज्यादा खुराक की आवश्यकता हो सकती है।
जिन बच्चों और वयस्कों में जेनेटिक रूप से ये कमी होती है उन्हें विटामिन ई की उच्च खुराक की आवश्यकता होती है। इस कमी का पता जल्दी चल जाने से यह न्यूरोलॉजिकल लक्षणों को रोक सकता है।
प्रिय पाठकों विटामिन ई की कमी होने के कई लक्षण है, जो हमने इस लेख में पूरे विस्तार से बता दिया है। साथ ही इस लेख में विटामिन ई के होने के मुख्य कारण भी बता दिया है और इस लक्षण को आसानी से पहचाना भी जा सकता है। साथ ही ये लेख अगर आपको पसंद आया है, तो आज ही अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ जरूर साझा करें। ताकि वो भी विटामिन ई से होने वाली सभी समस्याएं आसानी से जान सके। साथ ही अपनी बात हमें कमेंट बॉक्स में लिख सकते है, जिसका हमें बेसब्री से इंतज़ार रहता है।
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