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राशि चक्र: जानिए क्या खाने से बदल जाएगी आपकी ज़िंदगी

Himanshu Pareek | जनवरी 28, 2021

ज्योतिष गणना और राशि अध्ययन हमेशा से ही भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार ब्रह्मांड में  ग्रहों की चाल व दशा का प्रभाव हमारे व्यक्तित्व, स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन, शिक्षा, नौकरी इत्यादि सभी क्षेत्रों में पड़ता है और यही कारण है कि कोई भी शुभ काम जैसे की विवाह, व्यवसाय, यात्रा आदि की शुरुआत से पूर्व शुभ महुर्त निकाला जाता है। ग्रहों की चाल और सितारों की स्थिति की गणना करने वाले ज्योतिष विद्वानों को किसी भी व्यक्ति का भूत-भविष्य बताने में समर्थ माना जाता है पर ज्योतिष गणना सिर्फ़ भविष्य देखने और महुर्त निकालने तक ही सीमित नहीं है। ज्योतिष विषय के विद्वानों की मानें तो ज्योतिष विज्ञान के नियमानुसार अपनी जीवन शैली में और ख़ासतौर पर अपने खानपान की आदतों में थोड़े-बहुत बदलाव करके हम ग्रहों को अपने अनुकूल बना सकते हैं और एक सुखी जीवन जी सकते हैं।

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ अपने रंग, स्वाद, प्रकृति व गुणों के आधार पर एक निश्चित ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं और चूँकि ग्रह राशियों के स्वामी होते हैं इसलिए उन पदार्थों के सेवन का प्रभाव अलग-अलग राशि के व्यक्तियों पर अलग-अलग तरह से पड़ता है। ज्योतिष विज्ञान यह भी मानता है कि विभिन्न राशि के व्यक्तियों की भोजन करने की आदतें और उसे पचाने की शक्ति एक-दूसरे से अलग होती है और इसलिए एक निश्चित राशि के जातक के लिए, एक निश्चित प्रकार का आहार ही उचित होता है।

इस आर्टिकल में हम आपको बता रहे है ज्योतिष विज्ञान के अनुसार किस राशि के व्यक्ति की भोजन प्रवृत्ति और स्वास्थ्य स्थिति कैसी होती है और अपनी राशि के अनुसार किस प्रकार का भोजन हमें हमारी पोषण और स्वास्थ्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करना चाहिए। आइए जानते हैं विस्तार से-:

1. मेष राशि

मेष राशि, राशि चक्र की प्रथम राशि होती है। इस राशि के जातकों में मोटापे की समस्या अक्सर देखी जाती है। मेष राशि के जातकों में एक ही बार में ही पर्याप्त भोजन ग्रहण करने के स्थान पर थोड़े-थोड़े अंतराल पर हल्का-फुल्का भोजन करने की प्रवृत्ति देखी जाती है और इस हल्के-फुल्के भोजन में अधिकतर जंक फ़ूड जैसे कि चिप्स, नमकीन अथवा फ़ास्ट-फ़ूड मौजूद होता है और परिणामस्वरूप वे मोटापे की समस्या से घिर जाते हैं। मेष राशि के जातकों को अपने भोजन में वसायुक्त पदार्थों से ज़्यादा प्रोटीन युक्त पदार्थ शामिल करने चाहिए जिससे उनका मोटापा नियंत्रित हो सके और साथ ही शरीर और मस्तिष्क को आवश्यक पोषण मिल सके

ज्योतिषानुसार मेष राशि का स्वामी मंगल ग्रह होता है और हमारे भोजन में इसका प्रतिनिधित्व पिसी हुई लाल मिर्च के द्वारा किया जाता है। ऐसे में बेहतर स्वास्थ्य और ग्रह मज़बूती के लिए मेष राशि के जातक भोजन में पर्याप्त मात्रा में लाल मिर्च लेना प्रारम्भ कर सकते हैं। आहार की यदि बात की जाए तो मेष राशि के जातकों के लिए शरीर में प्रोटीन की आपूर्ति हेतु तरह-तरह के फल व सब्ज़ियाँ जैसे केले, अंजीर, राजमा, छोले, पालक, गोभी, खीरा, कद्दू, अंकुरित अनाज, चावल, दाल, और अखरोट आदि का सेवन उचित रहता है। मेष राशि के जातकों को सेहतमंद बाने रहने के लिए अत्यधिक तले-भुने खाने से दूर रहना चाहिए।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि, राशि चक्र की द्वित्य और महत्वपूर्ण राशि है। वृषभ राशि से सम्बंधित मनुष्य भोजन को भूख व पोषण से अधिक स्वाद के अनुरूप ग्रहण करते हैं। इस राशिवर्ग के लोगों का खाते-खाते पेट तो भर जाता है पर मन नहीं भरता, जिसका नतीजा होता है पाचन तंत्र की समस्याएँ। वृषभ राशि के जातकों को स्वादिष्ट भोजन से ज़्यादा सेहतमंद पदार्थ खानें की सलाह ज्योतिष विज्ञान में दी जाती है।

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वृषभ राशि वालों को अपने भोजन में पौष्टिक सब्ज़ियों जैसे कद्दू, फ़ूलगोभी, ककड़ी, मटर, बादाम आदि को अवश्य शामिल करना चाहिए। वृषभ राशि के लोग मीठे के भी अत्यधिक शौक़ीन माने जाते हैं और इससे उनके शरीर में डायबिटीज़, मोटापा और उच्च रकतचाप जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, अतः इस राशि के जातकों को प्रयास करना चाहिए कि वे मीठे के सेवन में धीरे-धीरे कमी लायें।

3. मिथुन राशि

ज्योतिष विज्ञान के वर्गीकरण के अनुसार मिथुन राशि के लोग अक्सर तंदरूस्त और फ़ुर्तीले होते हैं। इस राशि से सम्बंधित लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद सजग होते हैं और पौष्टिक भोजन करने के साथ-साथ पर्याप्त व्यायाम पर भी ध्यान देते हैं और नतीजन मोटापा इनसे कोसों दूर रहता है। हालंकि मिथुन राशि के जातक शरीर से तो चुस्त-दुरुस्त रहते हैं पर माना जाता है कि वे मानसिक रूप से अधिक मज़बूत नहीं होते और अक्सर तनाव से घिर जाते हैं।

अपने दिमाग़ को शांत रखने के लिए मिथुन राशि के जातकों को ठंडी तासीर के खाद्य पदार्थ जैसे सेब, संतरे, अंगूर, दही, छाछ इत्यादि का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। इसके अलावा कैफ़ीन युक्त एवं मादक पदार्थों का सेवन मिथुन राशि के जातकों को कम से कम अथवा बिल्कुल नहीं करना चाहिए क्यूँकि इन पदार्थों के शरीर और मस्तिष्क पर नकारात्मक प्रभाव ही पड़ते हैं। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार मिथुन राशि का स्वामी बुध होता है और इसका प्रतिनिधित्व भोजन में पिसे हुए धनिए के द्वारा होता है, इसलिए मिथुन राशि के जातक को अपने भोजन में पिसा हुआ हरा धनिया अवश्य शामिल करना चाहिए।

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4. कर्क राशि

कर्क राशि के लोग आमतौर पर बेहद मनमौजी होते हैं और यही बात उनकी भोजन करने की प्रवृत्ति में भी देखी जा सकती है। इस राशि के अधिकतर लोग भोजन अपनी भावनाओं के अनुसार करते है। जैसे कभी अत्यधिक ख़ुश होनें पर अधिक भोजन कर लेते हैं वहीं उदास होने पर बिल्कुल भी नहीं। भोजन की मात्रा की यह अनियमितता कई बार कर्क राशि के जातकों के लिए पाचन तंत्र की समस्याओं का कारण बन जाती है। ऐसी समस्याओं के बचने के लिए इस राशि के जातकों को फ़ाइबर युक्त खाद्य पदार्थों जैसे ककड़ी, कद्दू, पत्तागोभी, शलजम, सलाद, मशरुम, दाल, गुड़ आदि का सेवन करना चाहिए। कर्क राशि के जातकों में डीहायड्रेशन की समस्या भी देखी जाती है अतः इन्हें ख़ूब पानी पीना चाहिए। इस राशि का स्वामी चंद्रमा होता है और इसमें जन्में लोग अपने भोजन में सौंफ़ और काली मिर्च शामिल करके स्वास्थ्य लाभ पा सकते है। कर्क राशि के जातकों को यह भी प्रयास करना चाहिए कि जहाँ तक सम्भव हो, भोजन शांत वातावरण में ही करें।

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5. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के स्वास्थ्य की बात की जाए तो ज्योतिष विज्ञान के अनुसार इन्हें अपने जीवनकाल में आँख, ह्रदय और हड्डी सम्बंधी रोग होने कि सम्भावना अधिक होती है, इसलिए बचाव हेतु इस राशि के लोगों को ऐसा भोजन करना चाहिए जिसमें विटामिन, प्रोटीन, और कैल्शियम तो भरपूर मात्रा में उपलब्ध हो परंतु वसा की मात्रा कम रहे। अंडा, अंजीर, नींबू, नारियल, मछली, आड़ू और सेब आदि का सेवन सिंह राशि के जातकों के लिए अच्छा रहता है। सिंह राशि के जातकों के लिए बकरी के दूध का सेवन भी सर्वोत्तम माना जाता है। इस राशि का स्वामी सूर्य होता है एवं भोजन में उसका प्रतिनिधित्व पिसे हुए नमक द्वारा होता है, इसलिए सिंह राशि के जातकों को अपने भोजन में नमक की मात्रा पर्याप्त रखनी चाहिए।

6. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों की ये ख़ास बात है कि वे अक्सर जन्म से ही चंचल स्वभाव के होते हैं और यही चंचलता उनकी भोजन लेने की प्रवृत्ति में भी देखी जाती है। इस राशि के जातक नियमित रूप से अपनी आहार योजना बनाते और बदलते रहते हैं। ज्योतिष वर्गीकरण के हिसाब से कन्या राशि के लोगों में मोटापे की समस्या तो अधिक नही देखी जाती परंतु इनकी पाचन शक्ति थोड़ी कमज़ोर होती है। विद्वान इस राशि के लोगों को हल्के भोजन पदार्थ जैसे नींबू, बादाम, अंडे, वसा रहित माँस, गेहूँ आदि के सेवन की सलाह देते हैं। चूँकि कन्या राशि के जातकों की पाचन शक्ति अधिक नहीं होती इसलिए इन्हें ताज़ा भोजन ही करना चाहिए और बाज़ार के तले-भुने भोजन से जहाँ तक हो सके, बचना चाहिए। इस राशि का स्वामी बुध होता है और मिथुन राशि के जातकों की तरह ही कन्या राशि वालों को भी भोजन में पिसा धनिया खाने से स्वास्थ्य और ग्रह का लाभ होता है।

7. तुला राशि

तुला राशि के जातक ज्योतिष विज्ञान के अनुसार हष्ट-पुष्ट होते हैं तथा बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के धनी होते हैं, परंतु नए-नए और ख़ासतौर पर मीठे व्यंजन खाने की आदत इनकी परेशानी का कारण बन सकती है। इस राशि के जातकों को डायबिटीज़ और किडनी की समस्याओं का ख़तरा अधिक रहता है इसलिए इन्हें अधिक मीठे भोजन से बचना चाहिए। रक्त में शर्करा की मात्रा अत्यधिक न हो जाए इसलिए इन्हें पौष्टिक पदार्थ जैसे बादाम, मटर के दाने, चुकंदर, जई का आटा, सेब, पालक, किशमिश आदि का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए। तुला राशि के जातकों के लिए समुंद्री भोजन भी लाभदायक सिद्ध होता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए तुला राशि के जातक को कोल्ड-ड्रिंक्स एवं मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए तथा पानी भी शुद्ध किया हुआ ही पीना चाहिए।

8. वृश्चिक राशि

इस राशि के लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं से कम तथा भावनात्मक समस्याओं से अधिक जूझना पड़ता है और उसका प्रमुख कारण होता है अपने आपको अभिव्यक्त कर पाने में असमर्थता। ज्योतिष विज्ञान अनुसार इस वर्ग के लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज़बरदस्त होती है और उसे बनाए रखने के लिए इन्हें प्रोटीनयुक्त भोजन के सेवन की सलाह दी जाती है। दूध से बने खाद्य पदार्थ जैसे छाछ, दही, पनीर आदि के साथ-साथ विटामिन से भरपूर अखरोट, बादाम, अनानास, कमल ककड़ी, खट्टे फल और समुंद्री भोजन का प्रयोग इस राशि के जातकों के लिए सर्वोत्तम होता है। वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल होता है और इस राशि में जन्में लोगों के लिए भोजन में मेथी और पिसी लाल मिर्च का नियमित सेवन लाभकारी होता है।

9. धनु राशि

ज्योतिषियों के अनुसार धनु राशि के जातकों की कर्मठ और जूझारू होने की सम्भावना अन्य राशियों के जातकों से अधिक होती है।धनु राशि के जातकों को ऊर्जा से भरपूर आहार लेने की सलाह दी जाती है। राशियों के स्वास्थ्य वर्गीकरण के अनुसार इस राशि के जातकों को ध्यान रखना चाहिए की उनके आहार में वसा की अधिक मात्रा में न हो क्यूँकि धनु राशि में जन्में लोगों का यकृत यानी की लीवर कमज़ोर माना जाता है जिससे उनकी पाचन क्षमता प्रभावित होती है। इस राशि के जातकों को अपने लीवर को तंदरूस्त रखने के लिए ख़ूब पानी पीना चाहिए और रसीले फल जैसे संतरे, बेर, एवं ठंडी तासीर के खाद्य पदार्थ जैसे दही, छाछ, गन्ने का रस एवं अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए।यहाँ से जानिए खाद्य पदार्थ जो रखेंगे आपके लीवर का ख़ास ध्यान। धनु राशि का स्वामी गुरु होता है और राशि अध्ययन के अनुसार हल्दी का उपयोग इस राशि के जातकों के लिए लाभकारी होता है।

10. मकर राशि

मकर राशि के जातक का स्वभाव स्वास्थ्यपूर्ण भोजन प्रणाली पर चलना होता है। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार इस राशि से सम्बंधित लोग समय पर खाते हैं और पर्याप्त मात्रा में खाते हैं। इनके भीतर स्वाद की अधिक लालसा नहीं होती और ज़रूरत पड़ने पर एक ही तरह का पौष्टिक भोजन ये रोज़ भी खा सकते हैं। हालाँकि फिर भी मकर राशि के जातकों में त्वचा रोग, पथरी की समस्या, और पाचन सम्बंधी समस्याएँ सामान्यतः देखी जा सकती है इसलिए इन्हें भारी और तैलीय भोजन लेने से बचना चाहिए। फल व सब्ज़ियों का अधिक सेवन मकर राशि में जन्में लोगों का सौंदर्यवर्धन और स्वास्थ्यवर्धन करता है। मकर राशि का स्वामी शनि होता है और काली मिर्च के सेवन से इस राशि के जातक लाभान्वित होते हैं।

11. कुम्भ राशि

ज्योतिष वर्णन के हिसाब से कुम्भ राशि के जातक अपने जीवन में अनेकों स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं का सामना कर सकते हैं और इसलिए इस राशि के लोगों को पौष्टिक आहार पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। समुंद्री भोजन, प्रोटीन से भरपूर अंकुरित अनाज, अंडे, ऊर्जा से भरे फल जैसे आड़ू, नाशपाती, अंजीर, नींबू, खजूर, अनार एवं विटामिन से भरपूर मूली, टमाटर, तथा अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन इस राशि के जातकों को लाभ पहुँचाता है। विषाक्त मादक पदार्थों से इस राशि के लोगों को हर हाल में दूर रहना चाहिए अन्यथा गम्भीर परिणाम हो सकते हैं। कुम्भ राशि का स्वामी भी शनि ही है अतः इस राशि के जातक स्वास्थ्य लाभ एवं ज्योतिष लाभ के लिए काली मिर्च का सेवन कर सकते हैं।

12. मीन राशि

मीन राशि में जन्में जातक ज्योतिष विज्ञान के अनुसार अन्य राशियों में जन्में व्यक्तियों की तुलना में निर्बल होते है। इस राशि से संबंधित लोग अधिकतर समय जंक फ़ूड का सेवन करते हैं तथा भावुकता में मादक पदार्थों की ओर भी आसानी से आकर्षित हो जाते हैं। अपने आपको शारीरिक और मानसिक रूप से मज़बूत बनाने के लिए मीन राशि वालों को प्रोटीन, वसा एवं फ़ाइबर युक्त संतुलित आहार लेना चाहिए। रसीले फलों के सेवन से इनके शरीर में जल की आपूर्ति होती है जो कि इनके मस्तिष्क को शांत रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। मीन राशि के जातकों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम होती है परंतु चिकन, राजमा, गेहूँ, संतरे, चुकंदर, सलाद, प्याज, सेब इत्यादि के उपयोग से वे अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। मीन राशि का स्वामी गुरु होता है अतः इस राशि के जातकों को पिसी हल्दी के सेवन से लाभ प्राप्त होता है।

ज्योतिष विज्ञान के अनुसार हमारी राशियों के स्वामी ग्रह और उनसे सम्बंधित खाद्य पदार्थों का सेवन हमारे शरीर पर ख़ास प्रभाव डालते हैं। अगर हमें अपनी राशि, राशि के अनुरूप हमारी स्वास्थ्य प्रकृति और हमारे स्वास्थ्य के अनुकूल आहार का ज्ञान होगा तो हम उसी तरह का भोजन करके अपने स्वास्थ्य को और बेहतर बना पाएँगे। इस आर्टिकल में हमनें विभिन्न राशियों और उनके जातकों के अनुकूल खाद्य पदार्थों पर चर्चा की। कैसा लगा आपको हमारा ब्लॉग, हमें बताइए, साथ ही इसे शेयर कीजिए अपने दोस्तों और मित्रजनों के साथ। ऐसी ही रोचक जानकारियों और खानपान की नई-नई रेसिपीज़ के लिए जुड़े रहिए BetterButter से।

 

 

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Himanshu Pareek

हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।

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