Home / Top Cooking Recipes in Hindi / Hariyali Teej 2023: जानिए क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज और कौनसे पकवान बनते हैं?
सावन के महीने का हिन्दू कैलेंडर में काफी महत्व माना जाता है। इस मास में आने वाले त्यौहारों का अपना विशेष महत्व होता है, और सावन का एक ऐसा ही त्यौहार है हरियाली तीज का त्यौहार। हरियाली तीज को हरतालिका तीज भी कहा जाता है। हरियाली तीज 2023 (Hariyali Teej 2023) यूं तो 18 सितंबर को मनाई जाएगी, पर इसके लिए तैयारियां अभी से शुरू हो चुकी हैं।
हरियाली तीज उत्तर भारत के सबसे बड़े त्यौहारों में से एक माना जाता है। इस अवसर पर महिलाएं अपने पति और अपनी संतान की जीवनपर्यंत खुशी, सेहत और समृद्धि के लिए उपवास करती हैं तथा अपने घर पर ईश्वर की कृपा बने रहने की प्रार्थना करती हैं। आस्था के साथ साथ यह त्यौहार मौज-मस्ती का भी है। तीज आने तक सावन की बारिश से आसपास का वातावरण काफी हरा-भरा और ठंडा हो जाता है।
इस अवसर पर गांव व शहरों में झूले डाले जाते हैं तथा इस खूबसूरत मौसम के आनंद को बढ़ाने के लिए मीठे और नमकीन पकवान बनाए जाते हैं। विवाहित स्त्रियों के लिए तीज का त्यौहार बहुत मायने रखता है पर कई बार इस त्यौहार की पूजा की विधि, व्रत की कथा और इस विशेष अवसर पर कौनसी चीज़े बनानी चाहिए, इसे लेकर कई प्रश्न हो सकते हैं। इस तीज स्पेशल आर्टिकल में हम आपसे शेयर करेंगे तीज के व्रत की संपूर्ण जानकारी तथा इस अवसर पर बनाए जाने वाले विशेष पकवानों की विधि। तो आइए जानते हैं विस्तार से।
Table of Contents
हरियाली तीज सावन मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए जब माता पार्वती ने कठोर तपस्या की थी, तो इसी दिन उन्हें भगवान शिव की वर के रूप में प्राप्ति हुई थी। इसलिए इस दिन कुंवारी लड़कियां तथा विवाहित स्त्रियां उपवास रखती हैं, और मनचाहे पति को प्राप्त करने व अपने वैवाहिक जीवन में सौभाग्य की कामना करती हैं। माना जाता है कि जो कुंवारी कन्या इस व्रत को करती हैं उनकी शादी में आने वाली सभी अड़चनें दूर हो जाती हैं।
Hariyali Teej 2023: हरतालिका तीज आस्था और खुशियों का त्यौहार है। इन त्यौहार से एक रात पहले महिलाएं हाथ-पैरों में मेहंदी लगाती हैं। इस त्यौहार की पूजा के लिए महिलाएं प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान के पश्चात सोलह श्रृंगार करती हैं एवं केलों के पत्तों से तैयार मंडप में भगवान शिव व पार्वती की प्रतिमा स्थापित करके पूजा करती हैं।
इस दौरान पार्वती जी को सुहाग का सामान भेंट में चढ़ाया जाता है जिसमें चूड़ी, बिछिया, काजल, बिंदी, कुमकुम, मेहंदी, सिंदूर, कंघी, सुहाग पिटारी आदि चीजें शामिल होती हैं। इसके बाद पूजन सामग्री से विधिवत भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा की जाती है और शिव-पार्वती विवाह की कथा सुनी जाती है। कई महिलाएं तीज पर निर्जला उपवास भी रखती हैं, जो कि अगली सुबह किसी सुहागिन महिला को पार्वती जी पर चढ़ाई सुहाग सामग्री का दान करके खोला जाता है।
हरियाली तीज की कथा मां पार्वती और भगवान शिव के विवाह से संबंधित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव के प्रेम में मां पार्वती ने उन्हें पाने के लिए कई वर्षों की कड़ी तपस्या की। इस दौरान उन्होंने अन्न-जल का त्याग कर दिया और काफी समय तक वे सिर्फ सूखे पत्ते और हवा के दम पर ही जीवित रही।
इसके बाद तीज के दिन उन्होंने रेत से शिवलिंग बनाकर भगवान शिव की रातभर स्तुति की और उनकी कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने मां पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। तब से ही हरियाली तीज (Hariyali Teej 2023) मनाने की परंपरा चली आ रही है, और इस व्रत को कुंवारी स्त्रियों को मनचाहा वर दिलाने और विवाहित स्त्रियों के जीवन में खुशियां भरने वाला माना जाता है।
Hariyali Teej Recipes 2023: हरियाली तीज आस्था के साथ साथ मौज-मस्ती का भी त्यौहार है। इस अवसर पर मौसम काफी खुशनुमा होता है तथा मन प्रसन्न रहता है। तीज के अवसर पर महिलाएं खुशियों भरे तीज के गीत गाती हुई झूला झूलती हैं तथा इस विशेष दिन विभिन्न तरह के पकवान बनाए जाते हैं। वैसे भी कोई भी त्यौहार खाने पीने की चीजों के बिना तो अधूरा ही रहता है, इसलिए इस तीज स्पेशल आर्टिकल में आगे हम जानेंगे तीज के वो खास पकवान, जो बना देंगे आपके तीज के त्यौहार को एकदम यादगार।
सावन के महीने में हलवाई की दुकान के आस-पास से निकलते हुए आपने घेवर जरूर देखा होगा, और इस खूबसूरत सी दिखने वाली स्वादिष्ट मिठाई को देखकर आपके मन में यह सवाल जरूर आया होगा कि घेवर कैसे बनता है। घेवर तीज के लिए एक सिग्नेचर डिश है, जिसे मैदा, दूध, चीनी, घी और मेवों के मिश्रण से बनाया जाता है। भले ही यह रेसिपी बनाने में थोड़ी मुश्किल हो तीज के इस पावन त्यौहार पर घेवर बनाना तो बनता है, इसलिए घेवर बनाने की पूरी विधि आप यहां से देख सकते हैं।
हरियाली तीज के अवसर पर बनाने के लिए केसरिया भात भी एक अच्छी मिठाई है और इसे इस त्यौहार पर पारंपरिक रूप से बनाया जाता है। केसरिया भात बनाने के लिए आपको हल्दी, चीनी, लौंग और चावल की आवश्यकता होती है। केसरिया भात बनने में समय ज्यादा नहीं लगता और यह खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ काफी हेल्दी भी होता है। केसरिया भात बनाने की रेसिपी आप यहां से देख सकते हैं।
मावे के लड्डू भी तीज पर बनाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं। इन्हें बनाना भी बहुत आसान होता है। इसके लिए आपको सिर्फ ताजे मावे, मोटे बूरे, इलायची पाउडर किशमिश एवं कुछ ड्राई फ्रूट्स की आवश्यकता होती है। इन सभी चीजों को एक-साथ मिलाकर और उसे अपने हाथों से लड्डू का आकार देकर आप स्वादिष्ट मावे के लड्डू का आनंद उठा सकते है।
तीज के त्यौहार का महत्व राजस्थान में सबसे अधिक होता है, ऐसे में आप राजस्थान की फेमस डिश दाल-बाटी भी तीज के त्यौहार पर बना सकते हैं। यह एक प्रॉपर डिनर है जिसे गेहूं के आटे, दाल और विभिन्न मसालों के संयोजन से बनाया जाता है। दाल-बाटी का स्वाद बढ़ाने के लिए आप दाल-बाटी-चूरमा भी ट्राई कर सकते हैं।
तीज के मौके पर बनाने के लिए काजू कतली भी एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। इसे बनाने के लिए आपको पैसे हुए काजू के अलावा चीनी केसर पानी इलायची और कुछ अन्य सूखे मेवों की आवश्यकता होती है। इसे बनाना बहुत आसान है और यह मिठाई घर में लगभग सभी को पसंद आ जाती है। काजू कतली बनाने की संपूर्ण विधि आप यहां से देख सकते हैं।
आस्था से भरपूर तीज के त्यौहार में आप थोड़ी सी मिठास और भर सकते हैं अगर आप इस दिन मालपुए बना लें। मालपुआ बनाने के लिए आपको सौंफ, दूध, मैदा और सूजी की आवश्यकता मुख्य रूप से होती है। इसके अलावा आपको इसकी चाशनी बनाने के लिए चीनी, इलायची पाउडर, और पानी चाहिए होता है। मालपुआ बनाना बेहद आसान है और इसे बनाने की पूरी रेसिपी आप यहां से देख सकते हैं।
कुछ महिलाएं तीज के व्रत के दौरान फलाहारी उपवास करती हैं ऐसे में वे समा के चावल की खीर खा सकती हैं। इसे बनाने के लिए आपको समा के चावल के अतिरिक्त दूध, चीनी, और कुछ ड्राई फ्रूट्स की आवश्यकता होती है। इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर पकाना होता है और स्वादिष्ट समा के चावल की खीर तैयार हो जाती है। इसकी पूरी रेसिपी आप यहां से देख सकते हैं।
अगर सावन के महीने में आपका कुछ चटपटा खाने का मन है, तो आप दाल की कचौरी ट्राई कर सकते हैं। इसे मैदा में मूंग की दाल का मसाला भरकर और फिर तेल में डीप फ्राई करके तैयार किया जाता है। दाल की कचौरी की पूरी रेसिपी आप यहां से देखिए।
पूरी, सब्जी और खीर किसी भी त्यौहार के लिए हमेशा बेस्ट विकल्प होता है। सावन के महीने में कोई त्यौहार आए और ठंडे मौसम में गरमा-गरम पूरी खाने को मिल जाए तो क्या ही बात होगी। यह मीठे और तीखे खाने का परफेक्ट कांबिनेशन भी है। अगर सुनकर ही आपके मुंह में पानी आने लगा तो पूरी, सब्जी और खीर बनाने की पूरी रेसिपी यहां से देख लीजिए।
राजस्थानी सत्तू तीज के अवसर पर बनाई जाने वाली एक विशेष मिठाई है, जिसे सिके हुए बेसन, चीनी, घी और बादाम के मिश्रण से तैयार किया जाता है। मुख्य रूप से पश्चिमी राजस्थान में यह पकवान तीज के अवसर पर विशेष रूप से बनाया जाता है। इसे बनाने की पूरी रेसिपी आप यहां से देख सकते हैं।
हरियाली तीज 2023 (Hariyali Teej 2023) करीब है और इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी है। इस तीज स्पेशल आर्टिकल में हमने आपसे तीज का महत्व, तीज की कथा और हरियाली तीज की रेसिपीज़ शेयर की। कैसा लगा आपको यह आर्टिकल हमें बताइए, और इसे शेयर कीजिए अपने दोस्तों व परिवारजनों के साथ। ऐसी ही बेहतरीन रेसिपीज और नई-नई जानकारी के लिए जुड़े रहिए Better Butter के साथ।
यह जरूर पढ़िए:
Hariyali Teej 2022: जानिए क्यों मनाई जाती है हरियाली तीज और कौनसे पकवान बनते हैं?
इस तीज पहने फूलों से बने आभूषण
Badam Halwa Recipe: हरतालिका तीज पर बनाएं स्पेशल बादाम हलवा, यहां जानें रेसिपी
Image Source: Google Images (https://www.google.com/imghp?
Disclaimer-: BetterButter इस ब्लॉग में प्रकाशित किसी भी चित्र अथवा वीडियो का आधिकारिक दावा नहीं करता है। इस ब्लॉग में सम्मिलित दृश्य-श्रव्य सामग्री पर मूल रचनाकार के अधिकार का हम पूरा सम्मान करते है तथा प्रकाशित रचना का उचित श्रेय रचनाकार को देने का पूर्ण प्रयास करते है। अगर इस ब्लॉग में सम्मिलित किसी भी चित्र या वीडियो पर आपका कॉपीराइट है और आप उसे BetterButter पर नहीं देखना चाहते तो हमसे संपर्क करें। उक्त सामग्री को ब्लॉग से हटा दिया जायेगा। हम किसी भी सामग्री के लेखक, फोटोग्राफर एवं रचनाकार को उसका पूरा श्रेय देने में विश्वास करते है।
हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।
COMMENTS (0)