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Sawan Shivratri 2021: जानिए सावन शिवरात्रि का महत्व और सावन शिवरात्रि की रेसिपीज़

Himanshu Pareek | अगस्त 6, 2021

सावन का महीना आने के साथ ही सावन शिवरात्रि 2021 (Sawan Shivratri 2021) की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। सावन शिवरात्रि में विशेष रूप से भगवान शिव की पूजा की जाती है और फलाहार किया जाता है। हालांकि कुछ लोग सावन शिवरात्रि के व्रत की विधि और इस दौरान बनाई जाने वाली रेसिपीज़ के बारे में कंफ्यूज हो सकते हैं, इसलिए इस आर्टिकल में हम जानेंगे सावन शिवरात्रि का महत्व और सावन शिवरात्रि की रेसिपीज़। आइये जानते हैं विस्तार से। 

सावन शिवरात्रि का महत्व 

हर वर्ष में कुल मिलाकर 12 शिवरात्रियां आती हैं, जिनमें से महाशिवरात्रि और सावन शिवरात्रि का अत्यंत महत्व होता है। अगर आप सोच रहे हैं कि सावन की शिवरात्रि कब है, तो आपको बता दें कि Sawan Shivratri 2021 अगस्त महीने की 6 तारीख को मनाई जाएगी। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष के चौदहवें दिन मासिक शिवरात्रि होती है। हालांकि सावन शिवरात्रि का अपना विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव ने समुंद्र मंथन से निकला विष अपने कंठ में धारण किया था। सावन शिवरात्रि पर उपवास करने वाले और भगवान शिव की विधिवत पूजा करने वाले साधक पर भगवान शिव की विशेष कृपा होती है। इस दिन भगवान शिव के नाम का उपवास करने से दुख-दर्द दूर होते हैं और खुशियों की प्राप्ति होती है।  

सावन शिवरात्रि व्रत विधि

सावन शिवरात्रि व्रत में दिन में शिव परिवार की पूजा की जाती है तथा रात में भगवान शिव के नाम का जागरण किया जाता है। इस दिन उपवास करने लोगों को प्रातः काल उठकर एवं स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान शिव को गाय का दूध, गंगाजल, भांग, धतूरा, सफेद चंदन, पुष्प आदि अर्पित करके उनकी आरती करनी चाहिए। माता पार्वती को भी पूजा के दौरान धूप, पुष्प, फल, अक्षत आदि के साथ सुहाग सामग्री भेंट करनी चाहिए। सावन शिवरात्रि के उपवास के दौरान सिर्फ फलाहार लेना चाहिए। 

शिवरात्रि के व्रत में क्या खाएं? 

शिवरात्रि का व्रत आस्था का त्यौहार है। इस व्रत के दौरान सात्विक फलाहार का सेवन किया जाना चाहिए। शिवरात्रि के व्रत के दौरान माँस-मदिरा आदि का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। पर ऐसा नहीं है कि आप शिवरात्रि के व्रत में कुछ टेस्टी नहीं खा सकते। इस आर्टिकल में आगे हम शेयर करेंगे शिवरात्रि के व्रत की ऐसी फलाहारी रेसिपीज़, जो हैं एकदम टेस्टी और हेल्दी। आइये जानते हैं विस्तार से-: 

1. साबूदाना के पकौड़े

Sabudana Pakoda

साबूदाना व्रत के दौरान बनाने के लिए हमेशा बहुत ही टेस्टी और हेल्दी व्यंजन होता है। इस बार सावन की शिवरात्रि के दौरान आप साबूदाने के पकौड़े ट्राई कर सकते हैं। इन पकौड़े को बनाने के लिए आपको साबूदाना, आलू, हरी मिर्च, रिफाइंड और सेंधा नमक की आवश्यकता होती है। इन्हें बनाने के लिए सबसे पहले भीगे हुए साबूदाना को अच्छे से उबले आलू के साथ मसलना होता है, और इसके बाद इसमें सभी मसाले मिलाकर इसे अच्छे से रिफाइंड में डीप फ्राई करना होता है। यह फलाहारी रेसिपी हरी चटनी के साथ अत्यंत स्वादिष्ट लगती है। साथ ही आप साबूदाना राजगिरे के पकौड़े भी ट्राई कर सकते हैं। 

2. शाही फलाहारी चाट

Falahari Chat

सावन की शिवरात्रि के व्रत पर बनाने के लिए आप शाही फलाहारी चाट भी आजमा सकते हैं। इस चाट को साबूदाने के अलावा मूंगफली के दाने, पतले कटे हुए आलू, बादाम, काजू, किशमिश, सेंधा, नमक, काली मिर्च, चीनी, नींबू का रस एवं अन्य सामग्री से बनाया जाता है। इस चाट को तैयार करने के लिए आपको सारी सामग्री को घी में तलना होता है और उसके बाद इसे नींबू का रस, चीनी, सेंधा नमक व काली मिर्च डालकर सर्व करना होता है।

3. फलाहारी हांडवो

Falahari Handwo

फलाहारी हांडवो व्रत की एक टेस्टी और हेल्दी रेसिपी है। इसे बनाने के लिए आपको मुख्य रूप से साबूदाना पाउडर और समा चावल का पाउडर चाहिए होता है। इसके बाद इसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियां जैसे गाजर, खीरा, टमाटर, धनिया पत्ती आदि को मिलाया जाता है और स्वाद बढ़ाने के लिए विभिन्न मसाले जैसे जीरा पाउडर, अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ता आदि की आवश्यकता होती है। छाछ के प्रयोग से इस व्यंजन में टैंगी फ्लेवर भी बना रहता है।

4. आलू घीया का फलाहारी चीला

Falahari Cheela

आमतौर पर व्रत के दौरान लोगों को पेट अच्छे से ना भरने की शिकायत रहती है, पर अगर आप आलू घीया का फलाहारी चीला ट्राई करेंगे तो आपका पेट भी आसानी से भर जाएगा और टेस्ट में भी कमी नहीं होगी। इसे बनाने में कुट्टू के आटे, आलू, घीया, घी एवं विभिन्न मसालें काम में आते हैं। इस चीले को आप दही अथवा चटनी के साथ खा सकते हैं। 

5. सिंघाड़े के आटे की पूरी

Singhade Ki Poori

सिंघाड़े के आटे की पूरी एक बेहतरीन फलाहारी डिश है जिसे खाकर आसानी से पेट भरा जा सकता है। इस रेसिपी को बनाने के लिए सिंघाड़े के आटे में उबला व कसा हुआ आलू मिलाया जाता है। इस मिश्रण में स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर इसे पूरियों का आकार देकर देसी घी में तलना होता है। स्वादिष्ट सिंघाड़े के आटे की पूरियाँ तैयार हो जाएंगी। इसे आप सब्जी, रायते व चटनी के साथ खा सकते हैं। 

6. फलाहारी आलू टिक्की

Falahari Tikka

सावन की शिवरात्रि के व्रत के दौरान फलाहारी चटपटी आलू टिक्की का लुत्फ उठा सकते हैं। इस टिक्की को तैयार करने  के लिए आपको उबले हुए आलू के अलावा, दही, कुट्टू के आटे, सेंधा नमक, काली मिर्च, भुने हुए तिल व तलने के लिए तेल की आवश्यकता होती है। सारी सामग्री को अच्छे से मिक्स करके उसकी कटे हुए आलू पर कोटिंग करनी होती है और तेल में तलना होता है। इस तरह फलाहारी आलू टिक्की तैयार होती है। फलाहारी आलू टिक्की की पूरी रेसिपी आप यहां से देख सकते हैं। 

7. फलाहारी कुल्फी

Falahari Kulfi

सावन की शिवरात्रि के समय मौसम गर्मी का होता है ऐसे में आप फलाहारी कुल्फी भी इस व्रत में ट्राई कर सकते हैं। फलाहारी कुल्फी बनाने के लिए आपको कटी हुई लौकी के साथ आधा कप पिस्ता, दूध, इलायची पाउडर, ड्राई फ्रूट, चीनी और चेरी की आवश्यकता होती है। सबसे पहले आपको दूध में लौकी को डालकर पकाना होता है और उसके बाद इसमें चीनी, ड्राई फ्रूट, अन्य सामग्री डालकर ठंडा करना होता है। इसके बाद तैयार मिश्रण को अच्छे से मिक्सी में चला कर पीस लीजिए, और कुल्फी के सांचे में डालकर बाद फ्रिज में जमने रख दीजिए। फलाहारी कुल्फी तैयार हो जाएगी। 

8. फलाहारी सिंघाड़ा आलू

Falahari Singhada Aloo

फलाहारी सिंघाड़ा आलू एक टेस्टी सब्जी है जिसे आप स्नैक के रूप में चाय के साथ अथवा पूरी के साथ खा सकते हैं। इस सब्जी को बनाने के लिए हमें ताज़े सिंघाड़े, कटे हुए आलू, हरी मिर्च, जीरा, काली मिर्च, सेंधा नमक, घी धनिया पत्ती की आवश्यकता होती है। कढ़ाही में जीरे का तड़का लगाकर आलू व सिंघाड़े को भूनना होता है और फिर मसालें डालकर पकाना होता है। इस सब्जी को आप हरे धनिये के साथ गार्निश करके सर्व कर सकते हैं। 

9. फलों से भरा फलाहारी टार्ट

Falahari Tart

फलाहारी टार्ट एक अनोखी रेसिपी है जिसे बनाने में विभिन्न फलों जैसे अंगूर, केला, स्ट्राबेरी आदि का इस्तेमाल होता है। टार्ट को बनाने के लिए आपको मिश्रित फलहारी आटा, कुट्टू व सिंघाड़े का आटा, मक्खन, नमक व चीनी की आवश्यकता होती है। फलाहारी टार्ट का स्वाद रबड़ी के साथबेहतरीन हो जाता है जिसके लिए हमें दूध, चीनी व केसर के धागे चाहिए होते हैं। ये अनोखी व टेस्टी फलाहारी टार्ट रेसिपी आप यहाँ से देख सकते हैं। 

10. फलाहारी दही पकौड़े

Falahari Stuff Pakoda

सावन की शिवरात्रि के व्रत में यहां फलाहारी दही पकौड़े भी खा सकते हैं। इन पकौड़ो को कुट्टू के आटे में सिंघाड़े के आटे के मिश्रण से बनाया जाता है और उसके बाद तेल में तला जाता है। पकौड़े बनने के बाद इन्हें दही के ऊपर चीनी, काली मिर्च व सेंधा नमक डालकर परोसा जाता है। इनका स्वाद एकदम दही बड़े जैसा होता है। 

11. फलाहारी स्टफ खांडवी

Falahari Khandwi

खांडवी यूँ तो बेसन से बनती है पर फलाहारी खांडवी राजगिरा आटा और अरारोट के आटे से बनती है। इसमें विभिन्न चटपटे मसालों का मिश्रण होता है जो इसे व्रत के लिहाज से बेहद टेस्टी बनाता है। इसे आप हरी चटनी या नारियल की चटनी के साथ परोस सकते हैं। 

12. फलाहारी तिन्ने के चावल की खीर

Tinne Ki Kheer

फलाहारी तिन्ने के चावल की खीर व्रत की लिहाज से बेहतरीन स्वीट डिश है। इसे तिन्ने के चावल, दूध, ड्राई फ्रूट्स, इलायची पाउडर, केसर के धागे और ब्राउन शुगर के प्रयोग से बनाया जाता है। बनने के बाद ये डिश काफी टेस्टी लगती है व इसे आप सामान्य डिनर में भी खा सकते हैं। 

Sawan Shivratri 2021 बस आने ही वाली है। इस आर्टिकल में हमने आपसे सावन शिवरात्रि का महत्व और सावन शिवरात्रि की रेसिपीज़ शेयर की। कैसा लगा आपको हमारा ये आर्टिकल, हमें बताइये, साथ ही इसे शेयर कीजिये अपने दोस्तों और परिवारजनों के साथ। ऐसी ही अनमोल रेसिपीज़ और नई-नई जानकारी के लिए जुड़े रहिये BetterButter के साथ। 

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Himanshu Pareek

हिमांशु एक लेखक हैं और उन्हें खान-पान, आयुर्वेद, अध्यात्म एवं राजनीति से सम्बंधित विषयों पर लिखने का अनुभव है। इसके अलावा हिमांशु को घूमना, कविताएँ लिखना-पढ़ना और क्रिकेट देखना व खेलना पसंद है।

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